रहस्यमय : मनाली के लेह मार्ग में है मिनरल वाटर पीने वाले भूत का मंदिर, इससे बेखबर आगे बढ़ने पर भूत मांगता है पानी और सिगरेट

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फोकस हिमाचल मनाली से ब्यूरो की रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश में कई जगह ऐसी हैं जो रहस्य और अजब घटनाओं के कारण चर्चित हैं। ऐसा ही यहां एक जगह भूत का मंदिर है जिसके बारे में कई किस्से प्रचलित हैं और कई लोगों का मानना है उन्होंने सामना भी किया है। हिमाचल के मनाली लेह मार्ग पर गाटा लूप मार्ग दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में माना जाता है। इसी रास्ते में भूत का मंदिर आता है जहां लोग भोग प्रसाद या पैसा नहीं बल्कि सिगरेट और शराब चढ़ाते हैं। यहां मिनरल वाटर भी चढ़ाई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि यहां एक युवक की आत्मा लोगों से खाना मांगती रहती थी। यहां एक युवक की आत्मा दिन रात भटकती रहती है और यहां  आने जाने वाले हर गाड़ी वाले से बस पानी मांगती है। कई लोग उस आत्मा की आवाज भी सुन चुके हैं। ऐसा कहा जाता है कि बिना पानी की बोतल चढ़ाए कोई यहां से आगे नहीं बढ़ता। भूत इस मंदिर में मिनरल वाटर पीता है।सोलन के करोल पहाड़ की इस रहस्यमयी गुफा में भगवान शिव और पांडवों ने की थी तपस्या, अंदर जाने में बड़े-बड़ों के छूट जाते पसीने

एक ट्रक दुर्घटना के बाद भटक रही आत्मा
पूरी दुनिया में यह इकलौता भूत का मंदिर है जो हिमाचल के मनाली लेह मार्ग गाटा लूप्स में स्थित है । करीब 17000 फुट की ऊंचाई पर बेहद वीरान जगह है। यहीं पर एक छोटा सा भूत मंदिर स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि करीब 30 साल पहले एक ड्राइवर क्लीनर ट्रक लेकर मनाली से लेह जा रहा था ,लेकिन सरजू से तकरीबन 35 किलोमीटर लचुलूंगला के पास 22 मोड में वाहन गिर गया। क्लीनर भी उसकी चपेट में आ गया था। ड्राइवर घायल क्लीनर को छोड़कर भाग गया, लेकिन कुछ लोग बताते हैं कि ड्राइवर दूर गांव में मदद मागने के लिए गया था और उसे वापस लौटने में काफी देर हो गई थी।मोहक्का पत्थर: इस पत्थर पर नमक चढ़ाने से दूर हो जाते हैं शरीर के मस्से, ऐसे ही जानें कोहड़ी और पांडु पत्थर से जुड़े रोचक किस्से


मिनरल वाटर नहीं चढ़ाने पर यात्रा में विघ्न
एक अन्य ड्राइवर ने घायल क्लीनर को देखा था और वह पानी के लिए चिल्ला रहा था। जब तक वह पानी लेकर आता तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसी के बाद से वहां से गुजरने वाले ड्राइवरों को उसकी आत्मा का एहसास होने लगा और ‘पानी लाओ, पानी लाओ ‘ की आवाज सुनाई देने लगी। उस दुर्घटना के बाद यहां  सड़क हादसों की संख्या भी बढ़ने लगी। उसी अतृप्त आत्मा को शांत करने के लिए यहां मंदिर बनाया गया और पानी और सिगरेट चढ़ाने लगे। इस कारण जो भी यहां से गुजरता है वह मिनरल पानी की बोतलें व सिगरेट चढ़ाता है, वर्ना  यात्रा में विघ्न आते हैं।अजब-गजब : किले के अंदर मंदिर, रात में सुनाई देती है नृत्य करती मीरा के घुंघरूओं की खनक, बृजराज स्वामी का मंदिर है नूरपुर किले की जीवंतता, कभी यह स्थान कहलाता था ‘दरबारे खास’


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