प्रधानमंत्री- राष्ट्रपति को उसकी कलाकृतियां उपहार, हाथ का हुनर आजीविका का आधार

Spread the love

प्रधानमंत्री- राष्ट्रपति को उसकी कलाकृतियां उपहार,  हाथ का हुनर आजीविका का आधार
कुल्लू से डॉ. अर्चना ठाकुर की रिपोर्ट
उसके हुनर को दाद दीजिए कि उसके हुनरमंद हाथों से लकड़ी पर तराशी हिमाचल के प्राचीन मंदिरों की कलाकृतियां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राज्यपाल बंडारु सहित कई महान हस्तियों को तोहफे के रूप में भेंट की गई हैं.
इसी पर उसकी आर्थिकी टिकी है. व्यवस्था को लानत इसलिए कि इस शिल्पकार न तो कभी प्रोत्साहन मिला और न ही पुरस्कार. उल्टा अब रोटी का संकट आन खड़ा है.
पीठ थपथपाई, कोसों दूर सच्चाई
कुल्लू जिला की भुंतर तहसील के ठेला डाकघर के तहत आते रोंगणा गांव के प्रदीप कुमार की शिल्पकला को देख पीठ तो सबने थपथपाई लेकिन धरोहर संरक्षण में जुटे इस शिल्पकार की आजीविका और रोजगार को लेकर कहीं से कोई हाथ न्हीं बढ़ा.
कोविड के चलते आलम यह है कि उनकी कलाकृतियों के लिए मार्केट नहीं मिल पा रही है, जबकि उसके परिवार की दाल- रोटी इसी से चलती है.
खेलने की उम्र में सीखा हुनर
प्रदीप ने 15 साल की उम्र में अपने पिता से काष्ठकला की बारीकियां सीखनी शुरू कीं.पिता की मौत के बाद प्रदीप ने नक्काशी को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया.
प्रदीप हैंडीक्राफ्ट एंड हैन्डलूम कॉरपोरेशन द्वारा खोले ट्रैनिंग सेंटर में मास्टर क्राफ्टमैन के तौर पर युवाओं को इस कला का प्रशिक्षण भी दे चुके हैं. इस शिल्पकार की कोई कलाकृति खरीदना चाहते हो उनके मोबाइल नंबर 70180 19396 पर संपर्क कर सकते हैं.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *