‘रेडी टू ईट’:  बस आर्डर करें आपके घर खुद चल कर आएगी कम तेल, मसाले और प्याज लहसुन के बिना बनाई जाने वाली स्वादिष्ट ‘कांगड़ी धाम’

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पालमपुर से संजीव कौशल की रिपोर्ट

अपने खास स्वाद के लिए मशहूर  ‘कांगड़ी धाम’ के चाहवान घर बैठे धाम का स्वाद चख सकते हैं। हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (सीएसआईआर) पालमपुर के विज्ञानिकों के प्रयासों से  कांगड़ी धाम ‘रेडी टू ईट’ के रूप में बन्द डिब्बों में देश भर में उपलब्ध करवाई जा रही है। संस्थान ने कांगड़ी धाम की रेडी टू ईट तकनीक को डवलप कर धाम के चार प्रमुख व्यंजनों के लिए प्रोसेस पेटेंट किया है। सीएसआईआर के निदेशक का कहना है कि राजमाह का मदरा, ड्राय फ्रूट रैटा, तैलीय माह तथा चने का खट्टा का प्रोसेस पेटेंट संस्थान के विज्ञानिकों के प्रयासों से प्राप्त हुआ है। संस्थान की ओर से व्यवसायिक दोहन के लिए इस तकनीक का हस्तांतरण मैंसर्ज साई फूड, बैजनाथ को किया हैै। मैंसर्ज साई फूड से आनलाइन कांगड़ी धाम के लिए आर्डर किया जा सकता है।रिमझिम फुहारों से रोम रोम खिल उठने का मौसम है सावन, श्री कृष्ण राधा के झूला झूलने का प्रसंग है सावन, आईए जानें लेखक आशीष बहल की कलम से सावन का महत्व

बैजनाथ में मैंसर्ज साईं फूड कांगड़ी धाम बनाने के लिए प्रसिद्ध है। फोकस हिमाचल में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी व फोकस हिमाचल की ओर से इसके लिए मैंसर्ज साईं फूड को सम्मानित भी किया जा चुका है।

कांगड़ी धाम: बिना प्याज, लहसुन के कम मसालेदार
खास है रेड्डी टू ईट कांगड़ी धाम में यह व्यंजन बिना किसी प्याज लहसुन के बनाए जाते हैं तथा कम से कम तेल तथा मसालों का प्रयोग होता है। सीएसआईआर के अनुसंधान में पाया गया कि कांगड़ी धाम का डिब्बाबन्द खाना सात माह से ज्यादा समय तक सुरक्षित है, जबकि  रेगुलेटरी अध्ययन में कांगड़ा धाम के इन व्यंजनों में प्रिबायोटिक प्रभाव देखा गया है जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। कांगड़ा घाटी में होने वाले शादी, जन्मदिवस जैसे विशिष्ट समारोह या आयोजन का मुख्य आकर्षण वहां पर परोसे जाने वाली धाम होती है। हालांकि जिला में कई ढाबों- रेस्टारेंट्स मे कांगड़ा धाम बनाई और परोसी जाती है, लेकिन ऐसा  पहली बार हो रहा है कि अब कांगड़ी धाम डिब्बा पैक उत्पाद के तौर बाजार में उपलब्ध होगी, जो कांगड़ी धाम के शौकीनों के लिए जायकेदार खबर है।मंडी के प्राचीन इतिहास की गहन गुफाओं में अंधेरा,  मंडी के प्राचीन इतिहास में बौद्ध संदर्भों की तलाश की कोशिश, कभी प्रसिद्ध यायावर राहुल सांस्कृत्यायन ने भी मंडी के इतिहास को खंगालने के किए थे प्रयास

बैजनाथ की मैंसर्ज साई फूड को मिला है लाइसेंस


हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान सीएसआईआर पालमपुर  के विज्ञानिकों  की ओर से इजाद इस डिब्बा पैक तकनीक का हस्तांतरण मैंसर्ज साई फूड बैजनाथ को कर उन्हें  कांगड़ी धाम के चार व्यंजनों कें रेडी टू ईट के लिए डिब्बा पैक उत्पाद बनाने को अधिकृत किया गया है। साई फूड पैक फूड, आचार और सॉस आदि के उत्पाद को लेकर खासा नाम कमा चुका है। कंपनी पालक पूरी को डिब्बा पैक के रूप में बाजार  में उतार चुकी  है।  कंपनी कांगड़ी धाम के स्वाद  को उसे चाहवानों तक पहुंचाती है।  कांगड़ी धाम के चार प्रमुख व्यंजन राजमाह का मदरा, ड्राय फ्रूट रैटा, तैलीय माह तथा चने का खट्टा अब डिब्बा पैक में उपलब्ध होते हैं।हैदराबाद में ग़ज़ल की दुनिया पर राज, कर रही कांगड़ा की आवाज़,  ज्वाली में पंजाब घराने की गायकी के बेताज बादशाह रहे लक्ष्मण दास की संगीत परंपरा को निभा रहा उनका पोता


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