हिमाचल प्रदेश के इस नौजवान के नाम दर्ज है एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव बनने का बिरला रिकॉर्ड, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एससीए के प्रेजिडेंट रह चुके हैं इन्दौरा के डॉ. विक्रम सिंह

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हिमाचल प्रदेश के इस नौजवान के नाम दर्ज है एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव बनने का बिरला रिकॉर्ड, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एससीए के प्रेजिडेंट रह चुके हैं इन्दौरा के डॉ. विक्रम सिंह
बैजनाथ से प्रीतम सिंह की रिपोर्ट
केरल और बंगाल को छोड़कर पहली बार एसएफआई का राष्ट्रीय महासचिव बनने का गौरव हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के इंदौरा के डॉ. विक्रम सिंह के नाम दर्ज है। वे साल 2005 में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी की एससीए के प्रेसिडेंट निर्वाचित हुए। डॉ. विक्रम सिंह साल 2009-10 में एसएफआई के स्टेट प्रेसिडेंट, साल 2010 -13 में स्टेट सेक्रेटरी और साल 2016 से18 तक राष्ट्रीय महासचिव रहे। वर्तमान में डॉ. विक्रम सिंह वामपंथी संगठन अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय सह सचिव हैं। एक साधारण घर के होनहार युवक डॉ. विक्रम सिंह एसएफआई के ‘अध्ययन व संघर्ष’ जैसे मुख्य नारे के एक जीवंत उदाहरण हैं।
उच्च शिक्षित हैं विक्रम सिंह
1 अक्टूबर 1980 को इन्दौरा के एक साधारण परिवार में पैदा हुए विक्रम सिंह की जमा दो तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल इंदौरा से हुई। उन्होंने चंबा कॉलेज से बीएससी करने के बाद जम्मू से बीएड की पढाई की। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कैम्पस से एमएससी जीव विज्ञान औए एमए समाजशास्त्र की डिग्री हासिल की। विक्रम सिंह यहीनहीं रुके, बल्कि एमफिल जीव विज्ञान और पीएचडी जीव विज्ञान की पढ़ाई पूरी कर उन्होंने जीव विज्ञान बायोडायवर्सिटी में पोस्ट डॉक किया।
सरकारी नौकरी ठुकराई, दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढाया
छात्र राजनीति का बड़ा चेहरा रहे डॉ. विक्रम सिंह का साल 2007 में बैच वाइज आधार पर टीजीटी के लिए चयन हुआ, लेकिन छात्र आंदोलनों से तप कर निकले इस युवा ने इस नौकरी को ठुकरा दिया और खुद को संगठन के लिए समर्पित कर दिया। कुछ समय के लिए डॉ. विक्रम सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अंदर अध्यापन का कार्य किया।
पत्नी कल्पना भी रहीं स्टूडेंट्स लीडर
डॉ. विक्रम की पत्नी कल्पना कंवर ने क़ानून में पीएचडी की है। कल्पना कंवर भी छात्र राजनीति और छात्र आंदोलन में खासी सक्रिय रही हैं। साल 2005 में जब विक्रम सिंह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के केंद्रीय छात्र संघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे तो कल्पना कंवर सह सचिव निर्वाचित हुई थीं। वर्तमान में कल्पना कंवर इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली में अध्यापन कार्य कर रहीं हैं।

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