मीडिया में स्ट्रिंगर था, एसपी के कमेंट के चलते बिजनस में डॉक्टरेट, पीडब्ल्यूडी का इंजीनियर बना मास्टर ट्रेनर, आठ साल मेन स्ट्रीम जर्नलिज्म में रहे डॉ. रवि कौंडल की प्रेरककथा

Spread the love

मीडिया में स्ट्रिंगर था, एसपी के कमेंट के चलते बिजनस में डॉक्टरेट, पीडब्ल्यूडी का इंजीनियर बना मास्टर ट्रेनर, आठ साल मेन स्ट्रीम जर्नलिज्म में रहे डॉ. रवि कौंडल की प्रेरककथा
शिमला से विनोद भावुक की रिपोर्ट
जब वह किशोर स्कूल में पढ़ रहा था, किसी के साथ गलत होते देखता तो सोचता कि पुलिस में भर्ती होकर न्याय करेगा। उम्र और समझ बढ़ने के साथ अहसास हुआ कि पुलिस की नौकरी में शायद ऐसा न हो, इसलिए उसका ध्यान पत्रकारिता की तरफ गया और जो सच में आठ साल पत्रकारिता उसके मिशन में बहुत काम आई। हालांकि पत्रकारिता के दौरान उसे यह भी सुनने को मिला कि एक इंजीनियर कभी पत्रकारिता नहीं कर सकता। एक बार डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को बतौर स्टिंगर अटेंड करते हुए कुछ सवाल पूछे तो उक्त अफसर ने कहा कि उसके पास जिला स्तर पर पत्रकारिता की प्रतिभा है, लेकिन एसपी ने तंज़ कसा कि आजकल पत्रकार बिना योग्यता के ही बन रहे हैं। एसपी की बात चुभी जरूर, लेकिन इस बात को पॉजिटिव लिया और पत्रकारिता में एमफिल कर डाली।
स्ट्रिंगर कर गया डॉक्टरेट
एचपी यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता विभाग में पीएचडी के लिए पहुंचा तो एक सहायक आचार्य ने कहा कि यहां बिना यूजीसी नेट के एडमिशन नहीं होता।माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल भी दो बार गया, लेकिन एडमिशन नहीं हुआ। फिर इग्नू दिल्ली गया पर वहां भी एडमिशन नहीं मिला। एमबीए कर ही रहा था, साथ ही यूजीसी नेट के लिए मैनेजमेंट में अप्लाई कर दिया और पहले ही प्रयास में सफल भी हो गया। इसी आधार पर एचपीयू के बिजनस स्कूल में पीएचडी में एडमिशन मिल गया और एक स्ट्रिंगर डॉक्टरेट कर गया।
यूएनडीपी द्वारा आपदा प्रबंधन में प्रमाणित मास्टर ट्रेनर
प्रतिभा के धनी हमीरपुर जिला की भोरंज तहसील के भरेड़ी कस्बे के डॉ. रवि कौंडल लोक निर्माण विभाग के विधानसभा उप-मंडल में बतौर सहायक अभियंता सेवाएं दे रहे है। डॉ. रवि भूकंप प्रतिरोधी डिजाइन, निर्माण, निष्पादन और योजना में विशेषज्ञ हैं। वे यूएनडीपी द्वारा आपदा प्रबंधन में प्रमाणित मास्टर ट्रेनर है और हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) शिमला में आपदा प्रबंधन, भूकंप प्रतिरोधी निर्माण में फैकल्टी है। इतना ही नहीं, वह भूकंप जोखिम प्रबंधन और वाटरशेड मैनेजमेंट में भी मास्टर ट्रेनर है और मीडिया प्रबंधन में भी आठ साल का अनुभव है।
रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला से शुरुआत
डॉ. रवि ने साल 1994 से जून 1996 तक रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला, पंजाब में भवन निर्माण कार्यों के सिविल इंजीनियर और इंचार्ज के रूप में काम किया है।वे जुलाई 1996 से मई 1997 तक राधा सोमी सत्संग ब्यास प्रोजेक्ट चेरिटेबल हॉस्पिटल भोटा हमीरपुर में डिजाइन इंजीनियर रहे वे कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड में मई 1997 से नवंबर, 1997 काम करते हुए डीएलएफ एन्क्लेव और अंसल की बहुस्तरीय परियोजनाओं के इंजीनियर रहे। सितम्बर 1998 तथा राधा सोमी सत्संग ब्यास चेरिटेबल अस्पताल भोटा के आवासीय परिसर के प्रभारी साइट इंजीनियर के रूप में काम किया।
सरकारी नौकरी ने काम का अनुभव
डॉ. रवि ने अक्टूबर 1998 से नवंबर 2000 तक लोक निर्माण विभाग हमीरपुर में डिज़ाइन इंजीनियर (अगेंस्ट सर्वेयर) के रूप में काम किया। डॉ. रवि ने दिसंबर 2000 से अक्टूबर 2002 तक जिला ग्रामीण विकास एजेंसी हमीरपुर में में वाटरशेड डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम किया। योजना, निर्माण कार्यों के नियोजन, डिजाइनिंग, निष्पादन में शामिल। अगस्त 2007 से 16 अगस्त 2007 तक लोक निर्माण विभाग हमीरपुर में डिज़ाइन इंजीनियर (अनुबंध) नागरिक के रूप में काम किया। वे शिमला में डिजाइन इंजीनियर (सिविल) और सहायक अभियंता काम करने के बाद वे 22 मार्च, 2017 से लोक निर्माण विभाग शिमला के विधानसभा उपमंडल सहायक अभियंता के रूप में कार्य कर रहे हैं।
