मिलिए हिमाचल के पहले कथक गुरू से, दिनेश गुप्ता ने तैयार की पहाड़ पर कथक नर्तकों की नर्सरी, हिमाचल प्रदेश के प्रथम पुरुष कथक स्नातकोत्तर हैं मंडी के दिनेश गुप्ता, कथक के शब्दकोष पर लिखी है पुस्तक

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मिलिए हिमाचल के पहले कथक गुरू से, दिनेश गुप्ता ने तैयार की पहाड़ पर कथक नर्तकों की नर्सरी, हिमाचल प्रदेश के प्रथम पुरुष कथक स्नातकोत्तर हैं मंडी के दिनेश गुप्ता, कथक के शब्दकोष पर लिखी है पुस्तक
सुंदरनगर से विनोद भावुक की रिपोर्ट
नृत्य अंगों की एक सुंदर भाषा है। यह सिद्ध हो चुका है कि भाषा के जन्म से पहले नृत्य का जन्म हो चुका था। पौराणिक कथाओं के अनुसार नृत्य के जनक भगवान शिव माने जाते हैं प्रचारक भगवान कृष्ण। भगवान शिव को नटराज व भगवान कृष्ण को नट नागर कहा जाता है। नृत्य के जनक और प्रचारक पुरुष ही थे।
कथक नृत्य के प्रसिद्ध नर्तर्को में पंडित बिरजू महाराज ,पंडित लच्छू महाराज, पंडित शंभू महाराज ,गुरु मुन्ना शुक्ला, गुरु राजेंद्र गंगानी जैसे शीर्ष नाम शामिल हैं। कथक नृत्य की इस परम्परा को हिमाचल प्रदेश में गांव- कस्बे तक पहुंचाने में दिनेश गुप्ता अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। वह हिमाचल के पहले कथक गुरू हैं।
गांव के हुनर का कमाल
मंडी जिला के गागल गांव से संबंध रखने वाले दिनेश डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदर नगर में नृत्य शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के प्रथम पुरुष कथक स्नातकोत्तर दिनेश गुप्ता का कथक को पहाड़ में लोकप्रिय बनाने में बहुमूल्य योगदान है। उन्होंने कथक नृत्य को दूरदर्शन से लेकर एक छोटे से गांव तक प्रचारित व प्रसारित करने में जम कर पसीना बहाया है।
कथक सीखने वालों के लिए लिखी किताब
दिनेश गुप्ता ने कथक नृत्य में विशारद ,भास्कर व एमए किया है। उन्होंने कथक नृत्य के प्रचार के लिए कला क्षेत्र युवा मंडल नामक संस्था बनाई है। इसी संस्था के बैनर तले दिनेश कथक नृत्य को पहाड़ पर रोपने में जुटे हैं। उन्होंने कथक नृत्य का एक शब्दकोष नामक पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक कथक नृत्य सीखने वालों के लिए गीता से कम नहीं है।
काम के लिए कई सम्मान
शास्त्रीय नृत्य कथक को हिमाचल के प्रदेश के ग्रामीण अंचल तक पहुंचाने के लिए दिनेश गुप्ता को विभिन्न मंचों से सम्मानित किया जा चुका है। हिमालयन कल्चरल हेरिटेज अवॉर्ड, महाराजा सर चंद्र प्रकाश अवॉर्ड, हिमाचल केसरी अवॉर्ड ,हिमाचल एक्सीलेंस अवॉर्ड, स्वामी विवेकानंद अवार्ड व हिम्मतरु अवार्ड उनके नाम पर दर्ज होने चुके हैं।
नृत्य बन गया जीवन का अंग
डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर में नृत्य शिक्षक दिनेश गुप्ता भारत के कई मंचों पर अपनी नृत्यकला की प्रस्तुतियां दे चुके हैं। विभिन्न नृत्य प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में अहम भूमिका निभाते आ रहे दिनेश गुप्ता कथक नृत्य की कार्यशालाएं भी संचालित करते रहते हैं। दिनेश कहते हैं कि कथक नृत्य का प्रचार व प्रसार ही उनके जीवन का लक्ष्य है।

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