कांगड़ा में गंगा और भैरों की मुलाकात का गवाह है गंगभैरो, जनश्रुति-कभी यहां भगवान शिव और पार्वती आए थे 

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फोकस हिमाचल फीचर डेस्क

कांगड़ा जिला में कांगड़ा- बगली- धर्मशाला सडक़ पर गंगभैरों नाम का एक धार्मिक स्थल है। कहा जाता है कि मानव लीला करते हुए एक बार भगवान शंकर व पार्वती यहां भ्रमण कर रहे थे। किसी बात पर शंकर पार्वती से रूठ गए और यहां एक स्थान पर झाडिय़ों के बीच तपस्या करने बैठ गए। उनकी जटाओं में बास कर रही गंगा ने गाय रूप धारण किया और वहां चरने- विचरने लग पड़ी।

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शंकर को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने भैरव को गाय उनके पास लाने को कहा। भैरव ग्वाले का भेष धारण कर गाय लाने निकल पड़ा। गाय जब घुटने कें बल वहां स्थित नाले में पानी पी रही तो भैरव ग्वाले के रूप मेें वहां पहुंचा। गाय ने भैरव को पहचान लिया और वह अंतध्र्यान होकर शिव की जटाओं में पहुंच गई। गंगा और भैरों की इस घटना के चलते यह स्थान गंगभैरों कहलाया। यहां पर भगवान शिव का एक पुरातन मंदिर है जहां शिवरात्रि के अवसर पर विशेष आयोजन होता है।

फोटो- अरविंद शर्मा, धर्मशाला।


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