निकोलस रोरिख आर्ट गैलरी नग्गर में प्रदर्शनी से सामने आया कांगड़ा की युवा पेंटर दीपाली वर्मा का रंगों से खेलने का हुनर, अब कांगड़ा मिनिएचर पेंटिंग्स की बारीकियां सीखने की जिद

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निकोलस रोरिख आर्ट गैलरी नग्गर में प्रदर्शनी से सामने आया कांगड़ा की युवा पेंटर दीपाली वर्मा का रंगों से खेलने का हुनर, अब कांगड़ा मिनिएचर पेंटिंग्स की बारीकियां सीखने की जिद
कांगड़ा से संजीव कौशल की रिपोर्ट
निकोलस रोरिख आर्ट गैलरी नग्गर में पिछले माह आयोजित सामूहिक प्रदर्शनी में कांगड़ा जिला के कोटला की युवा पेंटर दीपाली वर्मा की पेंटिंग्स खास आकर्षण का केंद्र रहीं। पेंटिंग के लिए प्रकृति उसका सबसे पसंदीदा विषय है और दीपाली की ज्यादातर पेंटिंग्स हिमाचल प्रदेश से ही प्रेरित हैं। दीपाली उसी को रंगों में ढालने की कोशिश करती है, जो सबकी आंखों को सुकून दे और खुद पेंटर के दिल को भी भाये। दीपाली की रंगों की दुनिया में हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, धौलाधार पर्वत, देवदार के पेड़, पुराने हिमाचली घर, मंदिर, झीलें और नदियां महत्वपूर्ण स्थान रखते है। आइये, आज दीपाली वर्मा की रंगों की दुनिया की सैर करते हैं और उनके इस हुनर की परवाज को मापते हैं।
अब कांगड़ा चित्रकला पर फोकस
दीपाली वर्मा कहती हैं कि अभी वह कांगड़ा मिनिएचर पेंटिंग्स पर काम कर रही है। दीपाली कहती हैं कि उसने कुछ समय तक कांगड़ा कला संग्राहलय धर्मशाला में जाकर कांगड़ा मिनिएचर पेंटिंग्स के चित्रकार मुकेश से इस मशहूर चित्रकला की बारीक़िया सीखी हैं। अब इस दिशा में अपनी कला को निखारने में जुटी हैं।
पहली प्रदर्शनी से बेहतर करने की सीख
दीपाली कहती है कि वह खुशकिस्मत रही है कि उसे अपनी पहली प्रदर्शनी निकोलस रोरिख आर्ट गैलरी नग्गर में प्रदर्शनी लगाने का मौका मिला और तीन दिन की प्रदर्शनी उसके लिए अद्भुत अनुभव रहा। न केवल अन्य चित्रकारों से रूबरू होने का अवसर मिला बल्कि उनके खुद के काम के लिए मिली शाबाशी ने और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
केन्द्रीय विश्वविद्यालय में अध्यापन
दीपाली वर्मा ने स्नातकोत्तर मैं MCA गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला से कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री की है। हिमाचल अपने करियर के लिए प्रदेश से बाहर जाने के बजाये यहीं पर रह कर ही कुछ विशेष करने की सोची। पढ़ाई के बाद दीपाली ने कुछ समय के लिए केंद्रीय विद्यालय में अध्यापन कार्य किया।
अपने शौक के लिए जीओ
दीपाली वर्मा का कहना है कि उसे बचपन से ही कला का बहुत शौक था। पढ़ाई के दौरान वह हमेशा कोई न कोई चित्र बनाती रहती थी। दीपाली कहती है कि वह हमेशा इस बात पर केंद्रित रहती है कि हर किसी को अपने पैसन का अनुसरण करना चाहिए, जिसे भी आप प्यार करते हो।
पशुओं के लिए ख़ास हमदर्दी
दीपाली वर्मा न केवल एक संवेदनशील कलाकार है, बल्कि पशुओ की सेवा करने मैं विश्वास रखती है। पशु खुद अपनी मदद नहीं कर सकते हैं इसलिए मैं सभी से यह कहना चाहती हूँ कि आप कहीं राह में कोई भी चोटिल पशु पाएं तो उसकी मदद जरूर कर दें । दीपाली कहती है कि वह चित्रकला की एक स्टूडेंट है और अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।

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