प्राइड ऑफ हिमाचल : सहकारिता के ‘सत्य’ में मेहनत का ‘प्रकाश’- कुल्लू शॉल को विश्व स्तरीय ब्रांड बनाने वाले ‘भुट्टिको वीवर्सज’ की प्ररेक कथा

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प्राइड ऑफ हिमाचल : सहकारिता के ‘सत्य’ में मेहनत का ‘प्रकाश’- कुल्लू शॉल को विश्व स्तरीय ब्रांड बनाने वाले ‘भुट्टिको वीवर्सज’ की प्ररेक कथा
कुल्लू से आरती ठाकुर की रिपोर्ट
वर्ष 1944 में सहकारिता निरीक्षक रामचंद ठाकुर के व्यक्तिगत प्रयासों से लघ घाटी के भूट्टी गांव के 12 बुनकरों ने ‘द भूट्टी वीवर्ज सोसायटी’ गठित की तो उसकी कुल जमा पंूजी तेईस रुपए चार आने थी। यह सोसायटी अगले 12 सालों तक केवल एक सौ रुपए का कारोबार कर सकी। साल 1956 में ठाकुर वेद राम ने इस सोसायटी को फिर से जिंदा करने की पहल की। वर्ष 1966 में इस सोसायटी को एक आदर्श सोसायटी की पहचान मिली। साल 1971 में जब वेदराम ठाकुर का पचास वर्ष की आयु में निधन हुआ तो उनके 23 साल के बेटे सत्य प्रकाश ठाकुर ने भुट्टिको वीवर्ज का दायित्व अपने कंधों पर लिया। 16 मई 1974 को पहली बार भुट्टिको के अध्यक्ष बनने वाले सत्य प्रकाश ठाकुर वर्तमान में सातवीं बार भुट्टिको के अध्यक्ष हैं। सहकारिता के बलबूते दोहडू़ और पट्टू की बुनाई से आगे निकलकर कुल्लू शॉल को विश्व स्तरीय ब्रांड बनाने की जिद और जुनून की की इस प्रेरक कथा के वर्तमान नायक हैं सत्य प्रकाश ठाकुर। भुट्टी वीवर्ज कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी कुल्लू के अध्यक्ष सत्य प्रकाश ठाकुर कहते हैं कि पिछले 25 सालों से ऑल इंडिया हेंडलूम बोर्ड का मेंबर होने के नाते देश, प्रदेश व जिला कुल्लू के हजारों बुनकारों के लिए सरकारों की ओर से विभिन्न योजनाओं के लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहा हूं।
वर्ल्ड फेमस ब्रांड भुट्टिको
सहकारिता के क्षेत्र में भुट्टिको आज विश्व विख्यात ब्रांड है। आज भुट्टिको के मसूरी, कानपुर और दिल्ली सहित देश- प्रदेश में 33 शो रूम हैं। भुट्टिकों के सभी शो रूमस में कुल्लू शॉलें, लोईया, बच्चों के शॉल, मफलर, स्टोलज, पौंचू, टोपियां और कुल्लू के प्रसिद्ध हथकरघा, हस्तशिल्प से बनाए मैरिनों ऊनी, अंगोरा व पश्मीना के वस्त्र और पूलें शामिल हैं। भुट्टिको सोसायटी ने राष्ट्रीय फैशन डिजाइनिंग संस्थान अहमदाबाद से मिलकर नए डिजायन तैयार किए हैं। देश-विदेश में होने वाली प्रदर्शनियों में सोसायटी के उत्पाद आकर्षण का केंद्र होते हैं। सैकड़ों बुनकर भुट्टिको सोसायटी की कॉलोनी में रहकर बुनाई का काम करते हैं, जबकि 400 खड्डियां लोगों के घरों में लगाई गई हैं।
1979 से शुरू किया एक्सपोर्ट
सत्य प्रकाश ने अपने पिता स्व. वेद राम ठाकुर के शुरू किए सहकारिता मिशन को आगे बढ़ाने के लिए अथक मेहनत की। मुलायम हल्की बढिय़ा शॉलें बनाकर उन्होंने विपणन को नई दिशा दी। सोसायटी ने 1979 से शॉलों का निर्यात शुरू किया था। वर्तमान में भुट्टिको ऑनलाइन सेल भी करती है। भुट्टिको के उत्पाद अमेरिका, कनाडा, जापान, चीन सहित विश्व के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। सत्य प्रकाश ठाकुर ऑल इंडिया हैंडलूम एसोशिएशन के मेंबर और नेशनल हेंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के नॉन आफिशियन मेंबर होने के नाते बुनकरों के हितों की पैरवी कर करते हैं।
हजारों लोगों को रोजगार
भुट्टिको ने कुल्लू के उन हुनरमंद हाथों को काम दिया है, जिन्हें हथकरधा से लगाव है। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में भुट्टिको ने कुल्लू की आठ कोठी की 25 पंचायतों के हजारों दस्तकारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए हैं। वर्तमान में भुट्टी कॉलोनी में बुनकरों के लिए 95 आवासीय मकान और पांच कार्यशालाएं हैं। यहां उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए अत्याधुनिक वर्कशॉप है।
काम को मिला सम्मान
वर्ष 1993-94 में सोसायटी को प्राथमिक हथकरघा सहकारी समितियों में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने गोल्ड मेडल प्रदान किया है। वर्ष 2005 में भुट्टिको को सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से उद्योग रत्न के पुरस्कार से नवाजा गया है। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम ने वर्ष 2008-09 को-ऑपरेटिव उत्तमता अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह पुरस्कार संस्था को भारत सरकार के कृषि मंत्री द्वारा प्रदान किया गया है।

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