सरकाघाट की बेटी ने लिखी ज़िन्दगी जीने की कला पर किताब

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सरकाघाट की बेटी कल्पना ने लिखी ज़िन्दगी जीने की कला पर किताब
फोकस हिमाचल, मंडी
ज़िन्दगी भी एक जीने की कला है , सीखें जीवन जीने की कला सरकाघाट की बेटी कल्पना से , अपने ज़िन्दगी के अनुभव को उन्होने शब्दो में पिरोया है .सारी दुनिया इस समय एैसे दौर से गुजर रही है ज़िससे निकलना हर किसी के लिए आसान नी है. बस एक खुशहाल, सफल जीवन जीने के लिए व्यावहारिक तकनीक यानि कर्म करें, तनाव से लेके कोई भी दर्द स्थायी नही है ,खुद पर विश्वास और अभ्यास करके किसी भी हार से आप लड़ सकते हैँ ये किताब ब्यां करती है उदाहरण से लेके वास्तविक जीवन के अनुभवों को कल्पना ने इस किताब में साँझा किया है। कल्पना का मानना है की इस किताब के माध्यम से आप भी वैसा ही परिणाम प्राप्त कर सकते हैं जैसा मैंने पाया।  पढ़ना ही काफी नहीं है, अब कृपया वापस जाएं और लगातार अभ्यास करें। जब तक आप वांछित परिणाम प्राप्त नहीं करते तब तक इसे जारी रखें।
यह जानकर मुझे बहुत खुशी होगी कि पुस्तक ने आपकी मदद की है। हम व्यक्ति से कभी नहीं मिल सकते हैं, लेकिन इस पुस्तक में हम ज़रूर मिलेंगे ,मैं आपके लिए प्रार्थना करती हूं, वह (भगवान) आपकी मदद करेंगे।  इसलिए उस पर विश्वास करें, अपने आप पर विश्वास करें और सफलतापूर्वक रहें। फिर से कल नया सवेरा होयेगा ,ये वक्त और लम्हा भी बीत जायेगा।
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