भूस्खलन के खतरे को पहले ही भांप लेता है यह सिस्टम, आईआईटी मंडी के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप इंटियट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने डपलप किया लैंडस्लाइड मॉनिटरिंग सिस्टम,सर्वश्रेष्ठ उद्यमिता पुरस्कार 2022 में तीसरा स्थान

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भूस्खलन के खतरे को पहले ही भांप लेता है यह सिस्टम, आईआईटी मंडी के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप इंटियट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने डपलप किया लैंडस्लाइड मॉनिटरिंग सिस्टम,सर्वश्रेष्ठ उद्यमिता पुरस्कार 2022 में तीसरा स्थान

मंडी से विनोद भावुक की रिपोर्ट

भारत में उत्तरी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में जलवायु परिवर्तन से प्रेरित बाढ़ और भूस्खलन एक वार्षिक मामला बनता जा रहा है। मानसून के मौसम में लगातार हो रही बारिश अब विनाशकारी भूस्खलन का कारण बन रही है। जीवन और संपत्ति पर भूस्खलन के विनाशकारी प्रभाव को देखते हुए कम लागत वाली  प्रभावी भूस्खलन निगरानी प्रणाली विकसित करने की गंभीर आवश्यकता है। अभी तक भूस्खलन निगरानी प्रणाली के लिए महंगे सेंसर की आवश्यकता होती थी और भारी- भरकम लोगत के कारण से बड़े पैमाने पर भूस्खलन निगरानी प्रणाली तैनाती मुश्किल होती थी। अब आईआईटी मंडी स्टूडेंट्स-फेक्लटी नेतृत्व वाले इनक्यूबेटेड स्टार्टअप ने एक भूस्खलन निगरानी प्रणाली सफलतापूर्वक विकसित की है, जो कम लागत वाली है और माइक्रो-इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम आधारित सेंसर पर आधारित है। इस माइक्रो-इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम को कई भूस्खलन के दृष्टिगत संवेदनशील स्थलों पर तैनात किया जा सकता है और आर्थिक नुकसान को रोकने के अलावा लोगों की जान बचाई जा सकती है।

मंडी-जोगिन्दरनगर और मंडी-कुल्लू हाईवे पर 40 सिस्टम स्थापित

मंडी जिला प्रशासन के सहयोग और प्रोत्साहन से मंडी जिले में मंडी-जोगिन्दरनगर और मंडी-कुल्लू राजमार्गों के साथ विभिन्न भूस्खलन के दृष्टिगत संवेदनशील स्थलों पर 40 माइक्रो-इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम स्थापित किए हैं। ये प्रणालियां भारत में अब तक की सबसे बड़ी तैनाती में से एक हैं। प्रत्येक प्रणाली तैनात स्थानों पर मिट्टी की आवाजाही और मौसम के मापदंडों की निगरानी कर सकती है। इन मापदंडों को एक वेबसाइट पर सारणीबद्ध और ग्राफिकल दोनों स्वरूपों में आॅनलाइन देखा जा सकता है। इसके अलावा, प्रत्येक प्रणाली एसएमएस के माध्यम से आबादी को अपने आसपास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण वर्षा या मिट्टी की आवाजाही की घटनाओं के बारे में सूचित कर सकती है।

सर्वश्रेष्ठ उद्यमिता पुरस्कार 2022 में तीसरा पुरस्कार

आईआईटी मंडी के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप इंटियट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को माइक्रो-इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप इनोवेशन प्रोजेक्ट और नई उद्योग योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ उद्यमिता पुरस्कार 2022 में तीसरा पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार उद्योग, परिवहन, श्रम और रोजगार मंत्री बिक्रम सिंह ने प्रदान किया। इंटियट के लैंडस्लाइड मॉनिटरिंग सिस्टम  को 2019-20 में शुरू किए गए शीर्ष स्टार्टअप्स में तीसरा स्थान दिया गया है। लैंडस्लाइड मॉनिटरिंग सिस्टम पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के खतरों का समाधान है। इंटियट टीम ने भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर शुरूआती चेतावनियों से लोगों को सतर्क करने और लोगों की जान बचाने के लिए हिमालय में लगभग 40 लैंडस्लाइड मॉनिटरिंग सिस्टम तैनात किए हैं।

आपदाओं को रोकने में असरदार साबित

इंटियट सर्विसेज प्रा. लिमिटेड के निदेशक प्रो. के. वी. उदय  कहते हैं कि इंटियट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने आईआईटी मंडी में विकसित तकनीक के व्यावसायीकरण और भूस्खलन की स्थिति में लोगों के जीवन को बचाने के लिए प्रशासन तक पहुंचने का कार्यभार संभाला है। उनका कहना है कि इस सिस्टम के विकास के वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन आपदाओं को रोकने में पर्याप्त सफलता मिल रही है। इंटियट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रो. वरुण दत्त कहते हैं कि स्टार्टअप को अपने स्तर पर स्थापित करने और विकसित करने के लिए प्राप्त समर्थन के लिए एचपी सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट को धन्यवाद देते हैं। इस समर्थन से राज्य और उसके लोगों को भूस्खलन आपदाओं के बारे में जल्दी चेतावनी देने में मदद मिलेगी।


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