भरोसे का ब्रांड – भूतपूर्व राज्यपाल बीएस रामादेवी और उर्मिल सिंह रहीं हैं पररोला के ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ ब्रांड के पारंपरिक आभूषणों की कायल. बनाये जाते हैं देश भर के मशहूर ब्रांड

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पपरोला से प्रीतम सिंह चम्बियाल की रिपोर्ट
पररोला के ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ ब्रांड की साख का इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिमाचल प्रदेश की दो राज्यपाल इस ब्रांड के पारंपरिक आभूषणों की कायल रहीं और अपने लिए ऐसे पारम्परिक आभूषण बनवाये। बात अगर हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक आभूषणों की कढ़ाई की विरासत को सहेजने की हो तो ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ ब्रांड की अपनी ख़ास पहचान है। ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ के कारीगरों को रामपुर के पारम्परिक मंगलसूत्र, कांगड़ा व चंबा की बेसर, गद्दी जनजाति के पारंपरिक आभूषण चिड़ी, चक, चंद्रहार, रानी हार बनाने में महारत हासिल है। जहां एक ओर ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ ब्रांड हिमाचल प्रदेश के पारम्परिक आभूषणों के वजूद को बचाए रखने में अहम भूमिका अदा कर रहा है, वहीं इस ब्रांड की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां भारत के सभी प्रसिद्ध डिजाइनों के गहने तैयार किये जाते हैं।
बड़ी हस्तियों की ख़ास पसंद
‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ ब्रांड के गहने हिमाचल प्रदेश के कई नामचीन हस्तियों और प्रदेश के कई बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के परिवार की पसंद हैं और ऐसे कई प्रीमियर कस्टमर उनके नियमित ग्राहक हैं। ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ के पारम्परिक आभूषणों के ग्राहकों में हिमाचल प्रदेश की भूतपूर्व राज्यपाल बीएस रामादेवी और उर्मिल सिंह शामिल रही हैं. इतना ही नहीं, अन्य प्रदेश की कई बड़ी हस्तियाँ भी ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ के ग्राहक हैं।
52 साल स्थापित ब्रांड की मिसाल
पपरोला बाजार में आभूषणों की सबसे प्रसिद्ध दुकान है ‘लालचंद एंड संस सरार्फ। सोने के आभूषणों के इस कारोबार को स्वर्गीय लाल चंद ने साल 1969 में शुरू किया था। इससे पहले वह अपने भाई के साथ खुह बाजार मैं दुकान करते थे। उनकी मृत्यु के उपरांत उनके उनके पुत्र अनिल नंदा उर्फ नीटू ने इस व्यापार को आगे बढ़ाया। वर्तमान में अनिल नंदा के पुत्र अमित नंदा और पुनीत नंदा दादा के कारोबार को बुलंदियों पर पहुंचाने में जुटे हैं। 52 सालों के ‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ भरोसे का ब्रांड बन स्थापित हुआ है।
कारोबारी परिवार, जरूरतमंदों का मददगार
कारोबारी अनिल नंदा और उनका परिवार सामाजिक दायित्व निभाने में हमेशा आगे रहते हैं। गरीबों और जरूरतमंदो के लिए हर मुसीबत में खड़े रहते हैं और गरीब बच्चों की पढ़ाई में भी मदद करते हैं। लावारिस और जख्मी पशुओं को मेडिकल सहायता और उनको चारा- पानी उपलब्ध कराते हैं। कोविड 19 के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए यह परिवार फ्रंट लाइनर रहा।
पौराणिक कथा और पपरोला
कांगड़ा जिला के बैजनाथ उपमंडल का पपरोला बाजार हिमाचल प्रदेश के सर्राफा बाजार के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है यह शिमला और मंडी के साथ हिमाचल प्रदेश की सोने की सबसे बड़ी मार्केट है। यहां पर तकरीबन 30 के लगभग सुनारों की दुकान में है। गौरतलब है कि बैजनाथ के अंदर एक भी सुनार की दुकान नहीं है और उसको लेकर एक पौराणिक कथा भी है कि कभी शिवजी भगवान के साप के चलते हुए यहां पर किसी भी व्यक्ति ने गहनों का व्यापार नहीं किया और जिसने किया उसको व्यापार में काफी नुकसान का सामना करना पड़ा परंतु बैजनाथ से सिर्फ दो किलोमीटर दूर पपरोला मैं हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़े सर्राफा बाजारों में एक है
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‘लालचंद एंड संस सरार्फ’ से संपर्क सकते हैं
मोबाइल : 9816312004, 98824 00263
ईमेल : amitnanda@gmail.com

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