स्कॉलरशिप के दम पर एनआईटी, आईआईटी की पढ़ाई, खुद पढ़ते हुए टयूशन पढ़ाई, प्रतिभा व मेहनत से मंजिल पाई, पीडब्ल्यूडी के सबसे बड़े सर्कल के अधीक्षण अभियंता रहे विजय चौधरी की प्रेरककथा

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स्कॉलरशिप के दम पर एनआईटी, आईआईटी की पढ़ाई, खुद पढ़ते हुए टयूशन पढ़ाई, प्रतिभा व मेहनत से मंजिल पाई, पीडब्ल्यूडी के सबसे बड़े सर्कल के अधीक्षण अभियंता रहे विजय चौधरी की प्रेरककथा
विनोद भावुक की रिपोर्ट
कांगड़ा का पौग बांध विस्थापित एक निरक्षर कृषक परिवार पलायन कर राजा के बाग में आ बसा। खेती की जमीन पानी में डूबी तो रोजी- रोटी के लिए नया संघर्ष शुरू हुआ। परिवार के इसी संघर्ष के बीच बच्चों की सरकारी स्कूलों से शिक्षा हुई। अभावों के इसी परिवार का एक बेटा परिवार की खुशहाली के लिए पढ़- लिख कर कुछ बनने के सपने बुन रहा था। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित प्लस टू नॉन मेडीकल में 6 वां रैंक हासिल कर उसने अपने इरादे जाहिर भी कर दिए। नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्रोलॉजी हमीरपुर में सिविल इंजीनियरिंग के लिए चयन हो गया पर परिवार के लिए उसकी पढ़ाई का खर्च जुटाना मुश्किल था। प्रदेश टेक्रीकल एजूकेशन विभाग से स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई किया। कंडवाल की ‘इश्वर इच्छा’ संस्था ने आर्थिक मदद की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ट्यूशन पढ़ाई और 1992 में की डिग्री ली। इसके बाद उन्हेें स्कॉलरशिप के साथ आईआईटी रूडक़ी में प्रवेश मिला। यहां सैकेंड टॉपर के तौर पर एमफिल करने के बाद उन्हें रिसर्च फेलाशिप मिली, लेकिन कारणवश एक साल के बाद उसे छोडऩा पड़ा। संघर्ष से सफलता की यह कहानी है लोक निर्माण विभाग के सर्कल- एक के अधीक्षण अभियंता विजय चौधरी की।
सबसे बड़ व खास सर्कल की जिम्मेवारी
सर्कल नंबर एक हिमाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी का सबसे बड़ा सर्कल है। यह सर्कल इसलिए भी अहम है कि इसके तहत जोगेंद्रनगर व धर्मपुर को छोडक़र मंडी जिला के सभी क्षेत्र शामिल हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह विधानसभा क्षेत्र सिराज भी इसका हिस्सा है। वर्तमान सरकार में तीन साल इस सर्कल के अधीक्षण अभियंता रहे  हैं विजय चौधरी। वह लोक निर्माण विभाग के ऐसे अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने बेहतरीन काम से अपनी खास पहचान बनाई है। विजय चौधरी का कहना है कि बतौर अधीक्षण अभियंता उन्होंने अपने सर्कल के लिए पीएमसीएसवाई- 2 के 16 प्रोजेक्ट्स के लिए 182 करोड़ की राशि मंजूर करवाई है। वर्तमान में वे हमीरपुर सर्कल के अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।
बेहतरीन इमारतों व पुलों के डिजायन का श्रेय
विजय कुमार चौधरी को प्रदेश की कई बेहतरीन सरकारी इंतारतों व बड़े पुलों को डिजायन करने का श्रेय जाता है। चंबा का ट्रेक्रर हट, टांडा मेडीकल कॉलेज, मिनी सचिवालय धर्मशाला प्रथम फेज, जेानल अस्पताल धर्मशाला, पालमपुर में न्यूगल खड्ड पर पुल, सदूं पुल, आर्च ब्रिज चक्की खड्ड, आर्च ब्रिज योल, जोंगेंद्रनगर का मिनी सचिवालय, सर्कल ऑफिस जोगेंद्रनगर, कांगड़ा का मिनी सचिवालय, नगरोटा बगवां का इंजीनियरिंग कॉलेज, धर्मशाला का वार म्यूजियम, धर्मशाला का नया सर्किट हाउस, धर्मशाला कॉलेज के ऑडीटोरियम के इंटीरियर को उन्होंने ही डिजायन किया है। हिमाचल प्रदेश में कंकरीट रोड़ की शुरूआत करने का श्रेय विजय चौधरी को जाता है। उन्होंने ही सबसे पहले धर्मशाला में 28 मिलोमीटर कंकरीट रोड़ का निर्माण करवाया।
देश भर में छोड़ी प्रतिभा की छाप
विजय चौधरी ने अपने करियर की शुरूआत दिल्ली की आर्च कंसल्टेंसी में डिजायन इंजीनियर के तौर की। अपनी पहली जॉब के ंदौरान उन्होंनें जम्मू- कश्मीर लिंक रोड़ के पुलों का स्ट्रक्चर व पटियाला में बने पंजाब के पहले फ्लाईओवर के स्ट्रक्चर डियाजन किए। इसके बाद उन्होंने सीपीडब्यूडी व हुडको में बतौर डिजायन इंजीनियर सेवाएं प्रदान की। इस दौरान उन्होंने दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, भोपाल, भुवनेश्वर व चंडीगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर डपलपमेंट के कई अहम प्रोजेक्ट्स के डिजायन तैयार करने में अहम भूमिका अदा की।
हर जगह सर्विस का शानदार रिकॉर्ड
विजय चौधरी उक्तूबर 1996 में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में बतौर सहायक इंजीनियर सेवारत हुए और पहली तैनाती इएनसी ऑफिस शिमला में हुई। मार्च 1997 में उन्हेें निचार उपमंडल में तैनात किया गया। दो साल वहां सेवाएं देने के बाद अप्रैल 1999 में चीफ इंजीनियर ऑफिस धर्मशाला में सहायक इंजीनियर डिजायन के तौर पर तबादला हुआ। वे सहायक अभियंता कांगड़ा, पालमपुर, व जोगेंद्रनगर सर्कल में एक्शियन डिजायन के तौर पर सेवाएं प्रदान करने के बाद मार्च 2011 से जनवरी 2012 तक एक्शियन कांगड़ा के पद पर रहे । फरवरी 2012 से लेकर अप्रैल 2018 तक एक्शियन धर्मशाला रहे हैं। मंडी सर्कल एक के अधीक्षण अभियंता पदोन्नत होने से पहले वे अप्रैल 2018 से फरवरी 2019 तक स्मार्ट सिटी धर्मशाला के अधिशाषी अभियंता रह चुके हें। वर्तमान में वे लोकनिर्माण विभाग हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता है।

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