लीक से हट कर – रीठा किंग के नाम से जाना जाता है हिमाचल का यह गबरू, बैजनाथ के कर्ण जम्वाल भारत के रीठा का जर्मनी ने परिचय करवाने वाले पहले उद्यमी

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लीक से हट कर – रीठा किंग के नाम से जाना जाता है हिमाचल का यह गबरू, बैजनाथ के कर्ण जम्वाल भारत के रीठा का जर्मनी ने परिचय करवाने वाले पहले उद्यमी
बैजनाथ से विनोद भावुक की रिपोर्ट
आज हम आपको मिलते हैं हिमाचल प्रदेश के ऐसे उद्यमी से, जिसे विदेशों में भारतीय रीठा किंग के नाम से जाना जाता है. कांगड़ा जिला के बैजनाथ उपमंडल के रहने वाले कर्ण जम्वाल पहले भारतीय हैं, जिन्होंने जर्मनी को भारतीय रीठा से परिचित करवाया. उन्होंने वर्षों जर्मनी को रीठा की आपूर्ति की है.
कर्ण जम्वाल ओरगेनिक प्रोडूस का कारोबार करने वाली एमपी की एक कंपनी के निदेशक है. जब ओरगेनिक प्रोडूस को लेकर भारत में कम ही लोग काम कर रहे थे, 1998 में कर्ण जम्वाल ने ओरगेनिक प्रोडूस के कारोबार की दिशा में कदम बढाए और न केवल घरेलू बाज़ार, बल्कि विदेशों तक अपनी पैठ बनाई. वे ओर्गेनिक फार्मिंग को हिमाचल में इंट्रोडयूस करने वाली शुरुआती उद्यमियों में एक बने.
दुनिया के 13 देशों में ओरगेनिक प्रोडूस का कारोबार
कर्ण जम्वाल की कंपनी अमेरिका और कनाडा सहित यूरोप के 13 देशों में ओरगेनिक प्रोडूस का कारोबार करती है. इस कारोबार में उनका 25 साल का लम्बा अनुभव है. उन्होंने दुनिया के विभिन्न देशों में भारतीय ओरगेनिक प्रोडूस की एग्जीविशन में हिस्सा लिया है. उनकी कंपनी इन दिनों नवामी गंगे परियोजना के तहत गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों को ओरगेनिक खेती के लिए प्रशिक्षित कर रही है. कर्ण की कंपनी हिमाचल प्रदेश में भी ओरगेनिक फार्मिंग को बढाने की दिशा में काम कर रही है. भविष्य में वे हिमाचल की हर्ब्स को प्रोसेस कर विदेशी बाज़ार में उतारने की कार्ययोजना पर काम कर रही है.
सियासत में गहरी पैठ
कर्ण जम्वाल की क्षेत्र की राजनीति में मजबूत पकड़ रही है. उनके भाजपा मंडल अध्यक्ष रहते भाजपा ने विधानसभा चुनाव में बैजनाथ में शानदार सफलता हासिल की है. उनके राजनीतिक कौशल और चुनाव प्रबंधन का लोहा उनके राजनितिक विरोधी भी मानते हैं. सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहने की उनकी आदत उन्हेब एक सुलझा और संवेदनशील राजनेता बनाती हैं.

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