यंग माइंड- आठवीं- दसवीं में पढने के लिए रोज करना पड़ता था 16 किलोमीटर का पैदल सफर, नासा में सलेक्शन के बाद अब यूरोपियन स्पेस एजेंसी में सलेक्ट हुए जन्द्राह के अनुज चौधरी

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यंग माइंड- आठवीं- दसवीं में पढने के लिए रोज करना पड़ता था 16 किलोमीटर का पैदल सफर, नासा में सलेक्शन के बाद अब यूरोपियन स्पेस एजेंसी में सलेक्ट हुए जन्द्राह के अनुज चौधरी
बड़ोह से उमाकांत डोगरा की रिपोर्ट
उन्होंने संसाधनों के अभाव का रोना नहीं रोया, बल्कि चुनौतियों को अवसर बना कर खुद को साबित कर कामयाबी की अनूठी प्रेरककथाएं लिख रहे हैं. यह हिमाचली प्रतिभाओं की ऊंची उड़ान का अवस्रर है. छोटे- छोटे गांवों के आम घरों के होनहार अपनी प्रतिभा से विदेशी जमीन पर अपना परचम लहरा रहे हैं. आज की हमारी इस कहानी के नायक हैं कांगड़ा जिला के बड़ोह उपमंडल के जन्द्राह गांव के युवा अनुज चौधरी की, जिसे आठवीं और दसवीं में पढने के लिए हर रोज 16 किलोमीटर का पैदल सफल करना पड़ता था. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़ोह के स्टूडेंट रहे अनुज चौधरी का नाम कुछ साल पहले उस वक्त मीडिया की सुर्ख़ियों में आया था, जब अपनी प्रतिभा से वह नासा में सलेक्ट हुआ था. अब एक बार फिर अनुज के नाम की चर्चा है. इस बार उसका चयन यूरोपियन स्पेस एजेंसी के लिए हुआ है. यूरोपियन स्पेस एजेंसी की इंटरनेशनल रैंकिंग में अनुज 12वें रैंक पर रहा है. जल्द ही अनुज सिंगापूर की उड़ान भरने वाला है. इस चमकदार कामयाबी से अनुज युवाओं का रोल मॉडल बन गया है.
आम घर का ख़ास सितारा
अनुज के पिता दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते है और बड़ा भाई नितिन मंडी में अपना छोटा सा कारोबार चलाता है. आम घर में पैदा होने के बावजूद अनुज जन्मजात प्रतिभा का धनी है. अपने अद्भुत प्रतिभाशाली अनुज की इस कामयाबी पर बड़ोह इलाका गर्व महसूस कर रहा है. जन्द्राह की पंचायत प्रधान रूतबा चौधरी का कहना है कि आज अनुज चौधरी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुके है. अनुज ने साबित किया है कि अगर मेहनत की जाए तो चांद- सितारों को भी छुआ जा सकता है.सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़ोह के प्रिंसिपल रवि कुमार का कहना है कि स्कूल के लिए यह गौरव के क्षण हैं, क्योंकि रवि इस स्कूल का स्टूडेंट रहा है.
स्वागत के साथ मदद की उम्मीद
अनुज की इस कामयाबी पर जहां स्थानीय पंचायत ने सम्मानित करने का निर्णय लिया है. उधार बड़ोह स्कूल प्रशासन भी अनुज को इस उपलब्धि पर सम्मानित करने जा रहा है, ताकि स्कूल के स्टूडेंट्स को प्रेरणा मिले. उपमंडल अधिकारी नागरिक बड़ोह का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे एसडीएम शशीपाल नेगी का कहना है कि अनुज चौधरी को छोटी सी उम्र में मिली अदभुत सफलता गर्व करने वाली है. वे कहते हैं कि उपमंडल प्रशासन इस उपलब्धि के लिए अनुज का नागरिक अभिनन्दन करेगा. अनुज चौधरी स्पेस में अपने शोध को जारी रखने के लिए रिसर्च लैब स्थापित करना चाहता है. हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. राम लाल मार्कंडा कहते हैं कि होनहार अनुज की सरकार हर संभव मदद करेगी.

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