पॉजीटिव डायरेक्शन में लगाएं एनर्जी

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संबोधन- पॉजीटिव डायरेक्शन में लगाएं एनर्जी, फोकस हिमाचल सम्मान समारोह 2018 के मंच से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आशीर्वचन

टांडा मेडीकल कॉलेज के सभागार से संजीव कौशल, मितेश कुमार  लाइव

फोकस  हिमाचल दो वर्ष का यह कार्यकाल पूरा हुआ। इस बीच में बहुत चर्चा में हैं। आजकल तो कुछ ज्यादा चर्चा है। कुछ साथी सोशल मीडिया में इस बात का जिक्र कर रहे थे।
मुख्यमंत्री कहां जा रहे हैं, क्यों जा रहे हैं। यह सरकारी कार्यक्रम नहीं है। इन सारी चीजों में पता नहीं मुझे क्यों बांधने की कोशिश की जा रही है। मुझे तो सिर्फ इतना कहना है कि जहां भी कोई अच्छा काम करने वाला आदमी मिलेगा, संस्था मिलेगी हम वहां जरूर जाएंगे। मुख्यमंत्री के प्रवास में इस कार्यक्रम का जिक्र नहीं है और मुझे इस बात की खुशी है कि बहुत सारे जिन लोगों ने अपना कंट्रीब्यूशन देकर, अपना योगदान देकर इस कार्यक्रम को गरिमापूर्ण बनाया है, मैंं उन्हें सम्मानित कर रहा हूं, प्रमुख रूप से यह है। हम सभी लोग समाज के लिए अच्छा काम करें, ऐसी इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रेरणा मिले, यही लक्ष्य है।
बहुत ही विनम्र आग्रह विनोद जी का था कि एक कार्यक्रम यहां करने जा रहे हैं और थोड़े से वक्त के लिए आपने उसमें आना है। मैं कांगड़ा जिला में इन दिनों जो हमारा शीतकालीन प्रवास होता है, उस कार्यक्रम के सिलसिले में हूं और मुझे सचमुच मेें ऐसा लगा कि विनोद जी में हमारा पुराना संबंध है। एक अच्छे काम के लिए हमेशा यह प्रयासरत रहते हैं। इस व्यक्ति के जितने भी यहां हमने सम्मानित किए और सम्मानित वे लोग किए, जिनका कॉंट्रीब्यूशन है, जिनका योगदान है मानवसेवा में। चाहे रक्तदान के रूप में। मैं देख रहा था कि यहां रक्तदान देने वाले जो लोग हैं- १९५ बार, ११९ टाईम, १४७ और ऐसे सचमुच में मुझे लगता है कि एक बहुत पवित्र भावना के साथ काम किया है इन लोगों ने। कहीं तो कभी ऐसा अवसर होना चाहिए, जहां उनको, उनके कंट्रीब्यूशन को समरण कर सकें। जहां उनको, उनके योगदान को हम जो हैं जो समाज के सामने प्रस्तुत कर सकें, ताकि समाज को उनके योगदान के माध्यम से प्रेरित किया जा सके और उनके साथ-साथ समाज भी ऐसे व्यक्तियों को देख सके, जिन्होंने अपना बहुत बड़ा योगदान समाज के लिए रक्तदान के रूप या समाजसेवा के रूप में दिया है।
ऐसे पुण्य काम को करने के लिए जिस प्रकार से फोकस हिमाचल ने यह इनिसेटिव लिया है, मैं बधाई देता हूं विनोद भावुक जी को, संजय भारद्वाज जी को और उनकी सारी टीम को, जिन्होंने एक बहुत बड़ा काम करने, क्योंकि इस काम को करने वाले लोग आज की तारीख में घटते जा रहे हैं। मैं काम समाज के लिए करूं, लेकिन मुझे क्या मिलेगा, लोग इस बात पर सोचते हैं। लेकिन मैं समाज के लिए काम करूं, मुझे कुछ नहीं चाहिए, ऐसे बहुत कम लोग मिलते हैं। और मैं इस बात के लिए भी धन्यवाद करना चाहता हूं आप सबका जो सीएम रिलीफ के लिए बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन आप सब लोगों ने इस कार्यक्रम के माध्यम से किया। यह कंट्रीब्यूशन उन लोगो के लिए जो अपने इलाज के लिए मोहताज होते हैं। सुबह दरवाजे पर खड़े हो जाते हैं। अस्पताल में ऑप्रेशन होना होता है। हॉस्पीटल में उनको दवाई के लिए, उपचार के लिए पैसा चाहिए, पैसा नहीं है। ऐसी परिस्थिति में उनकी मदद करना हमारा नैतिक दायित्व बनता है, लेकिन जब मुझे मुख्यमंत्री बने अभी कुछ दिन हुए थे, मेरे सामने इस प्रकार के मामले आए। लोग कहने लगे तुरंत चाहिए, मदद चाहिए, इलाज के लिए मदद चाहिए। मैंने पता किया कि मुख्यमंत्री राहत कोष में पैसा कितना है?  मालूम पड़ा कि सारा पैसा समाप्त कर दिया गया। कोई पैसा नहीं था। लगभग दो लाख से भी कम पैसा था।
