शिखर पर सराज – संसाधनों के लिए रही मोहताज, बनी बेडमिन्टन की सरताज

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शिखर पर सराज – संसाधनों के लिए रही मोहताज, बनी बेडमिन्टन की सरताज
मंडी जिला की बालीचौकी तहसील की अति दुर्गम पंचायत खलवाहण के सुधराणी गांव की दिव्या दुग्गल का हिमाचल के ख़िताब पर कब्ज़ा
मंडी से विनोद भावुक की रिपोर्ट
मंडी जिला की बालीचौकी तहसील की अति दुर्गम पंचायत खलवाहण के सुधराणी गांव की दिव्या दुग्गल ने बेडमिन्टन के हिमाचल के ख़िताब पर कब्ज़ा कर लिया है।21 साल की दिव्या ने सीनियर वर्ग के खिताब को अपने नाम कर सनसनी फैला दी है। वह हिमाचल प्रदेश की अंडर 13, अंडर 15, अंडर 17 और अंडर 19 की स्टेट चैंपियन रह चुकी। अपने खेल से राष्ट्रीय स्तर पर धूम मचने वाली दिव्या की कामयाबी की कथा इसलिए रोचक है कि जिस गांव से वह सम्बन्ध रखती है, उस गांव में इंडोर स्टेडियम दूर दूर की कौड़ी, ढलान पर बसे इस गांव में ओपन बैडमिन्टन मैदान तक बनाना मुश्किल काम है। संसाधनों के लिए मोहताज़ रहने वाली एक आम घर की लड़की ने जिद और जुनून से प्रेरक कथा लिख डाली।
गांव के स्कूल से खेल की शुरुआत
दिव्या ने अपनी दसवीं तक की पढाई सुधराणी स्थित राजकीय पाठशाला से की है। यहीं से उसका बैडिमिंटन खिलाडी बनने का सफर शुरू हुआ। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) में दस जमा की पढ़ाई के दौरान उसके खेल में जबरदस्त निखार आता गया। उसके कोच लोकेश शर्मा और राजेन्द्र वैद्य ने दिव्या को राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने के लिए खूब पसीना बहाया। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान दिव्या कई प्रतियोगिताओं को अपने नाम करने में कामयाब रही।
उपलब्धियों भरा सफर
दिव्या भविष्य में देश की अंतराष्ट्रिय बैडिमिंटन खिलाडी बनने की मजबूत दावेदार है। वह हिमाचल प्रदेश की अंडर 13, अंडर 15, अंडर 17 और अंडर 19 की स्टेट चैंपियन रह चुकी। सीनीयर राष्ट्रीय बैडमिंटन में छोटी उम्र में झंडे गाड़ चुकी है और अपने से बड़ी उम्र की खिलाड़ियों को मात दे चुकी है। वह कई बार राष्ट्रीय जूनियर और सब जूनियर प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी है। जूनियर वर्ग में नार्थ जोन का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। पीवी संधु जैसी देश की नामी खिलाड़ी के साथ खेल चुकी है।


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