लोकडाउन में खुद हो गया था बेरोजगार, अब एक अन्य को दे रहा रोजगार, छूटा फाइव स्टार तो बेकरी का कारोबार बना लवली की आर्थिकी का आधार

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लोकडाउन में खुद हो गया था बेरोजगार, अब एक अन्य को दे रहा रोजगार, छूटा फाइव स्टार तो बेकरी का कारोबार बना लवली की आर्थिकी का आधार
जोगिन्द्रनगर से सत्य प्रकाश ठाकुर की रिपोर्ट
जोगिन्द्रनगर के कुठेहड़ा निवासी लवली फाइव स्टार ऑबराय होटल आगरा में काम कर रहे थे, लेकिन पिछले साल कोविड 19 के चलते लगे देशव्यापी लोकडाउन के कारण जून में उनकी जॉब जाती रही। हर माह 25 हजार कमाने वाला यह युवक बेरोजगार हो गया और घर लौटना पड़ा। रोज बड़े पैमाने पर नौकरियां जा रहीं थीं, ऐसे में 26 साल के लवली ने आगे अब अपनी आर्थिकी को चलाने के लिए अब नौकरी के बजाये खुद का उद्यम शुरू का निर्णय लिया। होटल लाइन में काम करते हुए लवली को यह बात अच्छी तरह से पता थी कि बेकारी उत्पादों के लिए उपभोगताओं में मांग बढ़ रही है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए उसने बेकारी उद्योग में अपना स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया। बेशक शुरू में उसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन थोड़े से समय में यह स्टार्टअप अपने ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अब एक अन्य युवा को घर के पास रोजगार उपलब्ध करवा रहा है लोऔर गों को उच्च गुणवत्ता युक्त बेकरी उत्पाद उपलब्ध करवा कर उनके स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रख रहा है। लवली के तैयार किये केक, पेस्ट्री, पिज़्ज़ा, बिस्कुट, स्वीस रोल्स की बाज़ार में खासी मांग है।
मुश्किलों से सीखा बेहतर करना
अगस्त 2020 में लवली ने मच्छयाल में बेकरी उत्पाद बनाने शुरू किये। शुरू में मशीनरी कब अथवा आउटडेटेड होने के कारण कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लवली ने धीरे- धीरे अपने स्टार्टअप की जरूरत के अनुसार मशीनरी का विस्तार किया। अब उनके पास आधुनिक मशीनरी वाली बेकरी है, जिससे उत्पादन क्षमता भी बढ़ गई है और कारोबार को भी विस्तार मिला है। लवली को अपनी फाइव स्टार होटल की नौकरी जाने का रंज नहीं है। इस बीच अपनी बेकरी में एक अन्य व्यक्ति को भी अपनी सहायता के लिए रोजगार पर रख लिया है।
मेडिकल कॉलेज की कैंटीन से फाइव स्टार का सफर
जमा दो करने के बाद साल 2012 में लवली का शिमला के आईजीएमसी कॉलेज की कैंटीन से उनका रोजगार का सफर शुरू हुआ। कुछ बेहतर करने की चाहत लवली को चंडीगढ़ ले गई और एक वर्ष तक होटल गोल्डन टयूलिप में काम किया। बेकरी प्रोडक्ट्स को अपनी विशेषज्ञता बनाते हुए वे राजस्थान के उदयपुर पहुंच गये तथा यहां दो साल होटल कंपनी ललित व लीला में काम किया। इसके बाद 6 माह के लिए बंगलुरू में प्रसिद्ध होटल मेरियॉट में काम किया। उनका चयन देश की नामी फाइव स्टार होटल कंपनी ओबेरॉय में हो गया तथा वर्ष 2018 में वे आगरा पहुंच गए। वर्ष 2020 में लगे लॉकडाउन के कारण जून में उनकी यह नौकरी भी जाती रही।
17 साल की उम्र से शुरू हुआ संघर्ष
घर के खराब आर्थिक हालात को देखते हुए 12 वीं तक की शिक्षा हासिल करने के बाद विकट परिस्थितियों में 17 वर्ष की आयु में नौकरी की तलाश में घर छोड़ छोड़ने वाले लवली ने आठ साल के संघर्ष में अनेक उतार चढ़ाव देखे। इस दौरान उन्हें होटल उद्योग से लेकर लोगों की खान- पान की आदतों के बारे में समझ पैदा हुई, जो आगे चल कर उनके स्टार्टअप का आधार बनी। लवली का कहना है कि नौकरी के बजाए स्वरोजगार के माध्यम से उनके पास न केवल अच्छा कमाने का अवसर है,बल्कि इससे आत्म संतुष्टि भी मिलती है। उनके पास अपने कारोबार के विस्तार के लिए असीमित अवसर हैं। सही लक्ष्य को केन्द्रित कर पूरे समर्पण व मेहनत के साथ अपने स्टार्टअप को बड़ा ब्रांड बनाना है।

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