स्टार्टअप स्टोरी – स्पीति घाटी में पांच होमस्टे से हुई ‘होमस्टे ऑफ इंडिया’ की शुरुआत, अब भारत के 21 राज्यों में 100 से अधिक होमस्टे का नेटवर्क, 5,000 से अधिक ग्राहकों की एक विविध रेंज, सामाजिक उद्यमी शैलजा दासगुप्ता का स्टार्टअप

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स्टार्टअप स्टोरी – स्पीति घाटी में पांच होमस्टे से हुई ‘होमस्टे ऑफ इंडिया’ की शुरुआत, अब भारत के 21 राज्यों में 100 से अधिक होमस्टे का नेटवर्क, 5,000 से अधिक ग्राहकों की एक विविध रेंज, सामाजिक उद्यमी शैलजा दासगुप्ता का स्टार्टअप
शिमला से विनोद भावुक की रिपोर्ट
यह सक्सेस स्टोरी है सामाजिक उद्यमी शैलजा दासगुप्ता के स्टार्टअप ‘होमस्टे ऑफ इंडिया’ की, जिसकी शुरुआत स्पीति घाटी में पांच होमस्टे से हुई थी। अब ‘होमस्टे ऑफ इंडिया’ के पास भारत के 21 राज्यों में 100 से अधिक होमस्टे का नेटवर्क है और 5,000 से अधिक ग्राहकों की एक विविध रेंज है। साल 2010 में, शैलजा ने पहली उद्यमी यात्रा की और एक ट्रैवल स्टार्टअप ‘चलो लेट्स गो’ की स्थापना की। शैलजा के पूरे भारत के स्थानीय समुदायों के साथ मजबूत संबंध थे और उसने अपने स्टार्टअप के लिए कई स्थानीय लोगों को यात्रा गाइड के रूप में नियुक्त किया। शैलजा ने कम प्रभाव वाले इको-टूरिज्म पर ध्यान केंद्रित किया। होमस्टे इकोनॉमी को औपचारिक रूप देने के लिए शैलजा और उनके साथी ने अप्रैल 2017 में होमस्टे ऑफ इंडिया की स्थापना की, जिसमें हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में पांच होमस्टे थे। आज, स्टार्टअप भारत के 21 राज्यों में 100 से अधिक होमस्टे का पूर्ण नेटवर्क विकसित हो गया है।
ट्रेवलोग राइटिंग के जुनून के लिए छोडी जॉब
शैलजा गूगल और मैकिन्से एंड कंपनी के साथ काम करती थी। उसने एक दशक से अधिक समय के बाद लेखन और यात्रा के अपने एक जुनून की ओर रुख किया है। वह टाइम्स ऑफ इंडिया के हैप्पीट्रिप्स, टेरस्केप, डिस्कवर इंडिया, नेशनल जियोग्राफिक ट्रैवलर, , अलाइव, द हिंदू और टाइम्स ऑफ ओमान जैसे दैनिक समाचार पत्रों सहित विभिन्न प्रकाशनों में अपने यात्रा वृतांत से योगदान देती है।
पिन घाटी में मिला स्टार्टअप आइडिया
शैलजा और उनके ट्रेवेल फोटोग्राफर साथी विनोद वर्मा एक ग्रुप के साथ स्पीति घाटी की यात्रा पर थे। पिन घाटी के अंतिम गाँव मुध में एक घर में रुकने के दौरान उन्हें इस स्टार्टअप का आइडिया आया। उन्होंने लोगों को आतिथ्य के इस स्टार्टअप के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को विकसित करने और इस कारोबार के संचालन के लिए प्रशिक्षित करने में मदद की कुछ और यात्रा और शोध के बाद उन्होंने एक सरल मंच बनाया जो होम स्टे को सांस्कृतिक अनुभव की तलाश करने वाले यात्रियों से जोड़ता है, । यह स्टार्टअप घर की महिलाओं को कारोबार का स्वामित्व लेने और स्वतंत्र रूप से अपने वित्त का प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
ज़ोई केयर से स्टार्टअप को फंडिंग
शैलजा और विनोद ने समान विचारधारा वाले भागीदारों की तलाश शुरू की जो स्टार्टअप की इस अवधारणा और सह-संस्थापक की दृष्टि को समझते। अनुभवी उद्यमी सुदीप्तो मित्रा के साथ एक अनौपचारिक भेंट में विस्तार योजनाओं की चर्चा के बाद इस स्टार्टअप के सह-संस्थापकों ने दिसंबर 2019 में कोलकाता स्थित ज़ोई केयर से धनराशि प्राप्त की। इस स्टार्टअप के संचालकों के पास अब 5,000 से अधिक ग्राहकों की एक विविध रेंज है, जिसमें छात्र,, युवा एकल-यात्री, और पर्यटक, परिवार शामिल हैं, जो छुट्टियों के दौरान गुणवत्तापूर्वक समय बिताना चाहते हैं । यह स्टार्टअप इस स्थानीय संस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में भी अहम् भूमिका अदा कर रहा है.

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