मार्शल आर्ट्स की 12 कलाओं में माहिर, खाते में 200 से ज्यादा मैडल, फ़िल्मी सितारों को मार्शल आर्ट में ट्रेंड करने का अनुभव, इसके बावजूद रोटी- रोजी के संघर्ष कर रहा मंडी का खिलाड़ी अजय

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मार्शल आर्ट्स की 12 कलाओं में माहिर, खाते में 200 से ज्यादा मैडल, फ़िल्मी सितारों को मार्शल आर्ट में ट्रेंड करने का अनुभव, इसके बावजूद रोटी- रोजी के संघर्ष कर रहा मंडी का खिलाड़ी अजय
मंडी से विनोद भावुक की रिपोर्ट
मंडी का अजय राणा हिमाचल प्रदेश में मार्शल आर्ट का बिरला खिलाड़ी है. खेल के मैदान में उसके नाम शानदार उपलब्धियां हैं. अब तक के खेल करियर में दो सौ से ज्यादा मैडल अजय राणा ने अपने नाम किये हैं, जिनमें पांच मैडल नेशनल लेवल के हैं. वह जुत्त्सू बीजेजे जुत्त्सू, योआए थाप, ताईक्वान्डो, बोक्सिंग, किक बोक्सिंग, कुंगफू, शाओलिन कुंगफू, विंगचुन, निन्जा सहित मार्शल आर्ट की 12 कलाओं में माहिर है. वह जिस खेल में माहिर है, उसमें दस हजार युवाओं को ट्रेंड कर चुका है. उसके ट्रेंड किये 100 से ज्यादा युवा इंडियन आर्मी और 20 से ज्यादा युवा हिमाचल प्रदेश पुलिस में ब्लैक कमांडो बनकर सेवाएं दे रहे हैं. कोविड 19 महामारी के आने से पहले वह मुंबई में कई फ़िल्मी सितारों को मार्शल के गुर सिखा कर रोजगार सृजित कर रहा था. मार्शल आर्ट के मशहूर इन्स्टक्टर कर्मा ने उसे इंडियन आर्मी को ट्रेंड करने का ऑफर भेजा था. इस बीच कोरोना के चलते हुए लोकडाउन ने न केवल उसके रोजगार को छीन लिया, बल्कि मुंबई छोड़ गांव लौटने को मजबूर होना पड़ा. उसके पास जो थोड़ी बहुत जमा पूँजी थी, वह दो सालों में खत्म हो गई. आलम यह है कि अपने जीवन के 15 साल खेल के लिए देने वाला यह युवक बुरी तरह आर्थिक संकट से गुजर रहा है. उसकी पत्नी गर्भवती है, जिस कारण वह गांव छोड़ मुंबई जाने की भी नहीं सोच सकता. ऐसे में उसे मेहनत- मजदूरी करने को मजबूर होना पड़ रहा है.
मार्शल आर्ट सीखने के लिए छोड़ दी एमसीए की डिग्री
16 नवम्बर 1988 को मंडी के कोटली क्षेत्र के एक छोटे से गांव में पैदा हुए अजय ने सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉलेज मंडी से 2012 में कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातक करने के बाद टेक्नो ग्लोबल कॉलेज चंडीगढ़ में कंप्यूटर एप्लीकेशन की मास्टर डिग्री लेने के लिए दाखिला लिया, लेकिन मार्शल आर्ट का ऐसा शौक सवार हुआ कि इसमें महारत हासिल करने के लिए उसने अपनी पढाई को छोड़ दिया. बेशक अजय के इस जुनून के चलते परिजन उसके विरोधी हो गए, पर अजय ने देश के विभिन्न भागों में जाकर सालों की कड़ी मेहनत से बीस इन्स्टक्टरों से मार्शल आर्ट की 12 अलग- अलग विधाओं में विशेज्ञता हासिल की. इस दौरान अजय ने जिला स्तर से लेकर नेशनल लेवल तक अपने प्रदर्शन से धूम मचा दी और देखते- देखते ही दो सौ मैडल उसके खाते में जुड़ गए.
प्रेम कुमार धूमल की तरह जयराम ठाकुर दिखाए दरियादिली
अजय का कहना है कि जब प्रदेश में प्रोफ़ेसर प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा सरकार थी तो ऊना, धर्मशाला और शिमला में कराटे इन्स्टक्टर की पोस्ट क्रियेट कर उन पदों को भरा गया था. उनका कहना है कि वर्तमान जयराम ठाकुर सरकार उसी तर्ज पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी कराटे इन्स्टक्टर की पोस्टें क्रियेट कर उन पदों को भरा जाए. अजय ने बीते दिनों जोगिन्द्रनगर के विधायक प्रकाश राणा से मुलाक़ात कर गुहार लगाईं है कि उसकी खेल उपलब्धियों को देखते हुए सरकारी स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाया जाए. विधायक प्रकाश राणा ने अजय को यकीन दिलवाया है कि वह अजय की उपलब्धियों को देखते हुए सरकार से उसके रोजगार के लिए पैरवी करेंगे.

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