कोविड के चलते हुए लॉकडाउन ने फैक्टरी की नौकरी छुडवाई तो पंकज की जन्मजात प्रतिभा सामने आई, कार्डबोर्ड में जान डालने के हुनर को हिमाचल प्रदेश सीएम स्टार्टअप से मिली उड़ान

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हमीरपुर से विनोद भावुक की रिपोर्ट

आज की इस स्टार्टअप स्टोरी का नायक है पंकज ठाकुर। हमीरपुर जिला की टौणी देवी तहसील के तहत आते गुवारडु डाकघर के कुसवार गांव के रहने वाले पंकज ठाकुर ने जमा दो तक की पढ़ाई की है। पंकज ठाकुर के पास कार्डबोर्ड के आर्टवर्कबनाने का ऐसा बिरला हुनर है कि कला के पारखी और कद्रदान देखते ही उनके आर्टवर्क पर फिदा हो जाते हैं। उनकी बनाई कृतियों के लिए ग्राहकों के इतने आर्डर आते कि आधे से ज्यादातर कैंसिल करने पड़ते हैं। उन्हें तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश विभिन्न हिस्सों से आर्टवर्क के आॅर्डर मिलते रहते हैं। अभी भी पिछले तीन महीनों के अंदर उन्हें पचास से ज्यादा आॅर्डर मिले हैं, जो अभी तक पेंडिंग हैं।

संघर्ष से सफलता की ओर
जमा दो की पढ़ाई करने के बाद पंकज ठाकुर ने हरियाणा के हिसार में एक साल तक सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम किया। उसके बाद दिल्ली का रूख किया और चार साल तक दिल्ली में एक होटल में काम किया। कोविड 19 का संक्रमण शुरू होने से 6 माह पहले की दिल्ली की नौकरी को अलविदा कर पंकज ठाकुर ने बद्दी में एक कंपनी में नौकरी कर ली। अभी यहां ठीक तरह ऐ एडजस्ट भी नहीं हुए थे कि कोविड 19 के चलते देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा हो गई और कंपनी में उत्पादन बंद हो गया। लॉकडाउन ने नौकरी छुड़वाई तो घर लौटना पड़ा। लॉकडाउन के दौरान घर पर ही रहने की पाबंदी के बीच पंकज ठाकुर को कार्डबोर्ड के आर्टवर्ककी कला को निखारने का खूब समय मिला और नियमित अभ्यास के चलते उनके कला के काम में निखार आता गया। मानों एक धुन सी सवार हो गई की कुछ ही माह ने उन्होंने कार्डबोर्ड के कई आर्टवर्कडिजायन कर डाले। उनके आर्ट वर्क में हिमाचल पथ परिवहन, उत्तराखंड परिवहन सहित कई बस सर्विसेज के मॉडल, क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला का मॉडल, विभिन्न ट्रकों, ट्रेक्टरों, ट्रालों के मॉडल और परम्परागत हिमाचल घरों के मॉडल शामिल हैं। उन्होंने ठाकुर पेपर आर्ट एन्ड क्राफ्ट शॉप के नाम से फेसबुक पेज बनाकर अपने इस आर्टवर्क को फोटो व वीडियोज के जरिये प्रोमोट करना शुरू किया।
स्टार्टअप की रोचक कहानी
पंकज ठाकुर के आर्टवर्क को देखते हुए किसी ने उन्हें हिमाचल प्रदेश सीएम स्टार्टअप योजना के बारे में जानकारी दी और अपने आर्टवर्क को स्टार्टअप के तौर पर पंजीकृत करवाने की सलाह दी। पंकज ने वैसे ही किया। उन्हें उद्योग विभाग शिमला की ओर से अपने स्टार्टअप के बारे में साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया। पंकज अपने साथ अपने आर्टवर्क के कुछ फोटो और वीडियो लेकर गया था। उन्होंने साक्षात्कार के लिए गठित कमेटी को वे फोटो व वीडियो दिखाते तो कमेटी के सदस्यों को यकीन नहीं आया कि यह आर्टवर्ककी तस्वीरें हैं। पंकज अपना आर्ट भी अपने साथ लेकर गया था। जब उन्होंने कमेटी के सदस्यों को अपना मौलिक आर्टवर्कदिखाता तो सब देखते रह गए। इसी के साथ उनके इस स्टार्टअप का चयन हिमाचल प्रदेश सीएम स्टार्टअप परियोजना के लाभार्थी के तौर पर हो गया। हमीरपुर के भोटा में स्थित करियर प्वांयट यूनिवर्सिटी एनकूवेटर के तौर पर पंकज को तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाएगी। एनकूवेटर के नोडल आॅफिसर डॉ. हेम चंद्र कहते हैं कि पंकज ठाकुर के पास कमाल का हुनर है और इसे स्टार्टअप के तौर स्थापित करने के लिए करियर प्वांयट यूनिवर्सिटी हर जरूरी सहायता उपलब्ध करवाएगी।
बचपन के हुनर को मिली उड़ान
पंकज ठाकुर कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही आर्टवर्क में आनंद मिलता था। पहले वह मिट्टी के कई तरह के खिलौने बनाते थे, लेकिन बाद में कार्डबोर्ड के आर्टवर्कबनाने शुरू कर दिए। अति व्यस्तता की नौकरियों के बावजूद उन्होंने अपनी कला को गौण नहीं होने दिया और जब भी समय मिलता, वे अपनी इस कला में हाथ आजमाते रहे। कोविड 19 के आने से पहले तक उनकी कला शौकिया ही थी और कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन अपने इस हुनर के दम पर अपना स्टार्टअप शुरू करेंगे। कोविड 19 के चलते हुए लॉकडाउन के चलते उन्हें आपदा में अवसर मिला और हिमाचल प्रदेश सीएम स्टार्टअप योजना ने उनके सपनों को पंख लगा दिए।

कैंसिल करने पड़ते हैं आॅर्डर

पंकज ठाकुर कहते हैं कि उन्हें बहुत से आॅर्डर मिलते हैं, लेकिन ऐसे आर्डर बनाने में बहुत समय लगता है, वहीं आर्टवर्क को भेजने में भी दिक्कत आती है। बहुत से आर्डर दूसरे स्टेटस से आते हैं। आर्टवर्कभेजने में दिक्कत होने की वजह से ज्यादातर आॅर्डर कैंसिल करने पड़ते हैं। अभी भी उनके पास पिछले दो- तीन महीनों में आए पचास से ज्यादा आॅर्डर पेंडिंग हैं। उनके परिवार में माता, पिता, पत्नी और एक भाई हैं। पिता रेलवे में नौकरी करते हैं। पंकज ठाकुर अकेले ठाकुर पेपर आर्ट एन्ड क्राफ्ट शॉप की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पंकज ठाकुर कहते हैं कि हिमाचल प्रदेश सीएम स्टार्टअप योजना के तहत मिलने वाली तकनीकी व आर्थिक मदद से अपने स्टोर्टअप को विस्तार देंगे।


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