कभी डेली वेजर के तौर, कभी बैंड स्टाफ की ड्यृटी निभाई, पुलिस की टफ़्फ़ जॉब के साथ की जारी रखी पढ़ाई

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कठोर मेहनत बनी कामयाबी का आधार, डीजी डिस्क से सम्मानित हैं नगरोटा बगवां के थानेदार
नगरोटा बगवां से संजीव कौशल की रिपोर्ट
दिल में कुछ अलग करने का जज्बा हो तो गरीबी भी आड़े नहीं आती है। संघर्ष ही सफलता तक पहुंचाता है। फर्श से अर्श तक पहुँचने की यह प्रेरक कहानी है नगरोटा बगवां के एसएचओ श्याम लाल कौंडल की। श्याम लाल बताते हैं कि वह बेहद गरीब घर में पैदा हुए। पिता हरी राम मजदूरी करते थे और मां कमला देवी घर संभालती थी। वे दो भाई और एक बहन हैं। 13 सितंबर 1967 को मंडी जिला के सरकाघाट की रोपड़ी तहसील के गांव सरोरी में जन्में श्याम लाल बताते हैं कि हाई सेकंडरी शिक्षा के बाद उन्होंने 1985-86 में ड्राफ्समैन का डिप्लोमा किया और आईपीएच के रामपुर साद डिवीजन में डेली वेज पर 3 महीने काम किया। 8 मार्च 1988 को पुलिस में कांस्टेबल भर्ती हुए थे। जनरल पोस्ट होेने के कारण उन्हें टेनिंग के दौरान बैंड स्टाफ की ड्यृटी करनी पड़ी। वह बताते हैं कि उन्होंने कभी भी किसी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझा और ईमानदारी से अपने कर्तव्य को निभाते रहे। यही वजह है कि वह आज वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
नौकरी लगने के बाद पहले करवाई छोटी बहन की शादी
श्याम लाल बताते हैं कि उस समय घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। वे घर में सबसे बड़े थे। इस कारण उन्होंने नौकरी लगने के बाद साल 1989 में सबसे पहले अपनी छोटी बहन की शादी करवाई और उसके बाद साल 19 91 में खुद परिणय सूत्र में बंधे।
बेहतर सेवाओं के लिए 2019 में डीजी डिस्क से सम्मानित
श्याम लाल बताते हैं कि जुलाई 2019 में उनका चयन नेशनल पुलिस अकादमी में लिंग अधारित, मानव व्यवहार जैसे विषय पर आयोजित सेमिनार में भाग लेने के लिए हुआ। कई बडे- बड़े पुलिस अधिकारियों सहित 40 पुलिसकर्मियों ने इस सेमिनार हिस्सा लिया। वहां पर उन्हें सेकंड प्राइज मिला। पुलिस विभाग में बेहतर सेवाओं के लिए श्याम लाल को साल 2019 में डीजी डिस्क से सम्मानित किया गया। श्याम लाल ने बताया कि वे पुलिस ड्यूटी के दौरान वह सीआईडी, वीआईपी, हेडक्वार्टर जैसी महत्वपुर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। साल 1993 में एनएसजी मानेसर, साल 1999 में बटालियन से जिला पुलिस में तैनाती जैसी जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं।
इन पदों पर किया काम
एसएचओ श्याम लाल साल 2007 में एएसआई के पद पर पदोन्नत हुए और साल 2015 में एसआई काम कर चुके हैं। इसके अलावा बल्ह थाने में मुंशी, पीटीसी डरोह भी काम कर चुके हैं। साल 2013 में भराड़ी, घुमारवीं और सदर बिलासपुर में भी काम करु चुके हैं। साल 2014 में हमीरपुर, सदर हमीरपुर, सुजानपुर, भोरंज में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने साल 2017 में एसएचओ जाखड़ी ज्वाइन किया, जबकि 2019 में पंचरुखी के एसएचो रहे। वहां से तबादले के बाद 27 जुलाई 2020 को वह नगरोटा बगवां के थानेदार तैनात हुए ।
पुलिस की ड्यूटी और कॉलेज की पढ़ाई
एचएसओ श्याम लाल उन चुनिंदा पुलिस अफसरों में शामिल हैं, जिन्होंने पुलिस की टफ़्फ़ ड्यूटी के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और स्नातक की डिग्री हासिल की स्कूली शिक्षा के बाद डिप्लोमा कर श्याम लाल पुलिस में भर्ती हो गए. 21 साल के सेवाकाल के बाद उन्होंने साल 2009 में ग्रेजुएशन की तैयारी फिर से शुरू की और साल 2013 स्त्नातक की पढ़ाई पूरी की ।


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