प्रेरक बनी नानी, दोहती ने लिखी कामयाबी की कहानी, धर्मशाला के ढगवार गांव की डॉ. शिवानी बनी वेजीटेबल सांइस्ट

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प्रेरक बनी नानी, दोहती ने लिखी कामयाबी की कहानी, धर्मशाला के ढगवार गांव की डॉ. शिवानी बनी वेजीटेबल सांइस्ट
नगरोटा बगवां से जसवंत जस्सो की रिपोर्ट
कांगड़ा जिला के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के ढग्वार गांव के सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार की प्रतिभावान बेटी डॉ. शिवानी का चयन यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के अंतर्गत वेजीटेबल सांईटिस्ट के लिए हुआ है और वे मंडी जिला में नियुक्त की गईं हैं. इससे पहले डॉ. शिवानी अभिलाषी स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर में एसिस्टेंट प्रोफ़ेसर के तौर पर सेवाएं प्रदान कर रही थीं. शिवानी के जीवन को दिशा देने में उनकी नानी सिमरता देवी की अहम भूमिका रही है.
यही कारण है कि नानी डॉ. शिवानी की आईकन हैं. डॉ. शिवानी अपनी माता कल्पना सुखवाल को नारी सशक्तिकरण का बेस्ट उदाहरण मानती हैं जिन्होंने सीमित साधनों के बावजूद बेटी को ऊँची उड़ान के लिए खुला आसमान दिया. डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. आर पी कौशिक और डॉ. अखिलेश शर्मा जैसे शिक्षकों के शिवानी की प्रतिभा को पहचान कर आम घर की बेटी के विज्ञानिक बनने के सपनों को पर लगा दिए. पेशे से इंजीनियर छोटा भाई अक्षय डॉ. शिवानी की ताकत है.
सैनिक स्कूल की होनहार
शिवानी की स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल होल्टा कैम्प पालमपुर और सैनिक स्कूल योल से हुई. जमा दो के बाद चौधरी सरवण कुमार विश्वविद्यालय पालमपुर से बीएससी, एमएससी (वेजीटेबल सांईस) और पीएचडी (वेजीटेबल सांईस) की पढ़ाई की. स्कूल के दिनों से ही शिवानी एक अनुशासित और होनहार स्टूडेंट रही हैं और पढना पहली प्राथमिकता रही है.
‘फोकस हिमाचल’ डॉ. शिवानी के सुखद भविष्य की कामना करता है.

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