घर में होमस्टे बनाकर मजबूत होगी आर्थिकी, रोजगार की तलाश में नहीं करना पड़ेगा बाहरी जिलों व राज्यों का रुख

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फोकस हिमाचल ब्यूरो, चंबा

अपने घर में होमस्टे स्थापित कर लोग न केवल आर्थिकी की सुदृड़ कर सकेंगे, बल्कि उन्हें रोजगार की तलाश में अन्य जिलों व राज्यों में भटकने की भी जरूरत नहीं रहेगी। नॉट अॉन मैप संस्था लोगों को होमस्टे स्थापित कर आर्थिकी को सुदृड़ करने के बारे में प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में नॉट अॉन मैप संस्था एवं डिवेलपमेंट अल्टरनेटिव (डीए) के संयुक्त तत्वावधान में होम स्टे योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला चंबा के विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इसमें डिवेलपमेंट अल्टरनेटिव की ओर से तीन सदस्य जबकि, प्रदेश के जिला मंडी के थाटा, भानुथी, लघशाल एवं कलंग गांव के आठ लोगों सहित अन्य स्थानों से लोगों ने भाग लिया। पांच दिनों तक चले प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इन्हें नॉट अॉन मैप संस्था की ओर से आतिथ्य, होमस्टे सेटअप, सामुदायिक सहभागिता और क्षमता निर्माण के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान सबसे पहले प्रशिक्षुओं को होमस्टे स्थापित करने तथा इसके संबंधित लोगों को होने वाले लाभ के बारे में बताया गया। नॉट अॉन मैप संस्था के सह-संस्थापक मनुज शर्मा ने उन्हें एचटूओ हाउस को शुरू करने व नॉट अॉन मैप संस्था को लेकर अपने अनुभव सांझा किए। इसके साथ ही स्टाफ व नॉट अॉन मैप संस्था से जुड़े सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण जानकारी दी।

उन्हें स्थानीय लोगों के साथ भी मिलने का मौका मिला। इसके उपरांत प्रशिक्षुओं को चंबा में सर्वप्रथम होम स्टे स्थापित करने वाले होम स्टे मालिक प्रकाश धामी से मिलाया गया। उन्होंने होमस्टे शुरू करने के संबंध में जानकारी दी। इसके उपरांत प्रशिक्षुओं को चमीनू गांव में नॉट अॉन मैप संस्था से जुड़े रफी के घर ले जाया गया। जहां पर रफी द्वारा उनके साथ अपने अनुभव सांझा किए गए। साथ ही उन्हें पारंपरिक भोज भी करवाया गया। कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रशिक्षुओं को चंबा शहर की हैरिटेज वॉक पर ले जाया गया।

जहां पर इन्हें चंबा की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, विरासत के बारे में जानने का अवसर मिला। इसके अलावा इन्होंने ऐतिहासिक मंदिरों व भूरी सिंह संग्रहालय के इतिहास भी जाना। यहां पर जिला पर्यटन अधिकारी चंबा विजय कुमार द्वारा चंबा के बारे मंे जानकारी दी गई। जबकि चौथे दिन इन्हें मैहला गांव ले जाया गया, जहां पर होमस्टे स्थापित करने वाले लच्छिया राम एवं मनीष जंवाल द्वारा उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पांचवें दिन इन्हें नॉट अॉन मैप संस्था के सामुदायिक मिस्टिक विलेज खजियार ले जाया गया, जहां पर होमस्टे चलाने वाले लोगों द्वारा उन्हें इसके लाभों के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि इसका लाभ न केवल होमस्टे चलाने वालों, बल्कि अन्य लोगों को भी मिल रहा है। संस्था के सह संस्थापक मनुज शर्मा ने बताया कि यह पहला प्रशिक्षण शिविर था। इस तरह के शिविरों का आयोजन आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग होमस्टे बनाकर स्वरोजगार शुरू कर सकें।

 


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