पुरुष प्रधान हथकरघा- हस्तशिल्प उद्योग में खुद को स्थापित करने वाली इकलौती महिला, मंडी के हिमाचल इम्पोरियम की मालिक कुल्लू की मनीषा सूद की प्रेरककथा

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मंडी से पौमिला ठाकुर की रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश राज्य हथकरघा- हस्तशिल्प निगम के हिमाचल प्रदेश में 45 अधिकृत विक्रेता हैं, उनमें इकलौती अधिकृत महिला विक्रेता हैं कुल्लू की मनीषा सूद. वह मंडी में स्थित हिमाचल इम्पोरियम की मालिक है। महिलाओं के हाथ के हुनर को कद्रदानों तक पहुंचाने की मार्केटिंग चेन डवलप करने के लिए मनीषा ने सालों संघर्ष किया है। कुल्लू में रेडीमेड गारमेंट की शॉप से लेकर ट्रेड फेयर में एग्जीविसन लगाने और स्थानीय हस्तशिल्पियों से उत्पाद बनवाने और हिमाचल इम्पोरियम के माध्यम से बाज़ार तक पहुंचाने तक के सफर में मनीषा सूद ने न खुद आत्मनिर्भर होकर आर्थिक आजादी की उड़ान भरी है, बल्कि कई हथकरघा- हस्तशिल्प उद्योग में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है और कई हस्तशिल्पियों को रोजगार उपलब्ध करवा कर उनकी आर्थिकी का आधार बनी हैं।

 

सपने देखे और मेहनत से पाया मुकाम
मनीष सूद का मायका मंडी शहर में है। मंडी कालेज से राजनीति शास्त्र में स्नातकोतर करने के बाद साल 1998 में उनकी मैरिज कुल्लू में एक कारोबारी फैमिली में हुई। मनीषा कहती हैं कि शुरू से मन में था कि लाइफ में आत्मनिर्भर बनने के लिए कुछ करना है। मनीषा कहती हैं कि ऐसी चाहत थी कि अपना काम हो, जिसकी खुद बॉस बनूँ। दिल में एक इच्छा थी कि आत्मनिर्भरत बनने और और एक अपनी पहचान बनाने की। पति का पूरा सहयोग रहा और मनीषा के सपनों को उड़ान मिल गई।

 

भाजपा की सियासत में बनाई पैठ
साल 2011 में नगर परिषद कुल्लू का चुनाव लड़ने का मौका मिला। इस चुनाव में जीत के साथ ही मनीषा की भाजपा की सक्रिय राजनीति में एंट्री हो गई। राजनीति और अपना कारोबार में स्थापित होने के लिए की मेहनत की वजह से ढेर सारा आत्मविश्वास आया। संगठन के प्रति समर्पण और नेतृत्व क्षमता के गुण के चलते राजनीति में पैठ बनती गई और संगठन में अच्छे काम की वजह से पहले भाजपा महिला मोर्चा में जिला महामंत्री फिर जिलाध्यक्ष का पद मिला। मनीषा पार्टी संगठन के लिए एक समर्पित कार्यकर्ता के तौर पर जानी जाती हैं। मनीषा का कहना है कि पार्टी संगठन की एक समर्पित कार्यकर्ता हूं और संगठन के लिए हमेशा काम करती रहूंगी।

आत्मनिर्भर हूं तभी कर पाती हूं मदद
मनीषा सूद कहती हैं कि आर्थिक तौर पर सक्षम होने की वजह से जरूरतमंदों की मदद कर पाती हैं। उनका कहना है कि बहुत अच्छा लगता है, जब पीछे मुड़कर देखती हूं। मेरी मेहनत काम आई और आज मुझे सब मेरे नाम से जानते हैं। मै खुशकिस्मत रही कि पति का पूरा सहयोग रहा और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया। आत्मनिर्भर होना एक नारी के लिए सबसे बड़ी बात है, यही विशेषता मुझे आगे ले गई। मेरा प्रयास रहता है कि खुद को साबित और स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाली महिलाओं का दिल से सहयोग करूँ।


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