नयनादेवी, ज्वालामुखी और बगलामुखी के हवनकुंड में देसी गाय के गोबर से बनीं समधा, बिलासपुर के कोठीपुरा की कविता की ‘आर्दश कामधेनु इंटरप्राइजेज’ गोबर से तैयार कर रहीं बीस उत्पाद

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नयनादेवी, ज्वालामुखी और बगलामुखी के हवनकुंड में देसी गाय के गोबर से बनीं समधा, बिलासपुर के कोठीपुरा की कविता की ‘आर्दश कामधेनु इंटरप्राइजेज’ गोबर से तैयार कर रहीं बीस उत्पाद

बिलासपुर से विनोद भावुक की रिपोर्ट
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनादेवी, ज्वालामुखी और बगलामुखी मंदिरों के हवनकुड में देसी गाय के गोबर से बनी हुई लकड़ी (समधा) का प्रयोग किया जा रहा है। बिलासपुर जिला की महिला उद्यमी कविता गुप्ता ने हवन कुंड में प्रयोग होने वाली लकड़ी के विकल्प के तौर पर देसी गाय के गोबर से निर्मित समधा का उत्पाद तैयार किया है। इस उत्पाद के लिए भारी मांग है और शक्तिपीठों सहित प्रदेश भर के कई मंदिरों में गोबर से बनी समधा का प्रयोग किया जा रहा है। बिलासपुर जिला के सदर क्षेत्र के कोठीपुरा गांव की कविता गुप्ता ओद्यौगिक क्षेत्र बिलासपुर में ‘आर्दश कामधेनु इंटरप्राइजेज’ के बैनर तले धूप, अगरबत्ती, हवन सामग्री और समधा सहित बीस से भी अधिक उत्पाद निर्मित कर रहीं है। यह उत्तरी भारत का एकमात्र एक ऐसा उत्पाद केंद्र है, जहां तैयार होने वाले प्रत्येक उत्पाद में पर्यावरण तथा वातावरण में सात्विक, पवित्र, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा अर्जित करने वाले देसी गाय के गोबर को किसी न किसी मात्रा में अवश्य प्रयोग में लाया जाता है।

रोज आठ सौ लीटर दूध का उत्पादन


कविता गुप्ता 400 गौवंश के माध्यम से प्रतिदिन सात सौ से आठ सौ लीटर दूध का उत्पादन कर रही है। चार आऊटलेट्स के जरिये उपभोक्ताओं को दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है। दूध की गुणवत्ता और शुद्धता के चलते निरंतर मांग बढ़ रही है। कविता की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर तब पहचान मिली जब पिछली मोदी सरकार के दौरान वर्ष 2018 में तत्कालीन केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय कृषि विज्ञान भवन दिल्ली में कविता गुष्ता को उनके इस उद्यम के लिए पहाड़ी एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र के राष्ट्रीय गोपाल अवार्ड का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। कविता को व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रधानमत्रीं रोजगार सृजन योजना के अन्तर्गत 25 लाख रूपए प्राप्त हुए, जिसमें से 9 लाख रूपए की राशि उपदान के रूप में मिली।

बीस परिवारों को घर के पास रोजगार के अवसर
कविता गुप्ता प्रदेश से विलुप्त हो रही भारत की सर्वश्रेष्ठ गिरी नस्ल की गाय के संरक्षण व संवर्धन में जुटी हैं। उसकी गौशाला बीस से भी अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवा रही है। आदर्श कामधेनु इंटरप्राइजेज में देसी गाय के गोबर से मशीनों के माध्यम से तरह-तरह के पर्यावरण संरक्षण में सहायक उत्पाद निर्मित किए जाते है। यहां उत्पाद पैकिंग, तकनीकी नॉलेज व विभिन्न उत्पाद तैयार करने का निशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।


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