पहली कविता से प्रथम पुरस्कार जीत बनाई पहचान, दिनाक्षी के सृजन को फोकस हिमाचल का वीमेन पॉवर सम्मान

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पहली कविता से प्रथम पुरस्कार जीत बनाई पहचान, दिनाक्षी के सृजन को फोकस हिमाचल का वीमेन पॉवर सम्मान
कांगड़ा से संजीव कौशल की रिपोर्ट
कांगड़ा जिला की ज्वालामुखी तहसील के तहत आते गांव सुधंगल की युवा कवियत्री दिनाक्षी की लिखी पहली ही कविता “मेरे सपनों का भारत” को जब राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में आयोजित काव्य प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मिला तो सृजन के उसकी शौक को नए पंख लग गए। इस पुरस्कार ने उसे न केवल श्रेष्ठ कवियों को पढने के लिए प्रेरित किया, बल्कि कविता लेखन को भी नई धार दी। यही कारण हैं कि लेखन के अल्पकाल में ही दिनाक्षी ने अपनी कविताओं से अपनी ख़ास पहचान बनाई है। उसकी “काला पाक” कविता सोमसी पत्रिका में प्रकाशित हुई है और खूब सराही गई है। उसकी “दिहाड़ीदार” कविता दिल्ली से बज्म ए हिंद काव्य संग्रह में प्रकाशित हुई है जबकि कई अन्य कविताएं दैनिक समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हो चुकी हैं। आकाशवाणी 101.8MHz में युवा मंच और साहित्यिक मंच में उनकी कई कविताएं टेलीकास्ट हुई है। विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में उसकी रचनाओं पर खूब तालियां मिलती हैं।
अकाउंटेंट के दिल में कविता के अंकुर
25 जून 1994 को माता पिंकी देवी और पिता मदन लाल के घर सुधंगल में पैदा हुई दिनाक्षी ने एम.ए. हिंदी करने के बाद योगा में एक साल का डिप्लोमा किया है। वर्तमान में वह एक निजी संस्था में बतौर अकाउंटेंट कार्यरत हैं। दिनाक्षी को साहित्य और लेखन कार्य में इशेष रुचि, है और हमेशा कुछ नया सीखने और पढ़ने में आनंद मिलता है। सृजन की दुनिया में साधनारत दिनाक्षी को उसकी शानदार काम के लिए हिमाचल प्रदेश भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी और फोकस हिमाचल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2021 के अवसर पर वीमेन पॉवर अवार्ड से सम्मानित किया है। दिनाक्षी से उनके ई-मेल:-dinakshisharms@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।

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