चम्बा में ‘पैंथर’ के नाम से मशहूर रहे ये पुलिस अफसर, जितेंद्र चौधरी से थर- थर कांपते थे नशे के सौगादर

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चम्बा से मनीष वैद की रिपोर्ट
आइये आपको मिलाते हैं चम्बा में ‘पैंथर’ के नाम से मशहूर रहे पुलिस अफसर जितेंद्र चौधरी से, जिनसे नशे के सौगादर थर- थर कांपते थे. चरस माफिया उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था। चम्बा में एनसीपीसी एक्ट के तहत सबसे ज्यादा नशे के कारोबारियों को दबोचने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है। डलहौजी, चंबा सदर , भरमौर और किहार के थाना प्रभारी रहते हुए उन्होंने नशा माफिया की रीढ़ तोड़ दी थी। इतना ही नहीं, कई ब्लाइंड मर्डर को सॉल्व करने और अदालत से भगौड़े नामी अपराधियों को दबोचने में भी उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी। जितेंद्र चौधरी का जहां अपराधियों में खौफ है, वहीं आम जनता में नर्म दिल अफसर के तौर जाने जाते हैं। प्रदेश पुलिस विभाग ने उन्हें साल 2006 में उन्हें बेस्ट एसएचओ के अवार्ड से सम्मानित किया है।
बटालियन में सहायक कंपनी कमांडर
जितेंद्र चौधरी डलहौजी, चंबा सदर, भरमौर, किहार, अम्ब और गगरेट पुलिस थानों ने स्टेशन हेड ऑफिसर (थानेदार) रहे हैं। साल 2012 में पदोन्नत हो कर पुलिस पुलिस उपाधीक्षक बने। उन्होंने सतर्कता विभाग में केलंग में सेवायें प्रदान करने के बाद एसडीपीओ चंबा और अंब में सेवायें प्रदान की हैं। वर्तमान में चौथी इण्डिया रिर्ज़व बटालियन जंगलबैरी (हमीरपुर) में सहायक कंपनी कमांडर के पद पर तैनात हैं।
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के हीरे
कांगड़ा की फ़तेहपुर तहसील का एक गांव है पंजासरा, इसी गांव के एक शिक्षक के घर पैदा हुए जितेंद्र चौधरी की प्रारंभिक शिक्षा हाई स्कूल राजा का तालाब से हुई, फिर उन्होंने नोन मेडिकल में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। साल 1993 में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर से ऐप जियो भौतिकी में स्नातकोतर की पढ़ाई पूरी की। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की परियोजना में साल 1995 तक तकनीकी सहायक के रूप में काम किया। साल 1996 में हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवायें बोर्ड की परीक्षा पास कर हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के रूप में शामिल हुए।
संयुक्त परिवार के बेटे
जितेंद्र चौधरी के पिता रिटायर्ड जेबीटी शिक्षक हैं, जबकि मां घरेलू महिला हैं। जितेंद्र चौधरी के एक भाई आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के पद से सेवानिवृत हुए हैं। उनके दूसरे भाई चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और तीसरे भाई का खुद का कंस्ट्रक्शन और एग्रीकल्चर बिजनेस है। उनकी एक बहन है, जो शिक्षिका हैं। जितेंद्र चौधरी की पत्नी घरेलू महिला हैं। उनके दो बच्चे हैं। उनकी बेटी डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से एमएससी तथा बेटा चिटकारा विश्वविद्यालय से बी टेक कर रहा है।

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