फौजियों के लिए गीत लिखने वाले मंडी के गीतकार नरेंद्र ‘साथी’ ‘शहादत, सैनिक और शक्तिगीत’ काव्य संग्रह में कारगिल के शहीदों को समर्पित जोश भरे गीत

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फौजियों के लिए गीत लिखने वाले मंडी के गीतकार नरेंद्र ‘साथी’ ‘शहादत, सैनिक और शक्तिगीत’ काव्य संग्रह में कारगिल के शहीदों को समर्पित जोश भरे गीत 
मंडी से विनोद भावुक की रिपोर्ट
मंडी के गीतकार नरेंद्र ‘साथी’ संवभत: प्रदेश के ऐसे पहले गीतकार हैं, जिनकी रचनाएं शहादत, सैनिक और शक्तिगीतों पर आधारित हैं। वर्ष 2006 में उनके सैनिक गीतों का संग्रह ‘शहादत सैनिक और शक्ति गीत’ प्रकाशित हुआ, जिसमें मंडी से कारगिल के दस शहीद सैनिकों की बहुादुरी के किस्सों सहित देशभक्ति के कई गीत शामिल हैं। मंडी से सम्बन्ध रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार सत्य महेश शर्मा कहते हैं कि नरेंद्र ‘साथी’ की हर रचना सामाजिक दृष्टिकोण लिए हुए है और व्यवस्था के बदलाव के लिए वह नारी शक्ति का अनुकरण करते हैं।
फौजी ने लिखे फौजियों के गीत
नरेंद्र पहले भरतीय सेना थे, डोगरा रेजिमेंट में। बाद में उन्होंने पुलिस में भी सेवाएं दीं। उनके भाई जयराम ने भी भारतीय सेना में सेवाएं दीं और सेवानिवृति के बाद पुलिस में भी रहे, लेकिन एक दिन अचानक वह लापता हो गए। आज तक उनके बारे में कोई खबर नहीं आई। नरेंद्र के बेटे किशोर कुमार भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। वर्ष 2009 में नरेंद्र साथी इस दुनिया से विदा हो गए। उनकी बेटी पूर्व पार्षद सरिता हांडा कहती हैं कि जीवन के आखिरी दिनों में उनके पिता पूरी तरह लेखन के लिए सक्रिय रहे और सैनिक ही उन के गीतों की विषयवस्तु रही।
सैनिक की जननी नारों की भूखी नहीं
नरेंद साथी की सोच का पैमाना बेहद विस्तृत दिखता है। जहां उनको लगता है कि सैनिक सरहद पर देश की रक्षा करता है, वहीं नारी शक्ति सैनिकों के घर द्वार की रक्षा करती है। वह कहते हैं कि किसी भी सैनिक की जननी नारों की भूखी नहीं होती। उसे झूठ की जय जयकार से कुछ नहीं लेना। बेटा अगर मोर्चे पर तैनात है तो वह घर के मोर्चे पर परिवार की हिफाजत में जुटी है। अपने गीतों में साथी शहीदों के नाम प र होने वाली सियासत को भी बेनकाब करते हैं। अगर आप वीररस की कविताएं पढऩे के शौकीन हैं तो आपको उनकी यह पुस्तक जरूर पढऩी चाहिए। आप सबके लिए उनके एक गीत की पक्तियां —
न जननी भूखी है नारों की
न झूठ के जय- जयकारों की
सैनिक शक्ति ही रूप है उसका,
जो रक्षक है घर द्वारों की।। ……

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