लीक से हट कर – दुनिया भर में मशहूर गोवा के ‘कोल्सो’ रेस्टोरेंट के मालिक हैं मनाली के जैकी, हिमाचली प्रतिभा ने गोवा में बनाई अपनी खास पहचान, दस साल में हासिल किया बड़ा मुकाम

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लीक से हट कर – दुनिया भर में मशहूर गोवा के ‘कोल्सो’ रेस्टोरेंट के मालिक हैं मनाली के जैकी, हिमाचली प्रतिभा ने गोवा में बनाई अपनी खास पहचान, दस साल में हासिल किया बड़ा मुकाम
मनाली से विनोद भावुक की रिपोर्ट
यह प्रेरककथा है इंटरनेशनल टूरिस्ट हिल स्टेशन मनाली के जैकी ने समुद्र किनारे स्थित दूसरे इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिेशन गोवा में बड़ी कारोबारी कामयाबी हासिल की है। जैकी गोवा के ‘कोल्सो’ नाम के रेस्टोरेंट के मालिक हैं। ‘कोल्सो’ दुनिया भर के टुरिस्टों के बीच मशहूर कॉटेज है। मनाली की पहाडिय़ों से जैकी दस साल पहले अपना घर छोडक़र गोवा गया। उसे गोवा से प्यार हो गया और उसने हमेशा के लिए वहां बसने का फैसला कर लिया। इस साल के सफर में जैकी ने गोवा के कारोबारी जगत में बड़ा मुकाम हासिल किया है।
समुद्र से साथ पहली मुलाकात
दस साल पहले जैकी को समुद्र के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। गोवा के बारे में सुना जरूर था, लेकिन जिनता सुन रखा था, उनता ही पता था। मडग़ांव रेलवे स्टेशन पहुंच कर किसी से पूछा कि समुद्र तट कहां है तो जवाब इशारे में मिला। जिस तरफ का इशारा था, जैकी ने दोस्तों संग उस दिशा में चलना शुरू किया। आठ किलोमीटर का सफर पूरा करते-करते शाम हो चुकी थी। जैकी का कहना है कि समुद्र को देखकर उन्हें एक अजीब सा अहसास हुआ। ऐसा लग रहा था जैसे समुद्र हमारा स्वागत कर रहा है। वह वह पूरी रात समुद्र तट पर सोया रहा। जैकी का कहना है कि यह यात्रा एक सपने की तरह है। पता ही नहीं चला कि दस साल कैसे बीत गए। इस दौरान दिन और रात के बीच कोई अंतर नहीं था।
अनुशासित जगह ‘कोल्सो’
जैकी अब गोवा में एक जाना माना नाम है। दुनिया भर से लोग उनके रेस्टोरेंट में आते हैं। यह वास्तव में एक अत्याधिक अनुशासित जगह है। जैकी का कहना है कि अपनी बुद्धिमता का विस्तार करने और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की जरूरतों को समझने के लिए वह खुले तौर पर उनके सुझाव लेते हैं और उन्हें लागू करने की पूरी कोशिश करते हैं। वे कहते हैं, कि दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। हम उनसे पूछते हैं कि उनके देशों में क्या होता है और यहां की चीजों को बेहतर बनाने के लिए उनकी सलाह लेते हैं। हम अपने मेहमानों की खान- पान की जरूरतों को समझते और उन्हें पूरा करते हैं।
संवाद करना सीखता गोवा
जैकी के अनुसार गोवा एक ऐसी जगह है जहां लोग स्वाभाविक रूप से दूसरों के साथ संवाद करना सीखते हैं। एक- दूसरे की भाषा के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के बावजूद लोग एक- दूसरे से संवाद में सहज नजर आते हैं। जैकी अपनी मां का एक उदाहरण साझा करते हुए कहते हैं कि एक बाद मनाली से उनकी मां उनसे मिलने गोवा पहुंची, जिसके पास हिमाचल प्रदेश के मनाली क्षेत्र में बोली जाने वाली मौखिक भाषा के अलावा कोई अन्य भाषा नहीं है। लेकिन जब वह यहां थी, शारों के माध्यम से दूसरों के साथ संवाद करने में काफी सहज थी। एक दिन मैंने उन्हें एक फ्रांसीसी और एक रूसी पर्यटक के साथ संवाद करते पाया। मैं उन्हें देख रहा था और सोच रहा था कि वे कैसे संवाद कर रहे हैं। वे भोजन साझा करने में बहुत खुश थे।
‘कोल्सो’ है रूसी भाषा का शब्द
जैकी कहते हैं कि उन्होंने अपने रेस्टोरेंट को ‘कोल्सो’ नाम दिया है। उनका कहना है कि‘कोल्सो’का मतलब है कि एक पहिया जो घूमता रहता है। बे कहते हैं कि बेशक उनके रेस्टारेंट का नाम रूसी भाषा में हो, लेकिन ‘कोल्सो’ में दुनिया भर के विभिन्न देशों के पर्यटक नियमित आते हैं। उनका कहना है कि वे अपने मेहमानों के लिए एक अच्छे मेजबान की भूमिका में हमेशा तैयार रहते हैं। वह कहते हैं कि सालों साल ‘कोल्सो’ में आने वाले मेहमानों की संख्या बढ़ती जा रही है। वे कहते हैं कि विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों के खान- पान की जरूरतों को वे और उनकी टीम न केवल बेहतर ढंग से समझते हैं, बल्कि उनको उनके पंसदीदा खान- पान की व्यवस्था में हमेशा तत्पर रहते हैं। मेहमान की संतुष्टि की उनके रेस्टोरेंट की खास पहचान है।
मनाली- गोवा के बीच कनेक्शन
जैकी को ट्रेकिंग का शौक है और इसके लिए वे हिमाचल आते रहते हैं। दरअसल, वे गोवा और मनाली के बीच खास कनेक्शन हैं। गोवा आने वाले विदेशी पर्यटकों को वे हिमाचल घूमने खासकर मनाली जाने की सलाह देते हैं। ऐसे पर्यटकों के रहने- ठहरने की व्यवस्था करवाने के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं। वे कहते हैं कि उनका बचपन व किशोरावस्था पहाड़ में बीते हैं। महाड़ का सम्मोहन आज भी मोहपाश में बांध लेता है, लेकिन गोवा के सागर की लहरों की मस्ती उतनी ही शिद्दत से उन्हें अपनी ओर खींचती है। वे कहते हैं कि पहाड़ के युवा की समंदर की लहरों के प्रति यह अजब सी कशिश क्यों है। जो भी है जैकी को अब मनाली की तरह गोवा भी अपने घर जैसा लगता है और इसी प्यार के चलते वह हमेशा- हमेशा के लिए यहां से बंधे रहना चाहते हैं।
टीम ने बनाया सफल उद्यम
जैकी ने पहाड़ी क्षेत्र से दूर समुद्र के किनारे ने अपना कारोबारी साम्राज्य रूथापित किया है, उसके लिए दिन रात मेहनत की है। जैकी का कहना है कि किसी भी व्यवसाय को सफल उद्यम में बदलने के लिए बेहतरीन प्रबंधन के साथ एक उत्साही टीम की भी अहम भूमिका होती है। अपने सक्सेस मंत्रा के बारे में बताते हुए युवा व्यवसायी जैकी कहते हैं कि एक योग्य टीम को अपने साथ जोडऩा एक हुनर है। जो टीम को साथ लेकर चलने में माहिर है, टीम भी उस कारोबारी के लिए बेस्ट करने को तैयार रहती है। जैकी अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी टीम को देते हैं। वे कहते हैं कि उनकेे व्यवसाय को सफल उद्यम बनाने के लिए उनकी टीम चौबीसों घंटे काम करती है। जैकी कहते हैं कि ऐसी जगह चलाने के लिए आपको ऊर्जा और अनुभव की आवश्यकता होती है। मेरे कर्मचारी काफी विश्वसनीय होते हैं। वे जुनून के साथ काम करते हैं। उनके लिए जीवन कभी भी उबाऊ नहीं होता है। वे काम के लिए एक- दूसरे को प्रेरित करते हैं। वे इस रेस्तरां को 24 घंटे खुला रखने का प्रबंध करते हैं। उनका कहना है कि दस साल पहले जब वे गोवा आए थे तो उनके पास गोवा के बारे में भी खास जानकारी नहीं थी। यह उनकी जिद और जुनून का ही कमाल है कि दस साल के अंतराल में न केवल उनके रेस्टोरेंट की एक अपनी पहचान है, बल्कि इस काम से उन्हें भी देश- दुनिया में पहचान दी है। इस रेस्टोरेंट्स की वजह से दुनिया भर के देशों में उनके दोस्त हैं। जैकी का कहना है कि यह उनकी किस्मत है कि उन्होंने एक ऐसे व्यवसाय का चयान किया, जिसने उन्हें दौलत और पहचान दोनों दिए।

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