कांगड़ा के इस मंदिर के लिए हर साल चंबा से आते हैं 200 रुपए

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कांगड़ा जिला के शाहपुर उपमंडल के तहत आता है धरोहर गांव नेरटी. यहीं पर चंबा के राजा राज सिंह महाराजा संसार चंद की सेना के साथ लड़ते- लड़ते वीरगति को प्राप्त हुए थे. कहा जाता है कि चंबा के राजा अढाई घड़ी तक बिना सिर के दुश्मनों से लड़ते रहे थे. उनकी यादगार के तौर पर एक देहरा और शिव मंदिर का निर्माण हुआ. कभी यहां व्यापार मेला लगता था.

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अब भी यहां हर साल दो दिवसीय धार्मिक व सांस्कृतिक उत्सव आयोजित होता है. कभी इस आयोजन के लिए चंबा के लक्ष्मी नारायण मंदिर से 20 रुपए की आर्थिक मदद मिलती थी, अब यह राशि 200 रुपए हो गई है. गांव के सास्कृतिक एवं साहित्य कर्मी दुर्गेश नन्दन बताते हैं कि हर साल आयोजन से पहले राशि का मनीऑर्डर पहुंच जाता है. यह मंदिर चंबा के एक समुदाय विशेष की आस्था का बड़ा केंद्र है.

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