सासु मां ने लिखवाया और बहू ने गाया, मुरली माता का भजन, हुआ वायरल 

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पालमपुर से ललिता कपूर की रिपोर्ट
चम्बा के लोकसंगीत में युवा लोकगायिका अनु चौहान की मखमली आवाज ताज़ा हवा के झोंके की तरह है। निंदलुआ भोर और नाटी नॉन स्टॉप के जबरदस्त हिट होने के बाद अब उनका गाया भजन ‘माता मुराली वालिये’ सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रहा है। मजेदार बात यह है कि इस भजन को अनु की सासु मां ने लिखवाया है और अनु ने गया है। अनु के लिए सुखद यह है कि मायके और ससुराल दोनों में लोकसंगीत रचा बसा है और अनु की सास, मां और पति उसकी लोकसंगीत की साधना में मददगार साबित हुए हैं।
संगीत की पढ़ाई संग गायन की राह
20 नवंबर 1995 को चम्बा शहर के नजदीकी गांव करियां में मेहनत मजदूरी करने वाले पिता और आंगनबाड़ी सहायिका माता के घर सबसे बड़ी बेटी के रूप में पैदा हुई अनु ने छठी में पढ़ते वक्त लोकगीत गाने की शुरूआत की। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला से जमा दो करने वाली अनु ने स्कूल के सांस्कृतिक दल में भाग लेते हुए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का परिचय दिया और कई पुरस्कार जीते। जमा दो की पढ़ाई करने के बाद अनु ने सरकारी कॉलेज चम्बा से 2017 में बीए किया। अनु जब फाइनल ईयर में थी, उसी दौरान मैहला के निशु चौहान से उसकी शादी हो गई। शादी के बाद भी अनु ने अपनी पढ़ाई जारी रखी है बीएड करने के बाद वर्तमान में वह एमए म्यूजिक के तीसरे सेमेस्टर की स्टूडेंट है। उनकी एक साल की बेटी है।

बीएड करने के दौरान आया टर्निंग पॉइंट

पांच बच्चों वाले गरीब परिवार में पैदा होने के बावजूद परिजनों में बेटी को उच्च शिक्षित किया तो शादी के बाद ससुराल वालों ने भी अनु को उसकी आगे की शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। अनु जहां एक तरफ संगीत की शिक्षा हासिल करने के साथ गायन में अपने करियर को लेकर गंभीर हैं, वही दूसरी ओर जमा दो तक के स्टूडेंट्स को ट्यूशन भी पढ़ाती हैं। अनु बताती है कि स्कूल और कॉलेज के दिनों में वह संकोची स्वभाव की थी, लेकिन बीएड करने के दौरान मॉर्निंग असेंबलिंग में कमांड करने के अवसर ने उनके व्यक्तित्व को निखार दिया और आत्मविश्वास दिया। लीक से हट कर कुछ कर गुजरने का टर्निंग पॉइंट यहीं मिला।


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