पढ़ाई के लिए सब्जी बेच पैसे जुटाए, मेहनत के दम पर विदेशों में छाए, चम्बा के प्रोफेसर महिंद्र सलारिया की प्रेरककथा

Spread the love

पढ़ाई के लिए सब्जी बेच पैसे जुटाए, मेहनत के दम पर विदेशों में छाए, चम्बा के प्रोफेसर महिंद्र सलारिया की प्रेरककथा
चंबा से मनीष वैद की रिपोर्ट
चंबा कॉलेज के प्रो. महेंद्र सलारिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध को लेकर चर्चा में हैं। उनकी पुस्तक ‘इकोलॉजी एंड डवलपमेंट : सोशल इन्वायरमेंट परस्पेक्टिव’ प्रकाशित हुई है। फिनलैंड की टरकू एंड होलेंस्की यूनिवर्सिटी से पोस्ट डॉक्टरेट करने वाले सलारिया बेशक आज अपनी मेहनत और लगन के बलबूते आसमान की बुलंदियां छू रहे हों, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि उन्हें अपनी स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई को पूरी करने के लिए सब्जी बेचनी पड़ी है। घोर गरीबी के बावजूद प्रो. सलारिया की कामयाबी प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो गरीबी का रोना रोकर अपने इरादों को कुंद कर देते हैं।
दुनिया भर में गूंजा नाम
महेंद्र सलारिया ने नवंबर 2011 से मार्च 2015 तक फिनलैंड में बदलते सामाजिक आर्थिक परिवेश में जीविका उपार्जन सुरक्षा पर अध्ययन किया। वह पर्थ में 13वें इंटरनेशनल रीवर सिंपोजियम में जल विद्युत विकास जीव नदियों और रोजी-रोटी के अस्तित्व पर खतरा विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। वर्ष 2009 में दूसरी इंडो-जर्मन साइंस कांफ्रेंस में ऊर्जा उत्पादन-विकास के नए मॉडल की जरूरत विषय पर अपनों रिसर्च पेपर पढ़ चुके हैं। जर्मनी के बॉन में आयोजित 7वीं इंटरनेशनल साइंस कांफ्रेंस में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट-ए केस स्टडी ऑफ एनएचपीसी ऑन्ड पावर प्रोजेक्ट्स इन इंडिया विषय पर अपना रिसर्च पेपर पेश कर चुके हैं। वह साऊथ कोरिया के जैज प्रांत में एक प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए चयनित हो चुके हैं।
स्टूडेंट्स में लोकप्रिय प्रोफ़ेसर
महिंद्र सलारिया चम्बा के विकास से जुड़े कई मह्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। उनकी गिनती चम्बा की उन प्रतिभाओं में होती है जो चम्बा के सामाजिक आर्थिक बदलाव में अहम् भूमिका अदा कर रहे हैं। अपने दोस्तों में महिंद्र सलारिया की पहचान एक मददगार दोस्त के तौर पर होती है, वहीं स्टूडेंट्स के बीच वह एक मेहनती और व्यवहारिक प्रोफ़ेसर के तौर पर लोकप्रिय हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *