पैसे कमाण नूं खच्चर रखे न, घुमण घुमाण नूं तां कार, हर रोज रात दो बजे शुरू होती है दिनचर्या, 47 सालों में नहीं की एक भी छुट्टी

धलूं गांव से विनोद भावुक की रिपोर्ट यह प्रेरककथा है कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां उपमंडल…