भारत-फ्रांस के मजबूत संबंधों का प्रतीक है चंबा की राजकुमारी और फ्रांसीसी सैनिक जनरल एलार्ड का प्रेम : महराजा रणजीत सिंह के फ्रांसीसी सैनिक जनरल एलार्ड ने किया था चंबा की राजकुमारी बुन्नू पान देई से प्रेम विवाह, फ्रांस के सेंट ट्रोपेज में बनी हैं तीनों की प्रतिमाएं

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चंबा से मनीष वैद्य की रिपोर्ट

इतिहास में अठारहवीं शताब्दी में हिमाचल प्रदेश के चंबा में घटित एक प्रेम कहानी आज भारत-फ्रांस के मजबूत रिश्तों का प्रतीक बन गई है। प्रेम कहानियों के इतिहास में यह कहानी बड़ी रोचक है। इसका संबंध पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह से भी है। जनरल एलार्ड फ्रांसीसी शासक नेपोलियन बोनापार्ट के अफसर थे। वे  बाद में भारत आ गए और पंजाब के महाराजा शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की सेना में शामिल हो गए। भारत के प्रतापी और महान शासकों महाराजा रणजीत सिंह का नाम भी लिया जाता है। 18 ईस्वी रणजीत सिंह ने एक मजबूत और शक्तिशाली सिख साम्राज्य की स्थापना की थी। जनरल एलार्ड ने पंजाब में इन्हीं की सेना की कमान संभाली थी। जहां उन्होंने अपने फ्रांस के अनुभव को पंजाब में भुनाया और नेपोलियन की सेना की तर्ज पर एक मॉडल ब्रिगेड फौज-ए-खास बनाया, जिसका श्रेय भी जनरल एलार्ड को दिया जाता है।रॉयल लव स्टोरी : पेरिस में परवान चढ़ी प्रेम कहानी, शिमला में आकर लौटाई प्रेम की निशानी, महारानी बिंद्रा ने अपनी आत्मकथा में विदेश में परवान चढ़े अपने प्रेम को जगजाहिर करने की हिम्मत दिखाई

चंबा की राजकुमारी से हुआ फ्रांसीसी सैनिक को प्रेम
पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह की सेना में रहते हुए जनरल एलार्ड की भेंट चंबा की राजकुमारी बन्नू पान देई से हुई। दोनों में प्रेम हो गया और प्रेमविवाह कर दिया।शादी के बाद 1834 में राजकुमारी बन्नु पान देई जनरल एलार्ड के साथ उनके घर फ्रांस के शहर सेंट ट्रोपेज चली गईं।

फ्रांस में प्यार का प्रतीक माना जाता है यह जोड़ा
राजकुमारी बन्नू पान देई के फ्रांस जाने के कुछ साल बाद ही 1839 जनरल एलार्ड की मृत्यु हो गई, जिसके बाद लगभग 45 साल तक राजकुमारी जनरल एलार्ड की यादों के सहारे उनके फ्रांस में बनाए घर में रहीं। 1884 में वहीं बन्नू पान देई की भी मृत्यु हो गई। आज भी फ्रांस में सेंट ट्रोपेज के लोग राजकुमारी और जनरल एलार्ड को प्यार का प्रतीक मानते हैं। इतनी ही नहीं भारत-फ्रांस के मजबूत होते संबंधों के प्रतीक के रूप में 2016 में सेंट ट्रोपेज में महाराजा और बन्नू पान देई की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया था।स्कंद पुराण में रिवालसर झील का हृदयलेश नाम से है उल्लेख, पूर्व काल में लोमश ऋषि ने की थी यहां तपस्या, पंचपुरी भी इस झील का पौराणिक नाम है

75वें कान्स फिल्म महोत्सव में अनुराग ठाकुर ने दी श्रद्धांजलि
हाल ही में 18 मई 2022 को  फ्रांस में संपन्न हुए 75वें कान्स फिल्म महोत्सव में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने नेतृत्व किया था। जहां उन्होंने चंबा की राजकुमारी बन्नु पान देई और उनके फ्रांसीसी पति जनरल एलार्ड को श्रद्धांजलि दी।आज़ादी का अमृत महोत्सव : ‘जन मण गन’ राष्ट्रीय गान के बजने पर पूरा भारत देशभक्ति के रंग में डूब जाता है, धर्मशाला के खनियारा गांव से थे इसकी धुन के रचयिता कैप्टन राम सिंह ठाकुर


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