राज्यसभा सांसद संग पार्टी संगठन में बड़ा पद, हिमाचल की सियासत में बढ़ गया इंदु का कद, स्वच्छ छवि वाली इंदु गोस्वामी 34 साल की कड़ी मेहनत से बनीं राज्यसभा सांसद संग राष्ट्रीय महामंत्री

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राज्यसभा सांसद संग पार्टी संगठन में बड़ा पद, हिमाचल की सियासत में बढ़ गया इंदु का कद, स्वच्छ छवि वाली इंदु गोस्वामी 34 साल की कड़ी मेहनत से बनीं राज्यसभा सांसद संग राष्ट्रीय महामंत्री
बैजनाथ से प्रीतम सिंह की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से दो पार्टी टिकटों का आबंटन सीधा प्रधानमंत्री कार्यालय से हुआ था। इंदु गोस्वामी के सियासी कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन दो नामों से एक नाम उनका था। भाजपा ने इंदु गोस्वामी को उस पालमपुर से पार्टी उम्मीदवार बनाया था, जिसे भाजपा दिग्गज शांता कुमार की गंगोत्री कहा जाता है। इंदु गोस्वामी के चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पालमपुर में जनसभा की थी, लेकिन शांता कुमार के बेहद करीबी पूर्व भाजपा विधायक प्रवीण शर्मा ने पार्टी से बागवत कर आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, जो इंदु गोस्वामी के हारने का कारण बन गया। इस चुनाव में कहा तो यह भी गया कि शांता कुमार का मूक समर्थन प्रवीण शर्मा के साथ था। इंदु गोस्वामी को उनके विरोधियों ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रचारित कर उनकी राहें मुश्किल करने की साजिश बुनी, जबकि विधानसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर लड़ा जा रहा था। इस विधानसभा चुनाव में हार से साथ ही अधिकतर राजनीतिक पंडितों ने यह मान लिया था कि इंदु गोस्वामी के सियासी सितारे गर्दिश में आ गए हैं। पार्टी के अंदर ही एक धड़ा उनके खिलाफ दिखने लगा था और नौबत प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा तक देने तक की आ गई थी।
संसद संग संगठन में ताज
इसी बीच उन्होंने एक बड़ा सियासी स्ट्रोक खेल कर अपने राजनीतिक विरोधियों के मुंह पर ताले जड़ दिए। जैसे ही साल 2020 में पार्टी आलाकमान ने राज्यसभा सांसद के लिए उन्हें आगे किया, विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद वे सियासी ध्रुव के रूप में चमकने लगीं। जिसे विधानसभा में पहुंचने से रोकने के लिए अपनों ने अड़ंगे लगाए थे, उसने संसद में पहुंच कर उन्हें करारा जवाब दिया। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से डेढ़ साल पहले पार्टी आलाकमान ने उन्हें संगठन में अहम स्थान पर नियक्ति देकर उनके सियासी कद को ओर मजबूत कर दिया है। उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में पदोन्नति दी गई है और कई बड़े राज्यों का प्रभार दिया गया है। इंदु गोस्वामी को अब हिमाचल प्रदेश भाजपा में सबसे कद्दावर नेत्री के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी इस तरक्की की एक सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि संगठन में काम करने का उनके पास लंबा अनुभव है।
गांव से राजधानी तक
इंदु गोस्वामी का नाम हिमाचल भाजपा में काफी पुराना है। इस नेत्री के पास संगठन और सरकार दोनों जगह काम करने का अनुभव है। 12 अप्रैल 1967 को कांगड़ा जिला की बैजनाथ तहसील के गनखेतर गांव के जगमोहन गिर व कौशल्या देवी के घर पैदा हुई इंदु गोस्वामी ने स्नातक तक पढ़ाई की है। वह बैजनाथ से संचालित परमार्थ इंटरनेशनल स्कूल की निदेशक हैं। अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। सोशल मीडिया पर सक्रियता के बावजूद इदु गोस्वामी पढ़ने के लिए फुर्सत निकाल ही लेती हैं। उनके चेहरे की सदाबहार मुस्कान और बोली की मिठास उनके व्यक्तित्व की विशेषताएं हैं।
पूर्णकालिक कार्यकर्ता
साल 1988 में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान भाजपा संगठन से जुड़ीं इंदु गोस्वामी ने आरंभिक आठ सालों तक युवा मोर्चा में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पार्टी के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया। साल 1998 में जब नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रभारी थे, इंदु गोस्वामी ने उनकी टीम में उनके साथ काम किया है। इंदु गोस्वामी साल 2000 से 2003 तक प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष रहीं हैं। उसके बाद समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष पद पर कार्य किया। साल 2013 से 2016 तक भाजपा प्रदेश सचिव भी रहीं और फिर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष के तौर पर संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका अदा की है और लाखों महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ा है। वे महिलाओं के अधिकारों के लिए हमेशा संघर्षरत रहीं हैं, वहीं सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वाहन में आगे रही हैं। राजनीति के हर मोर्चे पर उन्होंने न केवल खुद को कड़ी मेहनत से साबित किया है, बल्कि अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा भी मनवाया है।
