निफ्ट केरल के कैम्पस डायरेक्टर ने निफ्ट पंचकूला की स्थापना में निभाई अहम भूमिका, पढ़िए नगरोटा बगवां के प्रतिभावान डॉ. पुनीत सूद की प्रेरककथा

Spread the love

निफ्ट केरल के कैम्पस डायरेक्टर ने निफ्ट पंचकूला की स्थापना में निभाई अहम भूमिका, पढ़िए नगरोटा बगवां के प्रतिभावान डॉ. पुनीत सूद की प्रेरककथा
धर्मशाला से विनोद भावुक की रिपोर्ट
डॉ. पुनीत सूद पिछले डेढ़ साल से राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट), कन्नूर, केरल के कैम्पस डायरेक्टर हैं। कैम्पस डायरेक्टर के तौर पर डॉ. पुनीत सूद ने कैम्पस में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, अनुसंधान और परामर्श सहित अकादमिक कार्यों का समन्वय करने, उद्योग और ओल्ड स्टूडेंट्स के इंटरफेस को सक्षम करने, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने में अहम् भूमिका अदा की है। उन्होंने परियोजनाओं के समन्वय, निफ्ट की क्राफ्ट क्लस्टर पहल, कैम्पस की संपत्ति, वित्त और खातों के समग्र प्रबंधन में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इसी के साथ उन्होंने कैम्पस में स्टूडेंट्स, शिक्षकों और कर्मचारियों की समग्र भलाई सुनिश्चित करने, रचनात्मकता, नवाचार, आपसी सम्मान और सहयोग का माहौल बनाने की दिशा में बेहतरीन काम किया है। डॉ. पुनीत सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां विकास खण्ड के पठियार गांव से संबंध रखते हैं। एक छोटे से गांव की इस प्रतिभा के राष्ट्रीय फलक पर छाने के सफर की कहानी रोचक और प्रेरक है।
निफ्ट कन्नूर: ग्रीन कैंपस, रैंकिंग में 11वां स्थान
डॉ. पुनीत ने कोविडकाल के दौरान साल 2020 के दौरान निफ्ट कन्नूर में लगभग 87 लाख रुपये की परामर्श परियोजनाएं निष्पादित करने में अहम भूमिका अदा की। उनके प्रयासों के चलते स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2021 में निफ्ट कन्नूर कैंपस को ग्रीन कैंपस घोषित किया गया। उन्होंने निफ्ट कन्नूर में उद्योग और कामकाजी पेशेवरों के लिए लघु अवधि के कार्यक्रम शुरू किए। साल 2021 में आउटलुक वार्षिक रैंकिंग में भारत के सर्वश्रेष्ठ फैशन कॉलेजों में निफ्ट कन्नूर को 11वें स्थान पर रखा गया। उन्होंने कन्नूर टेक्सटाइल्स के पुनरुद्धार पर निफ्ट कन्नूर में अनुसंधान में सहयोग के लिए रेडिफ इंडिया के साथ बातचीत शुरू की। वे कैम्पस के विकास के लिए केंद्र सरकार के 13.85 करोड़ का अनुदान जुटाने में सक्षम रहे। उनके दिशा निर्देशन में साल 2021 में विभिन्न परियोजनाओं के साथ लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की परामर्श परियोजनाओं का कार्यान्वयन जारी है।
निफ्ट पंचकूला की स्थापना में रोल
डॉ. पुनीत सूद को फरवरी 2021 से जुलाई 2021 तक निफ्ट पंचकूला के कैंपस निदेशक रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली। उन्होंने इस नए कैम्पस को शुरू और स्थापित करने के शुरुआती दौर कई महत्वपूर्ण कार्य किये। उन्होंने इस निफ्ट सेंटर में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की। निफ्ट पंचकूला में 133 करोड़ की परियोजना को अंतिम चरण तक पहुंचाने में उनकी ही भूमिका रही। उन्होंने यहाँ कामकाजी पेशेवरों के लिए पांच शिक्षा कार्यक्रम (सीई कार्यक्रम) शुरू किये। हरियाणा सरकार से निफ्ट पंचकूला कैम्पस के लिए 10 करोड़ और गैर-निर्माण बुनियादी ढांचे के लिए 8 करोड़ फंड प्राप्त करने में सफलता हासिल की।
उच्च शिक्षित हैं डॉ. पुनीत सूद
साल 1989 – 1993 डॉक्टर बाबासाहेब अम्बेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से बी.ई. ईसीई की डिग्री। साल 2005 – 2008 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रशासन और सामान्य प्रबंधन में एमबीए किया। उन्हें साल 2006 में रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3060 ने पर्सनैलिटी ऑफ़ द इयर का ख़िताब दिया। उन्होंने साल 2011 में यूनिवर्सिटी लेवल टीचिंग इन मैनेजमेंट के लिए यूजीसी नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) परीक्षा पास की। उन्होंने साल 2011-2015 में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय से मानव संसाधन प्रबंधन, कार्मिक प्रशासन में पीएचडी की डिग्री हासिल की। इस बीच साल 2012 में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडियन चैप्टर, कोलकाता, (एमआईई) में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन एमआईए प्राप्त की।
