रैहन की वनस्पति वैज्ञानिक स्वाति चंबियाल ने तस्वीरों में उतार दी कुदरत की ख़ूबसूरती, बचपन से था रंगों से खेलने का शौक, बिना किसी प्रशिक्षण के चित्रकला में बनाई अपनी पहचान

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रैहन की वनस्पति वैज्ञानिक स्वाति चंबियाल ने तस्वीरों में उतार दी कुदरत की ख़ूबसूरती, बचपन से था रंगों से खेलने का शौक, बिना किसी प्रशिक्षण के चित्रकला में बनाई अपनी पहचान
नूरपुर से देवराज डढवाल की रिपोर्ट
प्रतिभा किसी के एहसान की मोहताज नही होती। लाख बाधाओं को भी पार कर वह निखरकर बाहर आ ही जाती है । रैहन निवासी नरेंद्र सिंह व अनु चंबियाल के घर जन्मी स्वाति चंबियाल यूँ तो वन स्पति विज्ञान में एमएससी है, लेकिन ब्रश व रंगों से उसके प्रेम ने उसकी अपने सम्बन्धियों व दोस्तों के बीच एक खास पहचान बनाई है ।
स्वाति का वचपन व शिक्षा –
स्वाति ने अपनी आरंभिक शिक्षा गुरदासपुर से प्राप्त की ततपश्चात राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैहन से जमा दो करके राजकीय महाविद्यालय देहरी से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की । इसी दौरान 2014 – 15 में इंटर कॉलेज स्पॉट फोटोग्राफी में स्वाति ने हिमाचल में प्रथम स्थान हासिल किया व पारिवारिक कारणों से इंटर स्टेट कम्पीटिशन में हिस्सा नही ले पाई । पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से हाल ही में वर्ष बनस्पति विज्ञानं में एम्एससी की डिग्री धारक स्वाति ने मात्र 8वीं कक्षा तक ही ड्राईग विषय को पढ़ा,लेकिन उसकी रूचि तो चित्रकारी में वचपन से ही थी ।
चित्रकारी का शौक –
फोटोग्राफी के साथ साथ स्वाति को चित्रकारी का शौक भी बचपन से ही था। उसने चित्रकारी के गुण अपनी माँ अनु चंबियाल से ही सीखे । उसकी माँ घर में तीज त्यौहार , विवाह शादी या मुंडन के समय घर को रंगोली या दीवारों लॉ चित्रकारी के माध्यम से सजाती थी तो स्वाति का भी बचपन से ही शौक रंगों से खेलना हो गया । देखा देखी में वह भी दीवारों को रंग लगाती जिससे माँ से गई बार गालियां भी पड़ती । पिता जी कहते , ” रहने दो खेलने दो न इसे ।” अतः चित्रकार के रूप में माँ को ही वह अपना प्रथम गुरु मानती है ।
प्रकृति प्रेमी –
स्वाति को घूमना बहुत पसंद है । वह अपने आप को हरपल प्रकृति के समीप लाना चाहती है इसी कारण उसकी पेंटिंग भी प्रकृति पर आधारित होती हैं । उसकी पेंटिंग में वनस्पति विज्ञान की झलक स्पष्ट मिलती है । घूमने के साथ प्राकृतिक दृश्यों को अपने कैमरे में कैद करने भी उसका शौक है । यायावरी का शौक उसे कुछ नया करने की प्रेरणा देता और उम्र इस पड़ाव पर जब युवा मोबाईल से ही खेलते हैं स्वाति का शौक तो वस रंग और ब्रश हैं । वह हरपल कुछ नया सोचती व उसे कैनवस पर उकेरती रहती है।
स्वाति की कोलेक्शन –
वाटर कलर , पोस्टर कलर व् फेब्रिक कलर का प्रयोग करने बाली स्वाति की कोलेक्शन में लगभग 40 पेंटिंग है इसके अतिरिक्त उसका बेड रूम स्वयं एक आर्ट गैलरी की तरह है जिसके अंदर जाते ही वनस्पति व चित्रकारी की सौंधी खुशबु महसूस की जा सकती है । उसके कमरे की दीवारों व बेड शीट तक स्वाति की तूलिका व रंगों का सुंदर समावेश स्पष्ट दिखता है ।
भविष्य की योजना –
स्वाति का ख्वाव है कि एक चित्रकार के रूप में उसका नाम हो और वह चित्रकारी की कुछ बारीकियां सीखने की इच्छुक है । उसका कहना है कि उसने जो भी सीखा अपनी गृहणी माँ से व अपनी लग्न से सीखा अतः यदि कोई कोई योग्य गुरु उसे मिले तो वह इस क्षेत्र में नाम कमा सकती है । उसका ख्वाव है कि उसके चित्रों की कभी कहीं प्रदर्शनी लगे जिसे भाषा व संस्कृति विभाग सरंक्षण प्रदान करे । उसका ख्बाब एम् एफ हुसैन , सतीश गुजराल और ओ पी टॉक की तरह चित्रकारी में नाम कमाना है ।

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