नगरोटा बगवां के जुड़वा भाई, कांगड़ी धाम के जायके से शोहरत पाई, बड़ा काका और छोटा काका की हिट जोड़ी की सार्वजनिक समारोहों में सामुदायिक भोजन बनाने के लिए भारी मांग

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नगरोटा बगवां के जुड़वा भाई, कांगड़ी धाम के जायके से शोहरत पाई, बड़ा काका और छोटा काका की हिट जोड़ी की सार्वजनिक समारोहों में सामुदायिक भोजन बनाने के लिए भारी मांग
नगरोटा बगवां से जसवंत जस्सो की रिपोर्ट
पाक कला का किसी- किसी को ही वरदान मिला होता है। कुछ लोग इतना लाजीज भोजन बनाते हैं कि खाने वाला उंगलियां चाटता रह जाता है। स्वादिष्ट खाना बनाने की इसी कला में माहिर हैं कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां शहर के अजय शर्मा और विजय शर्मा। वार्ड 6 के यह जुड़वा भाई ‘कांगड़ी धाम’ बनाने में इतने माहिर हैं कि अपने जायके जायके से शोहरत पाई है । इन्हें लोग बड़ा काका और छोटा काका कह कर बुलाते हैं और दो काकों की हिट जोड़ी की सार्वजनिक और पारिवारिक समारोहों में सामुदायिक भोजन बनाने के लिए भारी मांग रहती है।
डेढ़ दशक से रोजगार का आधार
अजय और विजय पिछले 15 सालों से कांगड़ी धाम बनाने का काम कर रहे हैं। वह सैंकड़ों अवसरों पर कांगड़ी धाम बनाकर वाहवाही लूट चुके हैं। नगरोटा बगवां, कांगड़ा, पालमपुर, बैजनाथ में उनसे धाम बनवाने वालों की खासी संख्या है। यह जोड़ी हिमाचल प्रदेश के बाहर भी कांगड़ी धाम बनाने के लिए हायर की जाती है। हिमाचल प्रदेश भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी शिमला और फोकस हिमाचल की और से 8 मार्च 2021 को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर टांडा मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित वीमेन पवार वार्ड समारोह में भी इसी जोड़ी ने कांगड़ी धाम तैयार कर तारीफ़ बटोरी थी।
कॉलेज में पढ़ते सीख ली धाम बनानी
एसएसबी में सेवारत रहे स्वर्गीय हंस राज शर्मा और सुदर्शना देवी के चार चार बेटों में अजय और विजय तीसरे और चौथे नम्बर पर हैं। एक भाई जल शक्ति विभाग में कार्यरत है, जबकि दूसरा भाई पुरोहित का काम करते हैं। 15 मार्च 1980 को जुडवा पैदा हुए अजय और विजय ने स्नातक तक पढाई की है। विजय अपने दौर में एक बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं और कॉलेज क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही दोनों भाइयों ने कांगड़ी धाम बनाने में महारत हासिल कर ली थी, जो आगे चल कर उनकी आर्थिकी का आधार बन गई।

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