पहाड़ी गीतकार के तौर पर कामयाब रहे शिक्षक प्रवीण कुमार ‘मास्टर’ ‘खट्टी कड़ी खा’ से लोक गायन में उतरे, खुद का लिखा और गाया गीत मचा रहा धूम

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पहाड़ी गीतकार के तौर पर कामयाब रहे शिक्षक प्रवीण कुमार ‘मास्टर’ ‘खट्टी कड़ी खा’ से लोक गायन में उतरे, खुद का लिखा और गाया गीत मचा रहा धूम
नगरोटा बगवां से भूपिंदर जमवाल ‘भूपी’ की रिपोर्ट
‘सोहणा-सुनक्खा’, ‘चिट्टी वो कमीज़’, ‘बापू पींद्दा बीड़ियां’, ‘मेरेया शंभुआ’ व ‘ढोल गळे जो’ जैसे पांच सुप्रसिद्ध पहाड़ी गीतों के गीतकार प्रवीण कुमार ‘मास्टर’ ने पहाड़ी डीजे शौक़ीन काफी पसंद कर रहे हैं। इस गीत के बोल स्वयं ‘मास्टर’ ने ही लिखे हैं और संगीत अंकित- आशीष की जोड़ी ने दिया है। इस म्यूजिक वीडियो की एडिटिंग फ्रंटलाइन फिल्मस ने की है, जबकी फोटो प्रिंस व रमन ने खींचे हैं। आने वाले समय में प्रवीण कुमार ‘मास्टर’ के लिखे और कई पहाड़ी गीत म्यूजिक वीडियो में आ रहे हैं।
परिवार और मित्रों को पहाड़ी लेखन- गायन का श्रेय
कांगड़ा जिला की नगरोटा बगवां तहसील के मस्सल गांव के निवासी एवं पेशे से जेबीटी शिक्षक प्रवीण कुमार ‘मास्टर’ वर्तमान में शिक्षा खण्ड नगरोटा बगवां में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह पहली बार गायकी में अपना हाथ आज़मा रहे हैं। वे अपने गीतों की कामयाबी का श्रेय अपने परिवार व अपने मित्रों को देते हैं। खासतौर पर वे गायक मित्तु को बतौर गीतकार अवसर देने और शिक्षक, कवि एवं लेखक भूपिंदर जमवाल ‘भूपी’ को पहाड़ी लेखन के लिए प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद देते हैं।
स्कूल के बच्चों को संगीत का प्रशिक्षण
कांगड़ी भाषा और संस्कृति संरक्षण के लिए प्रवीण के प्रयास सराहनीय हैं। उनकी लिखी कांगड़ी कविताएं और गीत मां बोली के चाहने वालों में अक्सर पसन्द किए जाते हैं। अपनी मातृभाषा के लिए सकारात्मक सोच के लिए जाने जाने वाले प्रवीण पाठशाला में भी अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं। उनके द्वारा संगीत में प्रशिक्षित बच्चों ने ज़िला और राज्य स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन किया है।

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