कैरियर के सफर के मील पत्थर
डॉ. पुनीत सूद साल 1993 से साल 1994 तक एल्प्स कंप्यूटर चंडीगढ़ में स्टार्टअप पार्टनर रहे। वे दिसंबर 1994 से 1995 टेलीरेक्स कम्युनिकेशंस इंडिया प्राईवेट लिमिटेड चंडीगढ़ में एक्सक्यूटिव मार्केटिंग रहे। वे साल 1995 से साल 1997 तक वीएचईएल इंडिया लिमिटेड, दिल्ली के कार्यकारी इंजीनियर रहे। वे साल 1997 से साल 2012 तक पॉलिटेक्निक, कांगड़ा के सीनियर लेक्चरर और प्लेसमेंट कोर्डिनेटर रहे। साल 2005 से 2009 तक जरूरतमंद लोगों को उद्योग से जोड़ने के लिए उन्होंने गैर सरकारी संगठन ‘लक्ष्य पुनीत’ के सलाहकार और प्लेसमेंट आयोजक की भूमिका अदा की। वे सितंबर 2017 से फरवरी 2020 तक गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज कांगड़ा आईटी विभाग के प्रमुख। वे जनवरी 2014 से फरवरी तक राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान हिमाचल प्रदेश के विजिटिंग फैकल्टी और जूरी सदस्य हैं। वे हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के एमबीए प्रोग्राम के समन्वयक और स्किल इंडिया प्रोजेक्ट के लिए हिमाचल की टीम के सदस्य हैं।
कई संस्थानों के साथ जुड़े हैं डॉ. पुनीत
डॉ. पुनीत सूद गवर्नमेंट पीजी कॉलेज धर्मशाला के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, के बीओजी सदस्य है। वे आईआईआईटी ऊना के उद्योग संस्थान संबंध और प्लेसमेंट समिति के सदस्य हैं। वे केरल के युवाओं को वैश्विक स्तर पर भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित केरल सरकार के निकाय के-डीआईएससी के कार्यकारी सदस्य हैं। वे केरल के कपड़ा संघों और राज्य स्तर पर इन्कुवेशन सेंटरों से संबंधित विभिन्न समितियों के सदस्य हैं। डॉ. पुनीत सूद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों की संबद्धता के लिए विभिन्न समितियों के सदस्य हैं। वे दिल्ली और हरियाणा सरकार के विभिन्न संस्थानों में फैशन डिजाइनिंग में पाठ्यक्रम के विकास के लिए आमंत्रित सदस्य हैं। वे निफ्ट, जीई पाठ्यक्रम और हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए पाठ्यक्रम विकास के लिए सदस्य हैं।
19 शोधपत्र प्रस्तुत कर चुके हैं डॉ. पुनीत सूद
डॉ. पुनीत सूद ने टीकेएम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, केरल की और से अक्टूबर 2020 में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान सम्मेलन में ‘फैशन उद्यमियों के बीच सतत अभ्यास: केरल फैशन स्ट्रैटअप के बीच अध्ययन शीर्षक से रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया। उन्होंने निफ्ट जोधपुर में वस्त्र फैशन और शिल्प में प्रगति पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ‘कोविड के प्रभाव पर शोध पत्र : कार्यात्मक फैशन में सामाजिक उद्यमिता के अवसर’ प्रस्तुत किया। टीकेएम प्रबंधन संस्थान की और से आयोजित चौथे अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान सम्मेलन में ‘फैशन उद्यमियों के बीच सतत अभ्यास’ पर शोध पत्र पढ़ा। उन्होंने ‘प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के मुद्दों के माध्यम से मानव संसाधन की स्थिरता का प्रबंधन’ पर शोधपत्र लिखा है। उन्होंने ‘ई-गवर्नेंस: सामाजिक न्याय प्रदान करने के लिए नए साधन और उपकरण’ हिमाचल प्रदेश के सन्दर्भ में एक केस स्टडी की है। उन्होंने ‘आईएसओ 26000 और सामाजिक उत्तरदायित्व’ पर शोधपत्र लिखा है। वे राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय सम्मेलनों 19 शोधपत्र प्रस्तुत कर चुके हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *