मुंबई की इस सुपर स्टार बेडिंग का धर्मशाला और शिमला से गहरा कनेक्शन, देवनांद और कल्पना कार्तिक की शादी हिंदी सिनेमा के इतिहास का बिरला संयोग 

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मुंबई की इस सुपर स्टार बेडिंग का धर्मशाला और शिमला से गहरा कनेक्शन, देवनांद और कल्पना कार्तिक की शादी हिंदी सिनेमा के इतिहास का बिरला संयोग 
कंटेंट – फोकस हिमाचल
सुपर स्टार देवनांद और कल्पना कार्तिक की शादी हिंदी सिनेमा के इतिहास में महज दस मिनट में सम्पन्न होने वाली शादी के तौर पर याद की जाती है। फिल्म निर्माण के दौरान सेट पर हई हुई इस शादी का हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज और शिमला के सेंट बीड्स कॉलेज से खास कनेक्शन है। सिल्वर स्क्रीन पर राज करने वाले देव साहब जहां धर्मशाला कॉलेज के स्टूडेंट रहे हैं, वहीं मोना सिंह (कल्पना कार्तिक) शिला के स्ेंट बीड्स की स्टूडेंट रही हैं। सेंट बीडस कॉलेज शिमला में पढ़ाई के दारौन मिस शिमला के ताज पर कब्जा जमाने वाली मोना सिंह (कल्पना कार्तिक) से देव आनंद की मुलाकात बाजी (1951) के सेट पर हुई थी। चेतन आनंद उन्हें शिमला से हीरोइन बनाने के लिए लाए थे। वे चेतन की पहली पत्नी उमा बैनर्जी की छोटी बहन थीं।
टैक्सी ड्राइवर  का अनूठा कारनामा 
देव आनंद और कल्पना कार्तिक की ने 3 जनवरी 1954 को टैक्सी ड्राइवर के निर्माण के दौरान स्टूडियो में ही रजिस्ट्रार को बुलाकर दस मिनट में शादी कर ली। समय की कसौटी पर खरे उतरेे इस विवाह ने देव आनंद व कल्पना को को एक पुत्र सुनील और एक पुत्री देवीना दी।
बाजी में कल्पना कार्तिक ने सहनायिका की भूमिका की और बाद में नवकेतन की आंधिया/हमसफर / टैक्सी ड्राइवर/ हाउस नंबर 44 और नौ दो ग्यारह फिल्मों में भी वे देव की नायिका बनीं। जब देव साहब ने फिल्मों का निर्माण कार्य शुरू किया तो वह सहनिर्मार्ती भी रहीं।

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