रंगों की दुनिया का बादशाह आईजीएमसी शिमला में पढ़ रहा धर्मशाला का डॉक्टर, बिना किसी प्रशिक्षण के चित्रकला की दुनिया में ऊंची उड़ान

Spread the love

रंगों की दुनिया का बादशाह आईजीएमसी शिमला में पढ़ रहा धर्मशाला का डॉक्टर, बिना किसी प्रशिक्षण के चित्रकला की दुनिया में ऊंची उड़ान
धर्मशाला से विनोद ‘बेनूर’ की रिपोर्ट
आईए, आज आपको मिलाते हैं रंगों की दुनिया के बादशाह एक ऐसे युवा से जो पढ़ाई तो बीडीएस की कर रहा है, लेकिन पढ़ाई के साथ अपने चित्रकला के हुनर को भी धार दे रहा है। धर्मशाला के दाड़ी के विवेक ठाकुर डाक्टरी की पढ़ाई के बावजूद चित्रकला के अपने पैसन के लिए समय निकाल ही लेते हैं। दिनों दिन उनकी चित्रकला निखरती जा रही है। विवेक ने कहीं से भी चित्रकला का कोई प्रशिक्षण नहीं लिया है, बल्कि बचपन से ही पैंसिल और रंगों से खेलना अच्छा लगता था। विवेक ने न केवल अपने शौक को जिंदा रखा, बल्कि वक्त के साथ साथ उसके हुनर में निखार आता जा रहा है।
कॉमिक हीरो के स्केच से शुरूआत
विवेक ठाकुर का कहना है कि बचपन में जब वह कॉमिक्स पढ़ा करता था, तब अपने पसंदीदा कॉमिक हीरो के स्केच बनाया करता था। जब उसके बनाये गए स्केच की तारीफ दोस्तों ने की तो विवेक ने देवी- देवताओं की तस्वीरें बनानी शुरू कर दीं। बचपन के शौक ने अब निखरना शुरू कर दिया था। डॉक्टरी की पढ़ाई के साथ- साथ जब भी मौका मिलता है, वह अपनी रंगों की दुनिया में गहरे उतर जाता है। विवेक के बनाए स्केच और चित्र सीधे दिल में उतर जाते हैं।
फार्मासिस्ट व हैल्थ वर्कर का बेटा डॉक्टर
विवेक ठाकुर के पिता नरेंद्र ठाकुर ज़ोनल अस्पताल धर्मशाला में फार्मसिस्ट के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता श्रीमति रंजना ठाकुर ज़ोनल अस्पताल धर्मशाला धर्मशाला में फीमेल हेल्थ वर्कर के पद पर कार्यरत हैं।
विवेक ठाकुर साल 2016 से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला से बी. डी. एस. की पढ़ाई कर रहा है। विवेक ने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई रेनबो पब्लिक स्कूल दाड़ी से की है और जमा दो तक की पढ़ाई हिम अकादमी हमीरपुर से की है। जमा दो की पढ़ाई के बाद विवेक ने नीट की तैयारी की और परिणामस्वरूप उसका चयन बी. डी. एस. के लिए हो गया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *