माइनस बीस डिग्री तापमान, देश भर की बेटियां जीत के लिए लगा रहीं जी- जान, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने काजा में किया राष्ट्रीय महिला आइस हॉकी चैम्पियनशिप का शुभारंभ

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माइनस बीस डिग्री तापमान, देश भर की बेटियां जीत के लिए लगा रहीं जी- जान, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने काजा में किया राष्ट्रीय महिला आइस हॉकी चैम्पियनशिप का शुभारंभ

काजा से फोकस हिमाचल की रिपोर्ट

विपरीत भौगोलिक परिस्थियों में जहां माइनस बीस डिग्री तापमान में ज़िंदा रहने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है, ऐसे कडाके की ठंड भरे मौसम में देश भर की बेटियां जीत के लिए जी जान लगा रही हैं। रविवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने काजा के स्केटिंग रिंक में 9वीं राष्ट्रीय महिला आइस हॉकी का शुभारम्भ किया। स्थानीय विधायक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रहे। काजा में पहली बार यह चैम्पियनशिप हो रही है, जिस मेगा इवेंट में हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना,  लद्दाख, आईटीबीपी लद्दाख,  चंडीगढ़ और दिल्ली की टीमें भाग ले रही हैं। इस इवेंट का पहला मैच दिल्ली और हिमाचल के बीच खेला गया, जिसमें दिल्ली ने 4-0 से जीत हासिल की, जबकि पहले दिन के दूसरे मैच में चंडीगढ़ ने तेलंगाना को कड़े मुकाबले में 1-0 से हराया। चैम्पियनशिप का फाइनल मुकाबला 20 जनवरी को खेला जाएगा।

 

काजा में हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स सेंटर

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुभारम्भ पर कहा कि आइस हॉकी दुनिया के सबसे लोकप्रिय शीतकालीन खेलों में से एक है। यह खेल उत्तराखंड, लद्दाख, कश्मीर और अन्य हिमालयी राज्यों में काफी लोकप्रिय है। काजा में इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन युवा पीढ़ी के बीच आइस हॉकी को बढ़ावा देने के अलावा क्षेत्र में पर्यटन विकास को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से काजा में हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स सेंटर बनाया जा रहा है। युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने के लिए 27 करोड़ रुपये की लागत से स्केट बूट उपलब्ध कराए गए हैं और लिडांग, सग्नम, लोसार, ताबो, हिकमी में छोटे स्तर पर प्रशासन द्वारा आइस रिंक विकसित किए गए हैं।

 

पहली बार नेशनल चेम्पियनशिप  

 

राज्य युवा सेवा एवं खेल विभाग ने लद्दाख महिला आइस हॉकी फाउंडेशन के सहयोग से वर्ष 2019 में काजा में पहले बेसिक आइस हॉकी दस दिवसीय कोचिंग कैंप का आयोजन किया था, जिसमें स्पीति के अलावा मंडी और किन्नौर के बच्चे आइस हॉकी की बारीकियां सीखने आए। काजा के एडीएम मोहन दत शर्मा ने बताया कि इस बार 25 दिसंबर 2021 से शुरू हुआ नेशनल आईस हॉकी कैंप का समापन 15 जनवरी को हुआ है। इस कैंप में कुल 80 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। वे स्पिति जैसे क्षेत्र में आईस हॉकी की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होना भविष्य के लिए काफी कारगर साबित होगी।

स्वर्ण जयंती खेल नीति 2021

 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्वर्ण जयंती खेल नीति 2021 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा और खिलाडिय़ों को मिलने वाली आहार राशि को दोगुना किया जाएगा। नई खेल नीति के तहत एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक या पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लिए 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। रजत पदक विजेता को रु. 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उक्त खेलों में भाग लेने पर 15 लाख रुपये, ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल पदक विजेताओं को पेंशन और अर्जुन पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार धारकों को मासिक वेतन दिया जाएगा।

 

 


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