अध्ययन, अनुसन्धान और शोधकार्य
डॉ. रवि ने एमबीए के दौरान हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों के बीच लाइफ वर्क लाइफ बैलेंस पर अध्ययन किया और पत्रकारिता और जनसंचार में एमफिल के दौरान ‘मंडी नगर में लोगों की मीडिया की आदतें’ पर अध्ययन किया। उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के दौरान जिला हमीरपुर में ‘मीडिया हैबिट्स ऑफ़ मीडिया पीपलस ‘ पर एक अध्ययन किया । उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षणों में भाग लिया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल में सितंबर, 2014 से अप्रैल 2016 तक प्रबंधन छात्रों के लिए आपदा प्रबंधन पर व्याख्यान दिए हैं । उन्होंने हिमाचल प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में आपदा प्रबंधन के अतिथि संकाय के रूप में व्याख्यान दिए हैं। उन्होंने सरकार के विभिन्न विभागों के लिए व्यापक आपदा तैयारी के तहत भवनों के भूकंप प्रतिरोधी निर्माण पर आयोजिय अनुसंधान कार्यशाला में भाग लिया और और उनके कई शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
बेस्ट रिपोर्टिंग के लिए सम्मान
डॉ. रवि के पास पत्रकारिता के आठ साल का अनुभव है। साल 1999 से 2006 तक सात साल ‘दिव्य हिमाचल’ में ब्यूरो चीफ (स्टाफ कॉरेस्पोंडेंट) के रूप में काम किया है। वर्ष 2006 से अगस्त 2007 तक अमर उजाला में ब्यूरो चीफ (उप-संपादक) के रूप में काम किया है। उनकी कलम हमेशा पीड़ितों के पक्ष में मुखर रही है और एक संवेदनशील पत्रकार की पहचान रखते हैं। बेहतरीन रिपोर्टिंग के लिए दिव्य हिमाचल ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टिंग का पुरस्कार प्रदान किया । रवि के पिता सेवानिवृत कर्मचारी हैं जबकि माता गृहणी हैं। रवि तीन बहनों के भाई हैं और शादीशुदा हैं। उनके दो बच्चे बच्चे एक बेटा और बेटी हैं ।सीनियर स्कूल भरेड़ी में पढ़ते हुए एनसीसी में ए और बी ’सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले रवि आकाश क्लब भरेरी के अध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में सलाहकार हैं। इस क्लब को हमीरपुर में सर्वश्रेष्ठ यूथ क्लब का अवार्ड मिला है । उन्होंने चंबा में राज्य स्तरीय युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया।
विभिन्न विषयों में अध्ययन का व्यापक अनुभव
माता श्रीमती कमला कौंडल और पिता एनआर कौंडल 5 अक्टूबर 1973 को पैदा हुए रवि ने स्थानीय सरकारी स्कूल के स्टूडेंट के तौर पर हिमाचल प्रदेश स्कूल बोर्ड से जमा दो नॉन मेडिकल करने के बाद पुणे विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पर्सनल मैनेजमेंट एंड लेबर वेलफेयर करने के बाद एमएसपीआई नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैटेरियल मैनेजमेंट किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा करने के साथ हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन किया। रवि ने चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा से पत्रकारिता और जनसंचार में एमफिल, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एचआर एंड मार्केटिंग में एमबीए तथा भारथिअर विश्वविद्यालय कोयंबटूर से पर्यावरण विज्ञान में एमएससी करने के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल प्रबंधन में पीएचडी की और 2012 में प्रबंधन में यूजीसी-नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) पास की।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *