पिता की साहित्यिक विरासत को सहेज रही बेटी, जसूर के वरिष्ठ पहाड़ी कवि नवीन हलदूणवी की बेटी प्रतिभा शर्मा बिलासुपर में दे रही कविता को नई धार

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पिता की साहित्यिक विरासत को सहेज रही बेटी, जसूर के वरिष्ठ पहाड़ी कवि नवीन हलदूणवी की बेटी प्रतिभा शर्मा बिलासुपर में दे रही कविता को नई धार
बिलासपुर से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट
कांगड़ा जिला के जसूर के वरिष्ठ पहाड़ी कवि नवीन हलदूणवी की बेटी प्रतिभा शर्मा अपने पिता की साहित्यिक विरासत को सहेजने में जुटी हैं। वे बिलासुपर में दे रही कविता को नई धार दे रही हैं। बिलासपुर जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनत्थर में हिदी के प्रवक्ता के तौर पर सेवाएं दे रहीं प्रतिभा शर्मा उभरती हुई कवियत्री हैं और साहित्य के कई मंचों पर उनकी रचनाओं को खूब सराहना मिलती है।
हिमाचल भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग तथा अकादमी शिमला और हिमाचल पत्रकार संघ बिलासपुर के मासिक कवि सम्मेलन के कार्यक्रमों में नियमित हिस्सा लेती आ रहीं हैं। उनकी रचनाएं गिरिराज, हिमप्रस्थ ,अदभुत इंडिया, सर्व भाषा ट्रस्ट दिल्ली, बालवाणी हिंदी संस्थान उत्तर प्रदेश, अखिल भारतीय सृजन सरिता पत्रिका व डोगरी की पत्रिका शीराज़ा में प्रकाशित हो चुकी हैं।
कांगड़ा की बेटी, बिलासपुर की बहू
प्रतिभा शर्मा का जन्म कांगड़ा जिला के काव्य कुंज छत्तरोली में बिशम्बर कुमार उर्फ नवीन हलदूणवी के व माता सुषमा रानी शर्मा के घर हुआ। उन्होंने एमए हिंदी व बीएड जम्मू विश्वविद्यालय से तथा शास्त्री की पढ़ाई जम्मू के रणवीर विद्यापीठ से की है। उनकी शादी बिलासपुर के आचार्य संजय मिश्रा से हुई है। उनका बेटा भी बाल कवि के तौर पर अपनी पहचान बना चुका है।

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