प्रेरक – कुल्लू के हेमराज ने पर्वतारोहण में रच दिया इतिहास, बने नेपाल के माउंट पुमरी पर पहुंचने वाले पहले इंडियन

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कुल्लू से प्रताप अरनोट की रिपोर्ट

इंडियन माउन्टेरिंग फेडरेशन (आईएमएफ) ने भारत के विभिन्न हिस्सों से 350 लड़कों को चुना जो पर्वतारोहण के क्षेत्र में कुछ कर सकते थे। बाद में 350 लड़कों में से 100 लड़कों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इन लड़कों में कुल्लू जिला से हेम राज, राजेश ठाकुर तथा चमन तीन का चयन हुआ। इन लड़कों की ट्रेनिंग नवंबर 2020 में उत्तराखंड में हुई और 30 लड़कों को शॉर्टलिस्ट कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी चुनौतियों से मुकाबले के लिए तैयार किया गया, जिस तरह की चुनौतियों का पहले किसी ने मुकाबला नहीं किया था। इन 30 लड़कों में कुल्लू के हेम राज का चयन हुआ। जबरदस्त ट्रेनिंग का दौर चला और इस ट्रेनिंग में हेमराज की प्रतिभा और निखर कर सामने आई। पर्वतारोहण के लिए यह दल नेपाल रवाना हुआ। विपरीत परिस्थितियां, प्रतिकूल मौसम और जान जाने के जोखिम के बावजूद हेमराज ने साहस का परिचय देते हुए 10 मई 2020 को दोपहर के 2:35 बजे नेपाल के माउंट पुमरी को फतह कर इतिहास रच दिया। हेमराज इस पर्वत चोटी पर पहुचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
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पर्वतारोहण संस्थान मनाली से बेसिक व एडवांस कोर्स
कुल्लू के एक छोटे से गांव सोलंग के निवासी हेमराज ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था एक दिन उनका नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर इस तरह चमकेगा। किसान परिवार में पैदा हुए हेमराज को बचपन से पर्वतारोहण का शौक था और युवावस्था तक पहुंचते-पहुंचते वह कुल्लू तथा लाहुल स्पिति के सभी पहाड़ों को लांग लिया। कॉलेज की पढ़ाई तक उन्होंने पर्वतारोहण को कभी कैरियर बनाने की तरफ नहीं सोचा था। हेमराज पढ़ाई में भी बहुत अबल थे। चंडीगढ़ में अपनी पढ़ाई के दौरान कंप्यूटर में भी डिग्री हासिल की। उन्होंने इस दौरान उन्होंने मनाली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान से पर्वतारोहण में बेसिक तथा एडवांस ट्रेनिंग ली।
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माउंट एवेरेस्ट से भी टफ है माउंट पुमरी

नेपाल की माउंट पुमरी चोटी तकनीकी रूप से माउंट एवेरेस्ट से भी मुश्किल मानी जाती है। हेमराज ने अपनी प्रतिभा तथा साहस से इस चोटी पर कदम रखे। हेमराज की इस उपलब्धि पर ढेरों बधाइयां मिल रही हैं। हेमराज अभी नेपाल में ही है और उनका मकसद अभी और कई चोटी को फतह करना है। हेमराज ने बताया कि उनकी इस कामयाबी के पीछे उनके मां-बाप, धर्मपत्नी तथा भाई रोशन ठाकुर का बहुत बड़ा हाथ है। उनके भाई रोशन ठाकुर जो पर्वतारोहण से जुड़े हैं और आईएमएफ के सदस्य हैं, ने बताया कि अगर सब कुछ सही रहा तो ऐसी कई कामयाबियां हेमराज के कदम चूमेगी।


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