चंबी पंचायत : पति संभाल चुका ब्लॉक उपाध्यक्ष की कमान, पत्नी दूसरी बार बनी पंचायत प्रधान

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कच्ची सड़क देख ढानी चुनाव लड़ने की, बीडीसी का चुनाव जीत कराई पहले सड़क पक्की, फिर खोला इंग्लिग स्कूल, आज करीब 50 बच्चे कर रहे पढाई

 

नगरोटा बगवां से केपी पांजला की रिपोर्ट
यह कहानी है सुलह विधानसभा क्षेत्र के तहत आती पंचायत चंबी-चीड़न की। वर्ष-2006 तक करीब 10 किलोमीटर मैन सड़क को कच्चा देख गांव के बाहरवीं पास राजिंदर चौधरी ने चुनाव लड़ने की ढानी। सीट रिजर्व होने के कारण वह पंचायत प्रधान का चुनाव तो नहीं लड़ पाए लेकिन बीडीसी का चुनाव लड़ा। आसपास की पंचायतों के लोगों का खास समर्थन मिला और वह पहली बार चंबी पंचायत से चुनाव जीते और वाइस चैयरमैन उन्हें नियुक्त किया गया। इसके बाद उसी साल यहां पास में लगती रझूं पंचायत में तब पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह रैली को संबोधित करने आए थे। तब राजिंदर चौधरी गांव के लोगों के साथ उनसे मिले और सड़क पक्की करवाने का प्रस्ताव दिया । इस मुलाकात की खास बात यह थी कि उस समय बारिश होने के बावजूद पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह गाड़ी से उतरे और पूर्व विधायक जगजीवन पाल के सामने सड़क को तुरंत पक्का कराने को कहा। इसके बाद पूरी सड़क को पक्का किया गया। यहीं से उन्हें लोगों की खासी सपोर्ट मिली और राजनीति में अच्छी पकड़ बनाने में कामयाब रहे।
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पत्नी दूसरी बार बनी प्रधान
राजिंदर चौधरी की खास बात यह है कि वह मिलनसार, सामाजिक कार्यकर्ता हैं। छोटा हो या बड़ा हर किसी से बात कर चलते हैं। यहीं उन्हें राजनीति में सबसे अलग बनाती हैं। वह बताते हैं कि पत्नी व मौजूदा पंचायत प्रधान सुमन लता को राजनीति से शुरू में ज्यादा लगाव नहीं था। उन्होंने गांव की समस्याओं को लेकर जब उन्हें मोटिवेट किया तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गर्इं। 2011 में लोगों के खासे समर्थन के बाद वह पहली बार पंचायत प्रधान चुनी गईं। उनके कार्यकाल में कई काम हुए। गरीब लोगों को सरकारी सेवाओं का फायदा भी पहुंचाया गया। हालांकि जनता ने अगली बार उन्हें नकार दिया लेकिन वह फिर भी लोगों के बीच रहे और 2021 में दोबारा उनकी पत्नी सुमन लता को प्रधान चुना गया।

अच्छी शिक्षा के लिए गांव में ही खोला प्राइवेट स्कूल
सरकारी स्कूल में गिर रहे शिक्षा के स्तर को देखते हुए राजिंदर चौधरी ने कुछ दोस्तों के साथ माउंट एवरेस्ट स्कूल खुलवाया जो मौजूदा समय में भी चल रहा है। उस समय स्कूल को एक घर में खुलवाया गया था। वर्तमान में राजिंदर चौधरी पोस्ट ऑफिस के एजेंट हैं।

चंबी-वाह भंगेड़ रोड को काहनफट्ट तक मिलाना मुख्य प्राथमिकता
पंचायत प्रधान सुमना लता से पूछा गया कि इस सेशन में उनकी मुख्य प्राथमिकताएं क्या रहेंगी तो उन्होंने कहा कि चंबी-वाह-भंगेड़ रोड़ को काहनफट्ट तक मिलाना, गांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए 6 इंच की पाइप डलवाना, चंबी में स्कूल के पास ग्राउंड को बढ़िया बनाना, बच्चों और बुजुर्गों को घूमने के लिए पार्क की व्यवस्था करना, गरीब लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाना, गांव में सोलर लाइटें लगवाना और बुजुर्गों लोगों को बुढ़ापा पेंशन लगवाना आदि कार्य मुख्य प्राथमिकता में हैं।

खास बात : दोनों बाहरवीं पास, मैडम के पास ज्यादा ज्ञान
राजिंदर चौधरी भले समय के बाहरवीं पास हैं लेकिन उनका राजनितिक करियर बहुत लंबी हैं। वहीं, प्रधान सुमना लता भी बाहरवीं पास हैं लेकिन उन्हें स्टेनों शॉर्ट हैड और हिंदी व अंग्रेजी में टाइपिंग का अच्छा खासा नॉलेज है।

स्कूल का मुद्दा रखेंगे विधायक के सामने
चंबी पंचायत की सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि यहां के बच्चे आज भी दसवीं के बाद बाहरवीं के लिए करीब 5 किलोमीटर दूर रझूं स्कूल में पढ़ते हैं। उन्हें रोज अप-डाउन करीब 10 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। जब प्रधान सुमन लता से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह भी इसे मुख्य मुद्दा मानती हैं और विधायक के समझ इसे रखा जाएगा। प्रधान सुमन लता ने बताया कि वह लोगों की हेल्प के लिए 24 घंटे तैयार है। जनता ने साथ दिया है तो उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगी।


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