पहली में पढ़ते ही सिर से उठ गया पिता का साया, पढ़ाई के दौरान की मेहनत मजदूरी, दो मार्गदर्शक अधिकारियों की बदौलत बन गए तहसीलदार , अब  बने एचएएस 

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पहली में पढ़ते ही सिर से उठ गया पिता का साया, पढ़ाई के दौरान की मेहनत मजदूरी, दो मार्गदर्शक अधिकारियों की बदौलत बन गए तहसीलदार , अब  बने एचएएस 
पधर से विनोद भावुक की रिपोर्ट
अभी पहली कक्षा में प्रवेश लिया ही था कि सिर से पिता का साया उठ गया। मां ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी कर छह बच्चों को अपने पांवों पर खड़ा करने में ताउम्र संघर्ष किया। मां को संघर्ष करते देख उसने बचपन से अपने पांवों पर खड़ा होने का प्रण कर लिया। स्कूल में पढऩे के दौरान दिहाड़ी लगाई, लैंटर डाले। इवनिंग कॉलेज से इसलिए पढ़ाई कि ताकि दिन में मेहनत- मजदूरी का परिवार की आर्थिक मदद की जाए। एमए पॉलीटिकल सांइस कॉरसपोंडिंग की पढ़ाई के बाद प्राइवेट जॉब की और फिर सरकारी नौकरी मिली। सरकारी नौकरी के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी और अधिनस्थ सेवाएं बोर्ड की ओर से आयोजित परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार बन गये। हाल ही में मनोज कुमार पदोन्नति के बाद एचएएस ऑफिसर बन गए हैं।
यू आया लाइफ में टर्निग प्वांयट
मनोज कुमार ने दस साल तक फूड एंड सप्लाई विभाग में नौकरी की है। उन दिनों वे लाहुल मुख्यालय केलंग में तैनात थे। उसी दौरान डॉ. एस एस गुलेरिया व सतीश शर्मा भी केंलंग में विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं प्रदान कर रहे थे। उक्त दोनों अधिकारी आईएएस की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। ये दोनों अधिकारी मनोज कुमार के मार्गदर्शक बने और उन्होंने भी तैयारी शुरू कर दी। 1998 में वह नायब तहसीलदार के लिए चयनित हुए।
काम से बनाई पहचान
मूल रूप से मंडी शहर के रहने वाले मनोज कुमार ने मंडी की गिनती मधुरभाषी, मेहनती एवं मददगार अधिकारी के तौर पर होती है। वे तहसीलदार के तौर पर चंबा, पालमपुर, लड़भड़ोल, धर्मशाला, कोटली, नगरोटा बगवां और पधर में  सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। वर्तमान में वे कुल्लू में कार्यरत हैं और अब प्रसाशनिक अधिकारी पदोन्नत हुए हैं।
मां का आशीर्वाद, पत्ती का साथ
मनोज कुमार का कहना है कि उनके जीवन को संवारने में उनकी मां स्वर्गीय द्रोमती देवी की अहम भूमिका है। पत्नी कृष्णा देवी हाउस वाइफ है, जिसने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया है। उनका एक बेटा व एक बेटी है। बेटा एनआईटी हमीरपुर से स्नातक कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है, वहीं बेटी नगरोटा बगवां से फार्मासिस्ट की पढ़ाई कर रही है।

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