9000 फुट की उंचाई पर डाक बांटने के लिए रोज 32 किलोमीटर का पैदल सफर, अब राष्ट्रीय मेघदूत सम्मान के लिए 4 लाख ग्रामीण डाक सेवकों में से लाहुल के प्रेम लाल का चयन

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9000 फुट की उंचाई पर डाक बांटने के लिए रोज 32 किलोमीटर का पैदल सफर, अब राष्ट्रीय मेघदूत सम्मान के लिए 4 लाख ग्रामीण डाक सेवकों में से लाहुल के प्रेम लाल का चयन

कुल्लू से प्रताप अरनोट की रिपोर्ट

लाहुल -स्पीति जिला के उदयपुर उप डाकघर में कार्यरत प्रेम लाल को उदयपुर-शलग्रां 16 किलामीटर लम्बी पैदल चलने वाली बीट पर डाक का आदान-प्रदान करने लिए रोजाना 32 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती हैं। 9000 फुट की उंचाई पर उदयपुर से सलग्रां का रास्ता अति दुर्गम पहाड़ियों पर जोखिम और खतरे से भरा हुआ है। सर्दियों के दौरान बर्फबारी के बीच हिमस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। खराब मौसम के बाबजूद प्रेम लाल जोखिम और खतरे से खेलते हुए पिछले 8 सालों से अपनी सेवायें देते आ रहे हैं। इनका योगदान सामान्य कल्पना से परे के क्षेत्रों में डाक विभाग की पंहुच की क्षमता को दर्शाता है। प्रेम लाल को उनकी इसी सेवा के लिए डाक विभाग के राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘मेघदूत आवार्ड’ के लिए चुना गया है। 28 जून 2022 को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेम लाल को मेघदूत सम्मान 2021 से अलंकृत किया।

हिमचाल के लिए गौरव की बात

डाक विभाग के कर्मचारी ईमानदार, मेहनती, कर्तव्यनिष्ठ व सजग होते हैं। वे डाक सेवा के प्रति अपना दायित्व निभाने के साथ-साथ समाज सेवा, साहित्य, कला, सांस्कृतिक एवं अन्य क्षेत्रों में भी अपना अहम योगदान देकर डाक विभाग का नाम रोशन करते आ रहे हैं। ऐसी ही एक मिसाल लाहुल-स्पिति के गोशाल गांव के निवासी प्रेम लाल ने कायम की है। डाक विभाग के प्रति दिए गए समग्र योगदान और उत्कृष्ट सेवा के लिए डाक विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाने वाले सर्वोच्च सम्मान के लिए चार लाख ग्रामीण डाक सेवकों में से प्रेम लाल का चयन हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के लिए भी गौरव की बात है।

अब तक हिमाचल के 14 डाक कर्मचारियों को मेघदूत अवार्ड


डाक कर्मचारियों को प्रोत्हसाहित करने के उदेष्य से भारतीय डाक विभाग ने साल 1984 से मेघदूत पुरस्कार की शुरुआत की गई। डाक विभाग द्वारा हर वर्ष कर्मचारियों के समग्र प्रदर्शन और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मेघदूत सम्मान आठ अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। पुरस्कार में एक पदक, प्रस्शति पत्र और 21000 हजार रूपए का नकद पुरस्कार दिया जाता है। साल 1987 से साल 2021 तक हिमाचल प्रदेश परिमंडल के 14 डाक कर्मचारियों को मेघदूत अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। 2021 के मेघदूत अवार्ड के लिए देश के आठ कमचारियों का चयन हुआ, जिसमें हिमाचल प्रदेश परिमंडल के मंडी मंडल के केलांग मुख्य डाकघर के उप डाकघर उदयपुर से प्रेम लाल एमटीएस का चयन हुआ।

कठिनाईयों में गुजरा बचपन


जनजातीय जिला लाहुल-स्पिति के केलांग मुख्यलय के गोशाल गांव के स्थाई निवासी प्रेम लाल का जन्म 20 जून 1965 को हुआ। आधा साल बर्फ में कैदी की तरह रहने को मजबूर लाहुल वासियों का जीवन बहुत कठिनाई से भरा हुआ गुजरता है। प्रेम लाल का परिवार भी इसी दौर से गुजरा और उसे 7वीं कक्षा तक पढाई करने बाद स्कूल की शिक्षा अघूरी छोडनी पडी। 25 मार्च 1981 को प्रेम लाल केलांग मुख्य डाकघर के गोशल शाखा डाकघर में डाक वितरक के पद लगा और साल 2013 को पदोन्नत होकर एमटीएस के पद पर उप डाकघर उदयपुर में स्थान्तर हुआ। प्रेम लाल के अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए मेघदूत पुरस्कार के रूप में एक पदक, प्रस्शति पत्र और 21000 रुपये का नकद पुरस्कार मिला।

 


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