ऐसी परिस्थिति में मैंने प्रदेश की जनता से अपील की। अपील इसलिए कि मैं चाह रहा था कि जो लोग योगदान कर सकते हैं, उन्हें आगे आना चाहिए कि यह एक अवसर है। आज मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने कहा कि हम कार्यकम में जा रहे हैं। स्वागत के कार्यक्रम, सम्मान के कार्यक्रम हो रहे हैं। कांगड़ा में बहुत सारे लोग बड़े सारे बुकें लोकर, मिठाई के डिब्बे लेकर आते हैं। मिठाई का डिब्बा, मैंने कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए, अगर एक काम कर सकते हैं आप, इस मिठाई के डिब्बे के बजाय, इस फूल के बुके के बजाय अगर आप मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना योगदान दें, तो मुझे लगता है बहुत बड़ा  सेवा का काम। मुझे इस बात की खुशी है कि एक महीने के छोटे से कार्यकाल में एक करोड़ से ऊपर राशि छोटी-छोटी राशियों में जमा हुई है। यहां तक कि जो छोटे-छोटे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, उन्होंने अपने गुलक में जमा किया पैसा भी मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया। इसलिए मैं आप सबका इस मंच के माध्यम से धन्यवाद करता हूं कि एक बहुत बड़ा पुन्य का काम यह भी किया है कि मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना सहयोग दिया है।
फोकस हिमाचल की टीम को बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। यह सब चलता रहता है जो चलता है। हमको तो सुबह से शाम झेलना पड़ता है। थोड़े आदी आप भी बन जाएं। थोड़ी आदत आपको भी पड़ जाए। जो पत्रकार होते हैं, हमारी सेवा करते रहते हैं। कुछ प्यार से करते हैं, कुछ बड़ी तसल्ली से करते है। इसलिए लोकतंत्र का चौथा स्तंभ रहा, इसमें मुझे कोई आपत्ति नहीं है। अच्छा बुरा यह सब सामने आना चाहिए। मुख्यमंत्री बनने के पश्चात मुझे जो मीडिया के माध्यम से मिलता है, सोशल मीडिया के माध्यम से मिलता है। मैं उसमें से ढूंढने की कोशिश करता हूं। क्या ठीक हो रहा है, क्या गलत हो रहा है, अपना एक असेस्मेंट करने की कोशिश करता हूं। लेकिन यह भी बात है कि कुछ लोग सुबह से शाम तक एक ही काम करते हैं कि ठीक कुछ है ही नहीं दुनिया में। पर वो भी मुझे लगता है कि नजरिया ठीक नहीं है। मनुष्य है, तो गलती स्वाभिक रूप से मुझसे भी होगी, किसी दूसरे से भी होगी।
लेकिन हम हर बात को इस तरह से देखें कि यह भी गलत हो रहा है, वो भी गलत हो रहा है, ठीक कुछ नहीं हो रहा है। मुझे लगता है कि यह दृष्टिकोण भी ठीक नहीं। लेकिन उसके बावजूद मैं आप सबका धन्यवाद करता हूं, इस प्लेटफॉर्म पर आने का मौका मिला। आज सुबह से हमारे ८ बजे से कार्यक्रम चले थे। अब यह कार्यक्रम हमारा आज की शाम का अंतिम कार्यक्रम था। यहां आने में विलंब हुआ, आपको इंतजार करना पड़ा, मैं क्षमा चाहूंगा। इसके बावजूद इस कार्यक्रम में आप लोग उपस्थित रहे, आपका धन्यवाद
करता हूं।
हम फिर मिलेगे, जल्दी मिलेगें। जल्दी मिलकर ओर चीजों पर भी आपका सहयोग लेकर आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ेंगे। हिमाचल हमारा देवभूमि है। यहां काम करना है, विकास करना है। हिमाचल शिखर पर हो, यह हमारा सपना है। इसके लिए हमको काम करना है। हम बहुत चीजों में नहीं जाते। बदले की भावना से काम करना हमारी मंशा नहीं है। हर बात में खोजते रहना, यह भी हमारी मंशा नहीं। हम अपनी एनर्जी पॉजीटिव डायरेक्शन में लगाने की कोशिश करेंगे। उसमें हिमाचल का भला हो, हिमाचल की जनता का भला हो।
एक महीने तीन दिन का कार्यकाल अभी पूरा हुआ है, लेकिन बहुत जल्दी कुछ लोगों ने हिसाब मांगना शुरू कर दिया। एक महीने में यह नहीं हुआ, वो नहीं हुआ। इसके बावजूद हम सब मिलकर काम करें। आईए इस वचन के साथ, इस लक्ष्य के साथ हम आगे बढ़ें। एक बार फिर आज के इस कार्यक्रम में जिन लोगों ने अच्छा काम किया है, समाजहित में काम किया है, समाज के लिए काम किया है, उनको मैं बहुत साधूवाद देता हूं। बहुत बधाई देता हूं। उसके साथ-साथ में इस काम को जारी रखिए, कोई आपको अच्छा बोले तो भी परवाह करने की जरूरत नहीं है, कोई आपको अच्छा न बोले, तो भी परवाह करने की जरूरत नहीं है। अपना लक्ष्य समाज की सेवा करना है तो मुझे लगता है कि वह मार्ग एक बहुत अच्छा मार्ग है। उस मार्ग पर आप मजबूती के साथ कदम बढ़ाते रहिए। एक बार फिर से आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, जयहिंद।

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