मिलिए हिमाचल प्रदेश में यंगेस्ट पार्षद का बिरला रिकॉर्ड बनाने मनीष शर्मा से, 22 साल की उम्र में हुआ था मनोनयन, तीन बार मनोनीत पार्षद बनने का रिकॉर्ड

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कांगड़ा से संजीव कौशल की रिपोर्ट
आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं कांगड़ा शहर के प्रतिष्ठित युवा कारोबारी, खेल प्रेमी, समाजसेवी एवं युवा राजनेता मनीष शर्मा से, जिनके नाम हिमाचल प्रदेश का सबसे यंगेस्ट पार्षद मनोनीत होने का बिरला रिकॉर्ड दर्ज है. वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन प्रदेश सरकार ने साल 2006 में जब मनीष शर्मा को कांगड़ा नगर परिषद का पार्षद मनोनीत किया, उस समय उनकी उम्र महज 22 साल थी. उसके बाद फिर विभिन्न प्रदेश सरकारों ने मनीष शर्मा को दो बार कांगड़ा नगर परिषद् का पार्षद मनोनीत किया और इस तरह से मनोनीत पार्षद के रूप में उनके खाते में हैट्रिक जुड़ गई हैं.
बास्केटबाल से पुराना नाता
मनीष शर्मा हिमाचल प्रदेश बास्केटबाल एसोशियेशन के अध्यक्ष हैं. बास्केटबाल के खेल से उनका बहुत पुराना नाता है. महज 19 साल की उम्र में साल 2003 में वे एसोशियेशन के चैयरमैन बनाये गए उसके पांच साल बाद साल 2008 में उन्हें एसोशियेशन का अध्यक्ष चुना गया. हिमाचल प्रदेश बास्केटबाल एसोशियेशन में मनीष शर्मा वर्तमान प्रदेश पुलिस प्रमुख संजय कुंडू के साथ काम कर चुके हैं. संजय कुंडू हिमाचल प्रदेश बास्केटबाल एसोशियेशन के अध्यक्ष रहे हैं. वे बास्केटबाल फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के कार्यकारी सदस्य भी हैं. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश हैण्डबाल एसोशियेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं. वे वर्ष 2008-2013 के बीच हिमाचल प्रदेश स्टेट ओलम्पिक संघ के संयुक्त सचिव के रूप में भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ काम कर चुके हैं. उस समय जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश स्टेट ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष थे.
बड़े दिल वाला युवा कारोबारी
38 साल के मनीष शर्मा सामाजिक गतिविधियों में हमेशा आगे रहते हैं और विभिन्न सामाजिक व् धार्मिक संस्थाओं, ट्रस्टों और संगठनों से जुड़े हैं और उनकी उदार वित्तीय मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं. कोविड 19 के दौरान वह आपदा प्रबंधन में वह महेशा आगे रहे हैं और कोरोना वारियर्स को पीपीए किट, मास्क और ग्लब्ज सहित जरूरी जरूरी चीजें उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. कोविड 19 से मुकाबले के लिए उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तियारा को एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने के लिए चार लाख की आर्थिक मदद की है. इसी सप्ताह एम्बुलेंस उपलब्ध होने वाली है. मनीष शर्मा का कहना है कि लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने की प्रेरणा उन्हें उनके परिजनों से मिली है.
कांगड़ा के भाजपा नेता, मुख्यमंत्री के ख़ास
मनीष शर्मा ने पंचायती राज चुनाव के दौरान कांगड़ा के युवा भाजपा नेता के तौर पर अपनी मजबूत पकड़ का परिचय देकर कांगड़ा जिला परिषद के अध्यक्ष पद की ताजपोशी और पंचायत समिति कांगड़ा पर भाजपा का परचम लहराने में जबरदस्त कामयाबी हासिल की है. पूर्व विधायक सुरेन्द्र काकू के कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने को भी मनीष शर्मा का मास्टर स्ट्रोक कहा जाता है. मनीष शर्मा की गिनती वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बेहद करीबियों में. होती है. मुख्यमंत्री से करीबी संबंधों के चलते मनीष कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास के कई अहम काम करवाने में कामयाब रहे हैं. सोशल एक्टिविस्ट के तौर पर प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बहुत से नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं.

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