रामपुर के नीरथ में है सातवीं शताब्दी का बना उत्तरी भारत का इकलौता सूर्य मंदिर, राहुल सांस्कृत्यायन की पुस्तक में है इसका उल्लेख

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रामपुर से दिनेश कुमार की रिपोर्ट

शिमला की रामपुर तहसील का नीरथ गांव उत्तरी भारत के इकलौते सूर्य मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। भारत में सूर्य भगवान के दो ही पुरातन मंदिर हैं। एक उड़ीसा के कोणार्क और दूसरा हिमाचल प्रदेश के नीरथ में है। ऐसे में नीरथ गांव का पुरातन महत्व है। यहां देश भर से सूर्य उपासक दर्शन करने आते हैं।  यह पुरातन मंदिर रामपुर से 18 किलोमीटर दूर नीरथ गांव में स्थित है।मूर्ति को आए पसीना तो समझो आपकी मन्नत होगी पूरी, जिला चंबा में हैं प्रसिद्ध देवीपीठ भलेई माता का मंदिर

सात घोड़ों के रथ पर सवार सूर्य नारायण के हाथ में कमल फूल
मंदिर के गर्भगृह में पाषाण सूर्य प्रतिमा तीन फुट ऊंची और चार फुट चौड़ी है। सूर्य को सूर्य को सात घोड़ों पर सवार दिखाया गया है। इस मंदिर में स्थापित पत्थर की मूर्ति में सूर्य नारायण सात घोड़ों के रथ पर सवार दोनों हाथों में कमल के फूल लिए हैं। मंदिर में नृत्य मग्न गणेश, शिव-पार्वती और अन्य हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं, जो प्राचीन कला की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। मंदिर की बाहरी दीवार पर बारह अवतार, लक्ष्मी नारायण, आठ भुजाओं वाले गणेश और ब्रह्म की मूर्तियां स्थापित हैं। मध्य भाग में चारों तरफ सूर्य की प्रतिमाएं और सिंह निर्मित है।अर्की में है लुटरू महादेव मंदिर : गुफा में बने गाय के थनों से टपकता पानी


मार्शल और राहुल की पुस्तकों में है सूर्य मंदिर का उल्लेख
सूर्य मंदिर का निर्माण काल सातवीं शताब्दी के आसपास का है। इस मंदिर का उल्लेख 1908 में मार्शल ने किया था, परंतु 1909 में जब एसएच फ्रेंक ने शिलालेखों को खोजने की कोशिश की तो वह सफल नहीं हुए। राहुल सांस्कृत्यायन ने अपनी पुस्तक में इसका उल्लेख किया है।बिजली महादेव : महादेव यहां खुद पर गिरा लेते हैं बिजली, मंदिर पर हर 12 साल के बाद गिरती है आकाशीय बिजली

महाभारत के  बाद परशुराम ने करवाया सूर्य मंदिर का निर्माण
सूर्य मंदिर की स्थापना संभवत: परशुराम ने की थी। जब महाभारत युद्ध में भारी नरसंहार हुआ तो परशुराम अपने हजारों शिष्यों के साथ हिमालय की ओर निकल पड़े थे। उनके ये शिष्य शैव, शक्ति और दत्तात्रेय थे। परशुराम ने उन्हें विभिन्न स्थानों पर स्थापित कर दिया। 5000 साल पुराना, 200 ग्राम का दाना : करसोग घाटी के ममेल गांव में स्थित है ममलेश्वर महादेव का मंदिर

 सूर्य का एक मंदिर कोणार्क में तो दूसरा मंदिर नीरथ गांव में
सतलुज के किनारे स्थित उत्तरी भारत में यह एक मात्र प्राचीन सूर्य मंदिर है।  सूर्य का दूसरा प्राचीन मंदिर ओडिशा के कलिंग क्षेत्र के समीप कोणार्क का सूर्य मंदिर है। यहां मंदिर का इतिहास बोर्ड पर लिखा हुआ है। सूर्य नारायण एवं अन्य मूर्तियों के दर्शन श्रद्धालु बाहर से ही करते हैं। गर्भ गृह में प्रवेश निषेध है। शायद ऐसा जगह की तंगी के कारण हो।दर्शन देकर श्रद्धालुओं की इच्छाएं पूर्ण करती है छोटी नागनी माता, मंदिर की मिट्टी से उतर जाता है सांप का जहर

बूढ़ी दिवाली के अवसर पर सूर्य मंदिर में होता है खास आयोजन
मंदिर के साथ एक प्राचीन देवी मन्दिर भी है, जिसका कुछ समय  पहले  जीर्णोद्धार हुआ है। इस प्राचीन मंदिर के  जीर्णोद्वार के लिए सरकार ने पचास लाख स्वीकृत की थी। मंदिर के प्रांगण का भी नवीनीकरण है। इस मंदिर प्रागण में हर साल बूढ़ी दिवाली का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान हजारों लोग मंदिर  में पहुंच कर सूर्य देव से आशीर्वाद लेते हैं। इस मंदिर के प्रति स्थानीय लोगों की गहरी आस्था है।    शैया पर सोती है, पानी भी पीती है माता कमाक्षा, करसोग के काओ गांव में है ऐतिहासिक मंदिर


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