काम ने दिलवाया सम्मान
करीब साढ़े तीन दशक से पार्टी की वफादार सिपाही इंदु गोस्वामी को पार्टी हाईकमान की ओर से लगातार प्रमोशन देने को पार्टी की सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबियों में गिना जाता है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से उनकी नजदीकियां भी जगजाहिर हैं। राजनीति के माहिरों का मानना है कि उन्हें भविष्य की बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार किया जा रहा है। यही कारण है कि पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट देने से लेकर राज्यसभा में निर्विरोध चुने जाने और फिर भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाने तक के सफर में पार्टी आलाकमान की ओर से उनकी मजबूत पैरवी की गई है। प्रदेश की राजनीति का यह सच है कि हिमाचल प्रदेश भाजपा में न तो अब तक किसी महिला को पार्टी संगठन की जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला है और न ही मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पार्टी संगठन की कोई नेत्री अपनी पहुंच बनाने में कामयाब हुई है। अरसे से प्रदेश भाजपा में कद्दावर महिला नेत्री का सूखा पड़ा हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इंदु गोस्वामी को भविष्य में किसी बड़े सियासी दांव के लिए तैयार किया जा रहा है।
भाजपा ने महिलाओं को जो सम्मान दिया, वह किसी राजनीतिक दल ने नहीं दिया
राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री इंदु गोस्वामी ईमानदारी, स्वच्छ छवि तथा कड़ी मेहनत के दम पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चहेती बनी हैं। पार्टी में उन्हें मिले ओहदे 34 सालों से भाजपा संगठन में सक्रिय रूप से जुड़ कर पार्टी के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने का प्रतिफल है। फोकस हिमाचल के साथ संवाद में इंदु गोस्वामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन और वनथी श्रीनिवासन के नेतृत्व में भाजपा महिला मोर्चा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त भूमिका निभाएगा। पार्टी में महिला नेतृत्व को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद गंभीर हैं, उनके दिशा -निर्देशन में महिला मोर्चा ने देश भर में मातृशक्ति को पार्टी संगठन से जोड़ने की दिशा में कार्ययोजना बनाकर उस पर काम शुरू कर दिया है। इंदु गोस्वामी का कहना है कि कोविड काल में देश भर में महिलाओं ने अहम भूमिका अदा की है। उनका कहना है कि काविड काल में फ्रंट वारियर्स के रूप में आगे आकर जिन महिलाओं ने अपनी सेवाएं दी हैं, महिला मोर्चा उन बहनों को सम्मनित कर उनका अभिनंदन करेगा। इंदु गोस्वामी के मुताबिक केंद्र की एनडीए सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए तमाम योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए सभी महिलाओं को सामाजिक आंदोलन करना होगा। तभी योजनाओं का लाभ आधी आबादी को मिल सकेगा। इंदु गोस्वामी का कहना है कि भाजपा ने महिलाओं को जो सम्मान दिया वह किसी राजनीतिक दल ने नहीं दिया। वर्तमान में केंद्र सरकार में 11 महिला मंत्री हैं। यह एक मिसाल है। भाजपा ने महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देकर साबित किया है कि वह उन्हें पूर्ण अधिकार देने की वकालत ही नहीं, काम भी करती है। भाजपा की कथनी और करनी में फर्क नहीं है। इंदु गोस्वामी कहती हैं कि महिलाएं पुरुष के साथ घर और बाहर दोनों जगह पर कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं महिलाओं की राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका है। इसलिए महिला शक्ति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी महिला शक्ति को पार्टी संगठन के साथ जोड़कर भाजपा को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। आने वाले समय में भाजपा में महिलाओं की स्थिति और मजबूत होने वाली है

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